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Back Pain : पीठ का दर्द एक आम समस्या है, दुनिया भर में लाखों लोग इससे पीड़ित हैं। हालांकि बहुत से लोगों को कभी कभी ही पीठ में दर्द होता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो लम्बे समय तक दर्द से परेशान रहते हैं, जिसका असर उनके जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है। जेपी हॉस्पिटल नोएडा में डिपार्टमेन्ट ऑफ न्यूरोसर्जरी, न्यूरो क्रिटिकल केयर एण्ड स्पाइन सर्जरी के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. दिनेश रत्नानी पीठ दर्द होने से जुड़ी परेशानियों के बारे में बता रहे हैं और साथ ही इसके सही उपचार की जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं पीठ दर्द की असली वजह।
डॉ. दिनेश रत्नानी का कहना है कि पीठ का दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसेः
1-पोस्चर ठीक न होना
2- मांसपेशियों में तनाव या खिंचाव
3-हर्निएटेड डिस्क
4- स्पाइनल स्टेनोसिस
5-डीजनरेटिव डिस्क रोग
कुछ मामलों में पीठ दर्द का कारण कुछ गंभीर रोग भी हो सकते हैं जैसे स्पाइनल ट्यूमर या इन्फेक्शन।
डॉ. दिनेश रत्नानी का कहना है कि पीठ दर्द के निदान के लिए न्यूरोसर्जन मरीज की पूरी जांच करता है। इसके लिए इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई किए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर नर्व कंडक्शन स्टडीज़ भी की जा सकती हैं। इन सभी जांचों से दर्द के कारण या चोट का पता लगाने में मदद मिलती है।
पीठ दर्द का कारण पता चल जाने के बाद, न्यूरोसर्जन मरीज के इलाज की योजना बनाता है। कुछ मामलों में फिजिकल थेरेपी, चिरोप्रेक्टिक केयर दी जाती है। ऐसे में दवाओं के द्वारा दर्द में आराम मिलता है और मरीज की गतिशीलता बेहतर होती हैं। हालांकि गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।
पीठ दर्द के इलाज के लिए कई प्रकार की सर्जरी की जा सकती है, जो दर्द के कारण पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिएः
1- स्पाइन को स्टेबल करने के लिए स्पाइनल फ्यूजन सर्जरी की जाती है, ताकि डिजनरेशन डिस्क रोग या स्पाइनल स्टेनोसिस के मामले में आगे और डीजनरेशन न हो।
2-वहीं हर्निएटेड डिस्क को निकालने के लिए डाइसेक्टोमी की जाती है, क्योंकि इस तरह की डिस्क नर्व रूट पर दबाव बना रही होती है।
3-ज्यादातर मामलों में दवाओं से इलाज की कोशिश की जाती है लेकिन कुछ मरीज़ों में स्पाइनल इंजेक्श या रेडियोफ्रिक्वेन्सी उपचार भी दिया जाता है। जिससे मरीज़ को आराम मिलता है।
हालांकि बहुत गंभीर मामलों में सर्जरी ही करनी पड़ती है।
डॉ. दिनेश रत्नानी का कहना है कि चिकित्सकीय उपचार के अलावा जीवनशैली में बदलाव लाने से भी दर्द में आराम मिलता है। इसके लिए मरीज़ को अपने वज़न पर नियन्त्रण रखना चाहिए, नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए, हमेशा अच्छे पोस्चर में उठें-बैठें। ये सभी ऐहतियात बरतने से पीठ दर्द की संभावना कम होती है और स्पाइन के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
कुल मिलाकर पीठ दर्द एक आम समस्या है जो कई कारणों से हो सकती है। न्यूरोसर्जन कारण और निदान समझ कर इलाज करता है। जहां एक ओर कुछ मरीज़ों में फिज़िकल थेरेपी और दवाओं से फायदो होता है, वहीं गंभीर मामलों में सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है। जीवनशैली में बदलाव लाकर पीठदर्द की संभावना को कम किया जा सकता है जैसे
1- अपने वजन पर नियन्त्रण रखें
2- नियमित रूप से व्यायाम करें
3- अच्छा पोस्चर अपनाएं।
न्यूरोसर्जन की मदद से मरीज़ को पीठ दर्द में आराम मिलता है और उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो जाती है।