थायराइड की रिपोर्ट कैसे पढ़ें? जानिए T1, T2, T3 और T4 का मतलब बता रहे हैं डॉक्टर

थायराइड की रिपोर्ट में मुख्य रूप से T1,T2, T3 और T4 के बारे में लिखा हुआ होता है। लेकिन आम लोग इस बात को समझ नहीं पाते हैं कि आखिरकार T1,T2, T3 और T4 क्या होता है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 23, 2026 1:29 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Himika Chawla

आजकल थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। वजन बढ़ना, कमजोरी, बाल झड़ना, चिड़चिड़ापन, ज्यादा पसीना आना या थकान जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर अक्सर थायराइड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। ताकि थायराइड की स्थिति क्या है इसका पता लगाया जा सके। हालांकि जब किसी व्यक्ति के हाथ में थायराइड की रिपोर्ट आती है तो उसमें लिखे T1, T2, T3, T4 और TSH जैसे शब्द कई लोगों को समझ नहीं आते। लगभग 6 साल पहले मेरे हाथ में थायराइड की रिपोर्ट आई थी, तब मैं भी उसमें इस तरह से शब्द पढ़कर कंफ्यूज हो गई थी। रिपोर्ट आने के 2 दिन बाद मेरा डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट था, तब तक मेरे दिमाग में T1, T2, T3, T4 को लेकर इतने सवाल आ चुके थे कि पूछो ही मत। खैर ये सवाल मैंने डॉक्टर से नहीं पूछे, लेकिन हां डॉक्टर थायराइड की रिपोर्ट कैसे पढ़ी जाती है, उसके बारे में जरूर जान लिया। 25 मई को जब वर्ल्ड थायराइड डे मनाया जा रहा है। तब हम आपको बताने जा रहे हैं थायराइड रिपोर्ट को कैसे पढ़ा जाता है और इन हार्मोन का शरीर में क्या काम होता है।

क्या है थायराइड?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट बताती है कि थायराइड गले के सामने मौजूद एक छोटी तितली के आकार की ग्रंथि होती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी शरीर में एनर्जी को बनाने का काम करती है। थायराइड ग्रंथि कई हार्मोन बनाती है, जिनमें मुख्य रूप से T3 और T4 शामिल हैं।

थायराइड रिपोर्ट में क्या-क्या होता है?

दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल की डॉ. हिमिका चावला के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के थायराइड प्रोफाइल टेस्ट में ये चीजें जांची जाती हैं:

  1. TSH
  2. T3
  3. T4

कभी-कभी Free T3 और Free T4। इसके अलावा कुछ रिपोर्ट में T1 और T2 का भी जिक्र हो सकता है।

T1 और T2 क्या होते हैं?

डॉ. हिमिका चावला बताती हैं कि T1 और T2 थायराइड हार्मोन के शुरुआती रूप माने जाते हैं, लेकिन सामान्य थायराइड टेस्ट में इनकी जांच बहुत कम की जाती है। मेडिकल प्रैक्टिस में सबसे ज्यादा महत्व T3, T4 और TSH को दिया जाता है।

  1. T1 (Mono Iodothyronine): इसमें आयोडीन का एक अणु होता है
  2. T2 (Diiodothyronine): इसमें आयोडीन के दो अणु होते हैं

ये दोनों हार्मोन शरीर में मौजूद तो होते हैं।

thyroid ke lakshan

T3 क्या होता है?

डॉक्टर बताती हैं कि T3 यानी Triiodothyronine थायराइड का एक्टिव हार्मोन माना जाता है। यह शरीर की ऊर्जा, हार्ट रेट, बॉडी टेम्परेचर और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने का काम करता है। किसी भी नॉर्मल व्यक्ति का T3 रेंज लगभग 80 से 200 ng/dL (लैब के अनुसार बदल सकती है) होता है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में T3 बढ़ा हुआ है, तो उसमें नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैंः

  1. वजन तेजी से घटना
  2. घबराहट
  3. ज्यादा पसीना
  4. दिल की धड़कन तेज होना

इसके उल्टा जब T3 लेवल कम हो तो नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैंः

  1. शारीरिक कमजोरी
  2. हमेशा सुस्ती महसूस होना
  3. वजन बढ़ना
  4. ठंड ज्यादा लगना

Thyroid Thyroid. (Image: AI Generated)

T4 क्या होता है?

T4 यानी Thyroxine थायराइड द्वारा सबसे ज्यादा बनने वाला हार्मोन है। शरीर जरूरत के अनुसार T4 को T3 में बदलता है। एक सामान्य व्यक्ति के शरीर में T4 की रेंज 5- 12 µg/dL तक हो सकती है। किसी व्यक्ति के शरीर में T4 की रेंज बढ़ी हुई तो उसमें नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैंः

  1. हाइपरथायराइड की संभावना
  2. बेचैनी और नींद की समस्या
  3. हाथ कांपना

इसके उलटा जब किसी व्यक्ति के शरीर में T4 लेवल कम होता है, तो उसके लक्षण इस प्रकार हैंः

  1. हाइपोथायराइड की संभावना
  2. थकान
  3. सूजन
  4. बाल झड़ना

TSH क्या होता है?

TSH यानी Thyroid Stimulating Hormone पिट्यूटरी ग्लैंड द्वारा बनाया जाता है। इसका काम थायराइड को कंट्रोल करना होता है। TSH बढ़ा हो तो आमतौर पर यह हाइपोथायराइड का संकेत होता है, यानी थायराइड कम काम कर रहा है। वहीं TSH कम होने पर यह हाइपरथायराइड का संकेत हो सकता है, यानी थायराइड ज्यादा एक्टिव है।

थायराइड रिपोर्ट कैसे समझें?

रिपोर्ट संभावित स्थिति

  1. TSH बढ़ा, T3/T4 कम Hypothyroidism
  2. TSH कम, T3/T4 बढ़ा Hyperthyroidism
  3. सभी सामान्य थायराइड सामान्य
  4. TSH हल्का बढ़ा, T3/T4 सामान्य Subclinical Hypothyroidism

थायराइड रिपोर्ट को समझना मुश्किल नहीं है। T3 और T4 शरीर की ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं, जबकि TSH उन्हें कंट्रोल करने का काम करता है। T1 और T2 की भूमिका सीमित होती है और सामान्य टेस्ट में इन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। अगर रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी दिखाई दे, तो खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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