तेज-तपती गर्मी में ऐसे कैसे अपनी सेहत का ख्याल? बस डॉक्टर की बताई इन टिप्स को करें फॉलो

Tez Dhoop Mai Apna Khayal Kaise Rakhe: जिस तरह गर्मी बढ़ रही है, हम सभी के लिए यह बहुत जरूरी हो गया है कि हम अपनी सेहत का ख्याल रखें। डॉक्टर से जानते हैं बेहतर तरीका क्या है।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Published : April 23, 2026 12:02 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Chaitanya Kulkarni

जैसे-जैसे गर्मियों में तापमान बढ़ता है, लू (हीटवेव) से सेहत को गंभीर खतरे होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसमें डिहाइड्रेशन, गर्मी से थकावट और जानलेवा हीट स्ट्रोक शामिल हैं। बहुत ज्यादा गर्मी हर किसी को प्रभावित करती है, लेकिन बच्चे, बुजुर्ग, बाहर काम करने वाले लोग और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को इससे ज्यादा खतरा होता है। 

खासकर भारत जैसे इलाकों में, जहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अक्सर अलर्ट जारी करता है, कुछ आसान सावधानियां बरतकर जान बचाई जा सकती है। भरी तपती गर्मी में आप और आपके परिवार की सेहत बनी रही, इसके लिए हमने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई के इंटरनेल/जनरल मेडिसिन डॉक्टर चैतन्य कुलकर्णी से बात की। उन्होंने बताया कि कौन से उपायों को अपनाकर आप इस लू से बच सकते हैं।

हाइड्रेटेड रहने की दी सलाह

डॉक्टर ने कहा कि आप दिन भर खूब पानी पिएं, भले ही आपको प्यास न लगी हो। बहुत ज्यादा गर्मी में प्यास लगना कोई भरोसेमंद संकेत नहीं है। एक बार में बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय, थोड़ी-थोड़ी देर में घूंट-घूंट करके पानी पिएं। इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS), छाछ, नींबू पानी या लस्सी पिएं।

कैफीन वाले ड्रिंक्स, शराब और मीठे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि इनसे डिहाइड्रेशन और बढ़ सकता है। जब भी बाहर निकलें, तो अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें। पानी से भरपूर चीजें, जैसे फल (तरबूज, खीरा) और सलाद खाएं।

अपने शरीर और घर को ठंडा रखें

दिन में सबसे ज्यादा गर्मी के समय, आमतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक (या IMD के दिशानिर्देशों के अनुसार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक) घर के अंदर ही रहें। अगर आपके पास एयर कंडीशनिंग (AC) नहीं है, तो पंखों का इस्तेमाल करें, लेकिन ध्यान रखें कि 90°F (32°C) से ज्यादा तापमान होने पर सिर्फ पंखे काफी नहीं होंगे। आप इस कुछ अन्य तरीकों को भी अपना सकते हैं- 

  • ऐसे में ठंडे पानी से नहाएं या शॉवर लें। 
  • दिन के समय खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दे या ब्लाइंड्स डालकर रखें, ताकि सूरज की रोशनी घर के अंदर न आए। 
  • साथ ही रात के समय खिड़कियां खोल दें, ताकि घर में ताजी हवा आ सके। 
  • घर को ठंडा रखने के लिए पंखे के आगे बर्फ से भरा एक कटोरा रख दें, या अपने गले और माथे पर गीले कपड़े रखें। 
  • हल्के रंग के ढीले-ढाले और हल्के सूती कपड़े पहनें, जो गर्मी को सोखने के बजाय उसे वापस भेजते हैं और जिनमें हवा आसानी से आ-जा सके। 
  • गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि वे सूरज की रोशनी को सोख लेते हैं।

बाहर कम से कम निकलें

डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप बाहर के जरूरी काम सुबह-सवेरे या शाम के समय ही करें। अगर आपको बाहर निकलना ही पड़े, तो छांव में रहें, चौड़ी किनारी वाली टोपी और धूप का चश्मा पहनें, और अपनी त्वचा पर सनस्क्रीन लगाएं। ज्यादा सुरक्षा के लिए छाते का इस्तेमाल करें।

थोड़ी-थोड़ी देर में किसी ठंडी जगह पर आराम करें, अपनी गति धीमी रखें और बहुत ज्यादा मेहनत वाला व्यायाम या भारी काम करने से बचें। बच्चों, बुजुर्गों या पालतू जानवरों को कभी भी खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, भले ही कुछ ही देर के लिए क्यों न छोड़ें- क्योंकि गाड़ी के अंदर का तापमान बहुत तेजी से खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है।

डॉक्टर ने बताए खतरे के संकेत- इन्हें जरूर पहचानें

गर्मी से होने वाली बीमारियों के लक्षणों पर नजर रखें। गर्मी से थकावट के लक्षणों में बहुत ज्यादा पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, जी मिचलाना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और त्वचा का ठंडा व चिपचिपा हो जाना शामिल हैं। व्यक्ति को छांव में ले जाएं, कपड़े ढीले करें, ठंडा पानी या गीले कपड़े लगाएं, और अगर व्यक्ति होश में हो तो उसे तरल पदार्थ (पानी/जूस) दें। 

हीट स्ट्रोक ज्यादा गंभीर होता है, ऐसे में आपके शरीर का तापमान बहुत ज्यादा (103°F/40°C से ऊपर), त्वचा गर्म/लाल/सूखी, भ्रम, तेज नब्ज, या बेहोशी की स्थिति आ सकती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत किसी को मदद के लिए बुलाएं, व्यक्ति को पानी और पंखे से तेजी से ठंडा करें, लेकिन अगर व्यक्ति बेहोश हो तो उसे जबरदस्ती कुछ भी पीने को न दें।

ऐसे रखें परिवार वालों का ध्यान

डॉक्टर कहते हैं कि आप अपने परिवार, पड़ोसियों और कमजोर लोगों का ध्यान रखें। अपने पास एक इमरजेंसी किट जरूर रखें जिसमें पानी, ORS के पैकेट, एक थर्मामीटर और एक पंखा हो। अगर आपका घर बहुत ज्यादा गर्म हो जाए, तो मॉल, लाइब्रेरी या कम्युनिटी कूलिंग सेंटर जैसी सार्वजनिक जगहों पर जा सकते हैं। घर के अंदर गर्मी बढ़ने से रोकने के लिए ओवन का इस्तेमाल कम करें।

डॉक्टर ने दी सलाह

पर्याप्त पानी पीकर, खुद को ठंडा रखकर, धूप में कम निकल कर और लक्षणों पर तुरंत कार्रवाई करके आप खुद को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रख सकते हैं। जलवायु पैटर्न में बदलाव के कारण लू लगने की घटनाएं ज्यादा आम होती जा रही हैं, इसलिए पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी है। IMD या संबंधित अधिकारियों से मौसम के स्थानीय अपडेट सुनते रहें और अपनी दिनचर्या से ज्यादा सुरक्षा को प्राथमिकता दें। आज उठाए गए छोटे-छोटे कदम कल आने वाली किसी भी इमरजेंसी को रोक सकते हैं।

निष्कर्ष- गर्मी में खुद को हल्दी रखने के लिए आप थोड़ा-थोड़ा करके पूरे दिन पानी पिएं और धूप में निकलने से बचें। साथ ही अगर आपको शरीर में कमजोरी, चक्कर आना या मितली आने जैसी परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। सही इलाज डॉक्टर के पास जाकर ही हो सकता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.