
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : January 22, 2026 1:26 PM IST
Medically Verified By: Dr Deepak Kumar Mishra
Gym Se Judi Health Tips: आजकल फिटनेस के प्रति बढ़ते क्रेज के चलते बड़ी संख्या में युवा और वयस्क जिम में हैवी वेट ट्रेनिंग कर रहे हैं। मसल्स बनाने और स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए वेटलिफ्टिंग फायदेमंद जरूर है, लेकिन अगर सही तकनीक और सावधानियों का पालन न किया जाए, तो इससे जोड़ों (Joints) और टेंडन्स (Tendons) को गंभीर चोट लग सकती है। कई बार यह चोट लंबे समय तक दर्द, सूजन और मूवमेंट की परेशानी का कारण बन जाती है।
एशियन हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक कुमार मिश्रा बताते हैं कि जोड़ और टेंडन्स शरीर के वे हिस्से हैं जो मसल्स को हड्डियों से जोड़ते हैं और मूवमेंट में मदद करते हैं। अचानक ज्यादा वजन उठाना, गलत पॉश्चर, अधूरा वार्म-अप या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से इन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इससे टेंडन स्ट्रेन, लिगामेंट इंजरी, टेनिस एल्बो, शोल्डर इम्पिंजमेंट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।’ आइए आपको बताते हैं उन्होंने और क्या जानकारी दी।
डॉक्टर बताते हैं कि जिम शुरू करने से पहले 10–15 मिनट का वार्म-अप बेहद जरूरी है। हल्की कार्डियो एक्सरसाइज, जॉइंट मोबिलिटी मूवमेंट और स्ट्रेचिंग से जोड़ों में ब्लड फ्लो बढ़ता है और टेंडन्स लचीले बनते हैं। इससे अचानक वजन उठाने से होने वाली चोट का खतरा कम हो जाता है।
कई लोग ज्यादा वजन उठाने के चक्कर में सही फॉर्म को नजरअंदाज कर देते हैं। गलत तकनीक से उठाया गया वजन सीधे जोड़ों पर दबाव डालता है। इसलिए हर एक्सरसाइज को धीरे, कंट्रोल्ड मूवमेंट के साथ और सही पॉश्चर में करना चाहिए। जरूरत पड़े तो ट्रेनर की मदद जरूर लें।

डॉक्टर दीपक कहते हैं कि 'शरीर को हैवी वेट के लिए समय चाहिए। अचानक बहुत ज्यादा वजन उठाना टेंडन्स पर झटका डालता है। बेहतर है कि वजन को ग्रैजुअली बढ़ाया जाए, ताकि मसल्स, जोड़ और टेंडन्स सभी को एडजस्ट करने का मौका मिले।'
लगातार बिना आराम के वेट ट्रेनिंग करना भी चोट की बड़ी वजह है। शरीर को रिकवरी का समय देना जरूरी है, ताकि टेंडन्स और जोड़ रिपेयर हो सकें। हफ्ते में कम से कम एक-दो दिन रेस्ट या लाइट एक्टिविटी रखें।
प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन-D और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट जोड़ों की मजबूती में मदद करती है। साथ ही, पर्याप्त पानी पीना टेंडन्स की फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने में सहायक होता है। ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक कहते हैं, ‘जिम में हैवी वेट लिफ्टिंग करते समय सबसे बड़ी गलती लोग जल्दी रिजल्ट पाने की करते हैं। सही वार्म-अप, तकनीक और रिकवरी पर ध्यान दिया जाए, तो जोड़ों और टेंडन्स की चोट से काफी हद तक बचा जा सकता है।’

अगर वर्कआउट के दौरान या बाद में जोड़ों में तेज दर्द, सूजन या जकड़न महसूस हो, तो एक्सरसाइज तुरंत रोकें और विशेषज्ञ से सलाह लें। दर्द के बावजूद वर्कआउट करना चोट को और गंभीर बना सकता है। हैवी वेट लिफ्टिंग तभी फायदेमंद है जब इसे समझदारी और सावधानी के साथ किया जाए। सही तकनीक, संतुलित डाइट, पर्याप्त आराम और शरीर के संकेतों को समझ कर आप फिट भी रह सकते हैं और जोड़ों-टेंडन्स को चोट से भी बचा सकते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।