
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr Kaishreen Khan
pregnant woman
प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन डी अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है, बच्चे की हड्डियों के विकास में सहायक होता है और मां की शारीरिक और भावनात्मक सेहत में योगदान देता है। कई शहरी महिलाओं के लिए घर से काम करना जिंदगी का परमानेंट हिस्सा बन गया है। हालांकि इससे सुविधा तो मिलती है, लेकिन इससे रोजाना धूप के संपर्क में आने का समय भी कम हो गया है, जो विटामिन D का मुख्य स्रोत है।
मदरहुड हॉस्पिटल्स, खराडी, पुणे के कंसल्टेंट-ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉक्टर कैशरीन खान बताती हैं कि मानसून के आने से धूप और भी कम हो जाती है, जिससे विटामिन D की कमी का खतरा बढ़ जाता है, खासकर गर्भवती महिलाओं में। डॉक्टर आगे कहती हैं कि चिंता की बात यह है कि कुछ अध्ययनों के अनुसार 84% शहरी भारतीय महिलाओं में विटामिन D का स्तर कम हो सकता है, जो मां की सेहत और बच्चे के विकास, दोनों पर असर डाल सकता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं में विटामिन D की जांच की आवश्यकता के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
शहरी भारतीय महिलाओं में विटामिन D की कमी के कई कारण होते हैं, जैसे- वर्क-फ्रॉम-होम रूटीन के कारण घर के अंदर ज्यादा समय बिताना, मानसून के दौरान कम धूप मिलना, स्क्रीन टाइम का बढ़ना और एक ही जगह बैठकर काम करने वाली लाइफस्टाइल। इसके अलावा विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थों का पर्याप्त सेवन न करना भी महिलाओं में विटामिन डी की कमी का कारण बनता है।
हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए विटामिन डी शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। बच्चे में इसकी कमी से या अगर मां में विटामिन डी की कमी हो तो बच्चे पर ये प्रभाव पड़ सकते हैं-
मानसून के दौरान, जब धूप कम होती है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं के लिए यह सही समय है कि वे अपने गायनेकोलॉजिस्ट से विटामिन डी की जांच के बारे में बात करें, खासकर अगर वे अपना ज्यादा समय घर के अंदर बिताती हैं।
घर से काम करने की जीवनशैली, बाहर कम निकलना और मानसू का मौसम - इन सब वजहों से प्रेग्नेंट महिलाओं में विटामिन D की कमी की समस्या हो रही है। मानसून के दौरान सही कदम उठाने से पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान बेहतर सेहत बनी रह सकती है और बच्चे की ग्रोथ और विकास में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपको शरीर में कमजोरी महसूस होती है तो कोई भी डाइट में बदलाव या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।