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मानसून में प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन D की कमी से कैसे बचें? डॉक्टर ने बताए आसान उपाय

घर के अंदर ज्यादा समय बिताना, वर्क-फ्रॉम-होम लाइफस्टाइल और मानसू के दौरान धूप कम मिलने की वजह से गर्भवती महिलाओं में विटामिन D की कमी का संकट बढ़ रहा है। मानसू के दौरान घर से काम करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे पर्याप्त धूप लें और स्वस्थ रहें।

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Written By: Vidya Sharma | Published : August 4, 2026 10:34 AM IST

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Medically Verified By: Dr Kaishreen Khan

प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन डी अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है, बच्चे की हड्डियों के विकास में सहायक होता है और मां की शारीरिक और भावनात्मक सेहत में योगदान देता है। कई शहरी महिलाओं के लिए घर से काम करना जिंदगी का परमानेंट हिस्सा बन गया है। हालांकि इससे सुविधा तो मिलती है, लेकिन इससे रोजाना धूप के संपर्क में आने का समय भी कम हो गया है, जो विटामिन D का मुख्य स्रोत है।

मदरहुड हॉस्पिटल्स, खराडी, पुणे के कंसल्टेंट-ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉक्टर कैशरीन खान बताती हैं कि मानसून के आने से धूप और भी कम हो जाती है, जिससे विटामिन D की कमी का खतरा बढ़ जाता है, खासकर गर्भवती महिलाओं में। डॉक्टर आगे कहती हैं कि चिंता की बात यह है कि कुछ अध्ययनों के अनुसार 84% शहरी भारतीय महिलाओं में विटामिन D का स्तर कम हो सकता है, जो मां की सेहत और बच्चे के विकास, दोनों पर असर डाल सकता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं में विटामिन D की जांच की आवश्यकता के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

गर्भवती महिलाओं को खतरा क्यों है?

शहरी भारतीय महिलाओं में विटामिन D की कमी के कई कारण होते हैं, जैसे- वर्क-फ्रॉम-होम रूटीन के कारण घर के अंदर ज्यादा समय बिताना, मानसून के दौरान कम धूप मिलना, स्क्रीन टाइम का बढ़ना और एक ही जगह बैठकर काम करने वाली लाइफस्टाइल। इसके अलावा विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थों का पर्याप्त सेवन न करना भी महिलाओं में विटामिन डी की कमी का कारण बनता है।

विटामिन D मां और बच्चे को कैसे प्रभावित करता है?

हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए विटामिन डी शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। बच्चे में इसकी कमी से या अगर मां में विटामिन डी की कमी हो तो बच्चे पर ये प्रभाव पड़ सकते हैं-

  • हड्डियों का कमजोर विकास
  • मिनरलाइजेशन ठीक से न होना
  • कुछ मामलों में बच्चे का जन्म के समय वजन कम हो सकता है।

मां के लिए, इसकी कमी से ये समस्याएं हो सकती हैं:

मानसून के दौरान, जब धूप कम होती है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं के लिए यह सही समय है कि वे अपने गायनेकोलॉजिस्ट से विटामिन डी की जांच के बारे में बात करें, खासकर अगर वे अपना ज्यादा समय घर के अंदर बिताती हैं।

इन जरूरी सुझावों का करें पालन

  • डॉक्टर बताती हैं कि विटामिन D सप्लीमेंट्स के बारे में गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह का पालन करें। 
  • जब भी संभव हो, जब भी संभव हो, सुबह की हल्की धूप में कुछ समय बिताएं।
  • विटामिन डी से भरपूर चीजें जैसे कि फोर्टिफाइड दूध, अंडे, फैटी मछली और मशरूम को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित एक्सरसाइज करके शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।
  • कैल्शियम और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित डाइट लें।

घर से काम करने की जीवनशैली, बाहर कम निकलना और मानसू का मौसम - इन सब वजहों से प्रेग्नेंट महिलाओं में विटामिन D की कमी की समस्या हो रही है। मानसून के दौरान सही कदम उठाने से पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान बेहतर सेहत बनी रह सकती है और बच्चे की ग्रोथ और विकास में मदद मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपको शरीर में कमजोरी महसूस होती है तो कोई भी डाइट में बदलाव या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।