1 से 4 साल तक बच्चों को मानसून में सबसे ज्यादा खतरा इस इंफेक्शन से! बचाव के लिए फॉलो करें ये आसान टिप्स

आमतौर पर 1 साल से कम उम्र के लड़कों और चार साल से कम उम्र की लड़कियों को यूटीआई संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। जानें बचाव के टिप्स।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 10, 2021 4:32 PM IST

मानसून किसे पसंद नहीं फिर चाहे बड़े हो या बच्चे। मानसून की बारिश गर्मी से राहत तो देती ही है साथ ही कई संक्रमण अपने साथ लेकर आती है। लेकिन ये खतरा तभी होता है जब आप लापरवाही बरतते हैं। इन दिनों में बच्चों को लेकर विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि संक्रमण की चपेट में आने का खतरा इन्हें सबसे ज्यादा होता है। दरअसल मौसम में अचानक बदलाव से शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे वह संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाते हैं क्योंकि इस मौसम में नमी बैक्टीरिया को अचानक बढ़ने में आसानी से मदद करती है।

बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा खतरा यूटीआई का

बारिश के दिनों में बच्चों को होने वाला सबसे आम संक्रमण होता है यूटीआई, जिसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी के मूत्र पथ संक्रमण। यूटीआई में बैक्टीरिया आपके मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं और पेशाब करते समय आपको जलन होने लगती है, जिससे संक्रमण होता है। आमतौर पर 1 साल से कम उम्र के लड़कों और चार साल से कम उम्र की लड़कियों को यूटीआई संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।

यूटीआई से इन अंगों में होती है दिक्कत

- ब्लैडर, जो पेशाब को शरीर में रोक कर रखता है।

- मूत्रमार्ग या ट्यूब, जो मूत्राशय से मूत्र को शरीर से बाहर निकालने का काम करती है।

- किडनी, खून और अतिरिक्त पानी को फिल्टर करके यूरिन बनाती है।

- .यूरेटर, जो पेशाब को गुर्दे से मूत्राशय तक ले जाता है।

कुछ उपायों को अपनाकर बच्चों में यूटीआई संक्रमण को होने से रोका जा सकता है। इस संक्रमण को रोकने के कुछ तरीके यहां दिए गए हैं:

- अपने बच्चों को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें और दिन भर में कम से कम 7 - 8 गिलास पानी पीने को कहें। फलों के रस, सूप जैसे तरल पदार्थ भी बच्चों को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं।

- कब्ज जैसी समस्या न होने दें क्योंकि मलाशय में भारी मात्रा में मल होने से मूत्राशय खाली नहीं होता है और बच्चों में कई बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।

शिशुओं और बच्चों के बिस्तर और तकिए को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले नियमित रूप से धोएं और इस्त्री करें। यह कपड़े पर किसी भी बैक्टीरिया या कीटाणुओं को पनपने से रोकता है।

- माता-पिता को अपने बच्चे के कपड़े रोजाना धोना चाहिए ताकि पसीने, गंदगी या नमी से फंगल/बैक्टीरिया का संक्रमण न हो।

- बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकनेके लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी और जिंक लें।

- बच्चे को टाइट अंडरवियर न पहनाएं।

- जितना हो सके बच्चे की पॉटी को साफ करने की कोशिश करें इससे आपको बैक्टीरिया द्वारा संक्रमण पैदा करने से रोकने में मदद मिलेगी। सुनिश्चित करें कि आपने बच्चे को आगे से पीछे तक पोंछ दिया हो।

माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे सभी संक्रमणों के बारे में समझने के लिए अपने बाल रोग विशेषज्ञ से मिलें और जरूरत पड़ने पर बच्चे को एंटीबायोटिक्स दें।

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