किन गलतियों की वजह से होती है PCOD की बीमारी? एक्सपर्ट से जानिए बचाव के उपाय

महिलाओं में पीसीओडी और इंफर्टिलिटी जैसी समस्याएं जहां तेजी से बढ़ रही हैं वहीं सही उपाय अपनाकर आप इन बीमारियों का रिस्क कम कर सकते हैं।

किन गलतियों की वजह से होती है PCOD की बीमारी? एक्सपर्ट से जानिए बचाव के उपाय
VerifiedVERIFIED By: Dr. Chanchal Sharma

Written by Sadhna Tiwari |Updated : August 3, 2025 4:36 PM IST

How to prevent PCOD: इन दिनों लाइफस्टाइल डिजिजेज तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं, महिलाओं में भी थायरॉइड, मोटापा (Obesity) और पीसीओडी (PCOD) जैसी कंडिशन्स देखी जा रही हैं। जैसा कि मॉडर्न लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं के ऊपर काम का दोहरा बर्डन हो गया है। ऑफिस से लेकर घर तक महिलाओं के पास कई तरह के काम होते हैं। इसी भागदौड़ में वह बाकी सब लोगों की  सेहत का ध्यान तो रख लेती हैं लेकिन जब बात अपने स्वास्थ्य की आती है तो वे इस ओर ध्यान नहीं दे पातीं। इसी लापरवाही के कारण महिलाओं में कई तरह की बीमारियों का रिस्क बढ़ गया है।

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा इस बारे में कहती हैं कि, हमारे पास कई ऐसी महिलाएं इलाज के लिए आती हैं जिन्हें पीसीओडी, इनफर्टिलिटी या थायरॉइड जैसी समस्याएं है। ध्यान देने पर पता चलता है कि इन सभी में जो एक बात कॉमन है और वह यह है कि इनका डेली रूटीन बहुत बिजी रहता है। इसी वजह से ना तो इनके पास खाने-पीने का कोई तय समय है और ना ही ये एक्सरसाइज कर पाती हैं। यही नहीं इन महिलाओं के पास अपनी नींद पूरी करने का भी समय नहीं होता है। इसी भागदौड़ के बीच महिलाओं की हेल्थ पर बहुत बुरा असर होता है और लगातार उनका स्वास्थ्य गिरता ही रहता है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं में स्ट्रेस लेवल भी बढ़ रहा है और यही स्ट्रेस महिलाओं में ओबेसिटी, पीसीओडी और इंफर्टिलिटी जैसे डिसॉर्डर्स का रिस्क बढ़ा रहा है।

महिलाओं में इंफर्टिलिटी और पीसीओडी से बचाव के उपाय क्या हैं?

30 की उम्र तक पहुंचने के बाद ही महिलाओं की एग क्वालिटी  ख़राब होने लगती है और मां बनने में कई तरह की रुकावट आने लगती हैं। आजकल थायरॉइड, पीसीओडी और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियां (Auto-immune diseases)  भी महिलाओं में काफी बढ़ रही हैं। डॉ. चंचल शर्मा बता रही हैं कि महिलाएं किस तरह के उपाय करके इन लाइफस्टाइल डिजिजेज से खुद को बचा सकती हैं-

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महिलाओं में होने वाली सबसे कॉमन लाइफस्टाइल डिजिजेज कौन-सी हैं?

डॉ. चंचल शर्मा कहती है कि इन दिनों महिलाओं में ये 8 लाइफस्टाइल डिजिजेज सबके अधिक देखी जा रही हैं -

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लाइफस्टाइल डिजिजेज बढ़ने के प्रमुख कारण क्या है?

  • मोटापा
  • ज्यादा एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाओं का सेवन करना
  • कैल्शियम की कमी
  • हड्डियों का कमजोर होना
  • विटामिन डी की कमी
  • हीमोग्लोबिन की कमी

पीसीओडी से बचाव के उपाय क्या हैं?

  • सबसे पहले अपने वजन को नियत्रित करने की कोशिश करें और मोटापा कम करें।
  • बाहर का खाना, जंक फूड,  प्रोसेस्ड फूड खाना बंद करें।
  • नियमित एक्सरसाइज और योगाभ्यास करें।
  • कैफीन, अल्कोहल या स्मोकिंग जैसी आदतों से बचें।

थायरॉइड के बचाव के तरीके

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

महिलाओं में पीसीओडी के लक्षण क्या हैं?

पीसीओडी  में महिलाओं को इर्रेग्यूलर पीरयड्स, हेयर फॉल, चेहरे पर पिम्पल्स, फेशियल हेयर बढ़ने और मोटापा बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पीसीओडी के कारण गर्भधारण में भी परेशानी आ सकती है।

महिलाएं PCOD से बचने के लिए क्या सावधानियां बरत सकती हैं?

मोटापा या अनहेल्दी फूड पीसीओडी का खतरा बढ़ा सकता है। इसीलिए, अपना वजन कम करें। इसके साथ ही हेल्दी डाइट अपनाएं,  नियमित एक्सरसाइज करें और अल्कोहल और स्मोकिंग जैसी आदतें छोड़ने से पीसीओडी का रिस्क कम किया जा सकता है।