
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 8, 2026 4:56 PM IST
Medically Verified By: Dr. Rajesh P
हर साल गर्मियों में एक जैसा पैटर्न देखने को मिलता है आंखों में लालिमा, जलन, खुजली और इन्फेक्शन के मामलों में साफ बढ़ोतरी। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से ज्यादातर समस्याएं सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से आसानी से रोकी जा सकती हैं। तेज धूप, बढ़ती UV किरणें, सूखी और प्रदूषित हवा ये सभी मिलकर आंखों के लिए मुश्किल हालात बना देते हैं। इसके बावजूद, लोग अक्सर इन समस्याओं को हल्के में लेते हैं या सही कारण समझ नहीं पाते। यह लेख आपको आसान भाषा में समझाता है कि गर्मियों में आंखों को क्या नुकसान होता है और उनसे बचाव कैसे किया जा सकता है। स्पेशलिस्ट विट्रो-रेटिनल सर्जन डॉ. राजेश पी ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
गर्मी का मौसम आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है। सामान्य परिस्थितियों में आंखों पर एक पतली नमी की परत (tear film) होती है, जो उन्हें सूखने और संक्रमण से बचाती है। लेकिन जब तापमान ज्यादा होता है और हवा में नमी कम होती है, तो यह परत जल्दी सूखने लगती है। इससे आंखों में ड्राईनेस, जलन, चुभन और थकान महसूस होती है। अगर शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो, तो यह समस्या और बढ़ जाती है क्योंकि आंसू बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। आंखों में सूखापन होना गर्मियों के कारण आंखों में होने वाली बीमारियों में से एक है।
इसके अलावा, AC, पंखे या गर्म हवाओं के लंबे संपर्क में रहने से आंखों की नमी लगातार कम होती रहती है। आजकल बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम भी एक बड़ा कारण है। आमतौर पर हम एक मिनट में 15–20 बार पलक झपकाते हैं, जिससे आंखें नम बनी रहती हैं। लेकिन मोबाइल या लैपटॉप देखते समय यह संख्या घटकर लगभग 5–7 बार रह जाती है, जिससे आंखें जल्दी सूखने लगती हैं और इसके कारण कई बार ड्राई आई सिंड्रोम भी हो सकता है।
गर्मियों में UV किरणें भी अधिक तेज होती हैं, जो सीधे और परावर्तित होकर आंखों तक पहुंचती हैं। लंबे समय तक इनका असर आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कांटेक्ट लेंस पहनने वाले लोगों के लिए यह मौसम और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि सूखी आंखों में लेंस असहज लगते हैं और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
आँखों से जुड़े लक्षणों को समय पर पहचानना बहुत जरूरी है, ताकि समस्या बढ़ने से पहले ही उसे संभाला जा सके। ड्राई आईज के लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं -
अगर आंखों में एलर्जी हो गई है, तो उसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं -
अगर लक्षण ज्यादा गंभीर हों जैसे लगातार दर्द, ज्यादा लालिमा, गाढ़ा डिस्चार्ज या नजर में बदलाव तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
गर्मियों में आंखों की देखभाल को लेकर कई गलत धारणाएं हैं जैसे -
गर्मी का मौसम भले ही आंखों के लिए चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन इसी दौरान अपनाई गई अच्छी आदतें लंबे समय तक फायदा देती हैं। नियमित आंखों की जांच बहुत जरूरी है, क्योंकि कई गंभीर समस्याएं जैसे ग्लूकोमा शुरुआत में बिना लक्षण के होती हैं। समय पर जांच और सही देखभाल से आंखों की सेहत लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य सिर्फ आंखों की समस्याओं जुड़ी जानकारियां देना हैं और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल आंखों से जुड़ी किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
काले धब्बों का एक अन्य कारण आंखों में सूजन है। यह आंखों में संक्रमण या अंतःनेत्र दाब (आईओपी) में अचानक वृद्धि के कारण हो सकता है।
आंखों में जलन होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिसमें धूल मिट्टी के कारण होने वाली एलर्जी, संक्रमण व अन्य समस्याएं भी शामिल हैं।
समय-समय पर आंखों को धोते रहें, धूल-मिट्टी से बचाएं और अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स रखें
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