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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 29, 2021 10:07 PM IST
World ORS Day 2021 in hindi : 5 साल से कम उम्र के बच्चों को दस्त होने पर दें ORS, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका
बच्चों को उल्टी-दस्त होने पर आप उसे क्या देते हैं? डॉक्टर के साथ-साथ बड़े-बुजुर्ग भी बच्चों को उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस पिलाने को कहते हैं। बता दें कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पेट से जुड़ी समस्या होने पर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट सॉल्यूशन) दिया जाता है। अगस्त 2020 में ओपन-एक्सेस पीयर द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ (टीएलजीएच) के अंक में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, भारत में ओआरएस का उपयोग सन 2000 में 36.8% से बढ़कर 2017 में 57.8% हो गया था। ओआरएस पांच साल से कम उम्र के बच्चों में दस्त के प्रबंधन के लिए यूज किया जाता है, जो अब व्यापक तौर पर लोगों की पसंद बन चुका है।
इन तथ्यों से इस बात का भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में डायरिया से पीड़ित आधे से अधिक बच्चों को अब एक साधारण ड्रिंक के रूप में जीवन रक्षक ड्रिंक थेरेपी प्राप्त हो रही है। गौरतलब है कि विकासशील देशों में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया जैसी बीमारी से मौत मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण बनी हुई है। बांग्लादेश में एक डॉक्टर ने आजादी के 50 साल बाद इस बात का पता लगाया था कि इलेक्ट्रोलाइट्स, चीनी और पानी का एक आम सा सॉल्यूशन डिहाइड्रेशन से होने वाली मृत्यु को रोक सकता है।
बता दें कि इस ड्रिंक से इलाज का पहला ट्रायल यहीं भारत में किया गया था। यही कारण है कि इस जीवन रक्षक ड्रिंक के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 29 जुलाई को ओआरएस दिवस मनाया जाता है। हममें से बहुत लोग अक्सर दस्त लगने पर इस ड्रिंक का सेवन करते हैं लेकिन क्या आप वास्तव में जानते हैं कि आखिर ओआरएस क्या है, ओआरएस की आवश्यकता कब होती है, ओआरएस के लाभ, घर में ओआरएस कैसे बनाएं और बच्चों में डिहाइड्रेशन को कंट्रोल करने के लिए ओआरएस का उपयोग कैसे किया जाए। आइए जानते हैं ओआरएस से जुड़े सभी रोचक तथ्य।
ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ओआरएस) एक प्रकार का घोल है, जो कि ग्लूकोज रूप में होता है। इसमें मौजूद तत्व दस्त, उल्टी और अत्यधिक पसीने के दौरान शरीर से निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स को फिर से रिचार्ज करने में मदद करता है।
1-सोडियम क्लोराइड या कॉमन सॉल्ट
2-ट्राइसोडियम साइट्रेट डाइहाइड्रेट
3-पोटेशियम क्लोराइड
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने छोटे बच्चों को ज्यादा दस्त होने पर जैसी समस्या के इलाज के लिए ओआरएस को एक आवश्यक दवा के रूप में सूचीबद्ध किया है। डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ का कहना है कि दस्त से पीड़ित छोटे बच्चों को ओआरएस के साथ-साथ जिंक की भी सही मात्रा जरूर दी जानी चाहिए।
ओआरएस, शरीर को रि-हाइड्रेट करने के लिए यूज किया जाता है, खासकर तब, जब आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। डब्ल्यूएचओ विशेष रूप से छोटे बच्चों को दस्त और उल्टी होने पर इस ड्रिंक के इस्तेमाल की सलाह देता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने से पोषक तत्वों के अवशोषण से लेकर शरीर के तापमान को सही बनाए रखने तक कई शारीरिक कार्यों में दिक्कत हो जाती है और आप थका-थका महसूस होता है।
क्या आप जानते हैं कि हमारी आंतें लंबी ट्यूब जैसी होती हैं। पेट से गुजरने के बाद, भोजन हमारी आंतों के माध्यम से चलता है, जहां वह लिवर और पैंक्रियाज से निकलने वाले एंजाइम के साथ मिल जाता है। आपकी आंतें भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को अवशोषित करती हैं और पानी के साथ रक्तप्रवाह में भेज देती हैं। शोध के मुताबिक, एक दिन में लगभग 20 लीटर पानी आपकी आंतों से होकर इधर-उधर जाता है। सामान्यतौर पर आपकी आंतों में जाने वाला पानी और बाहर निकलने वाली पानी की मात्रा में संतुलन होता है।
ओआरएस पाउच मेडिकल शॉप पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा ये काफी सस्ते होते हैं और संभावित रूप से जीवन रक्षक होते हैं। अगर आपके पास पाउच है, तो बस आपको पाउच को काटकर उसके भीतर मौजूद सामग्री को एक लीटर पानी में मिलाना है और अच्छी तरह से शेक करके धीरे-धीरे घूंट मारकर पी लें।
अगर आपके पास या घर पर पाउच नहीं है तो आप घर पर भी इस ड्रिंक को तैयार कर सकते हैं बस आपको इन चीजों की जरूरत होगी।
1- 30 ग्राम या 6 चम्मच चीनी
2- 1/2 छोटा चम्मच नमक
3- 1 लीटर साफ पानी, उबला हुआ तो बेहतर होगा।
एक साफ बोतल में सभी सामग्री डालकर अच्छी तरह हिलाएं और ड्रिंक को एक बार में निगलने की कोशिश न करें ब्लकि धीरे-धीरे घूंट भरकर पिएं।
हर साल लगभग 15 लाख बच्चों की दस्त लगने से मौत हो जाती है लेकिन ओआरएस जैसे सरल और सस्ते उपाय से किसी भी देश में इस मर्ज के कारण होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।
विकासशील देशों में दस्त के कारण जान गंवाने के मामले ज्यादा सामने आते हैं क्योंकि यहां कई क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की कमी से वायरल और जीवाणु संक्रमण का प्रकोप होता है, जो बदले में दस्त और उल्टी का कारण बनता है, जिससे गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन और संभावित मृत्यु हो जाती है।
ओआरएस एक सामान्य घोल हैं, जिसकी 20 ग्राम ग्लूकोज की मात्रा में 3.5 ग्राम किचन सॉल्ट (सोडियम क्लोराइड), 2.9 ग्राम ट्राइसोडियम साइट्रेट डाइहाइड्रेट और 1.5 ग्राम पोटैशियम क्लोराइड होता है और इसे एक लीटर स्वच्छ (उबले हुए) पीने के पानी में मिलाकर एक सरल घोल बनाया और पिया जा सकता है।
1- दस्त और उल्टी से पीड़ित बच्चों को गंभीर से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिसे रोकने के लिए स्वच्छ पेयजल में ओआरएस घोल मिलाकर दिया जा सकता है।
2- माता-पिता को दस्त के पहले लक्षणों पर ही बच्चे को ओआरएस देना शुरू कर देना चाहिए। एक दिन में तीन से ज्यादा बार दस्त या पानी की तरल मल निकलने पर हालत गंभीर हो सकती है। इस स्थिति में बिना किसी देरी के इस घोल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
3-ओआरएस की पहली घूंट लेने के कुछ ही मिनटों बाद इसका काम शुरू हो जाता है। ये सॉल्यूशन शरीर को फिर से हाइड्रेट करता है। दरअसल हमारी आंतें ग्लूकोज और पानी के साथ सोडियम को भी अवशोषित करती हैं, जिससे शरीर हाइड्रेट हो जाता है।
4-ओआरएस देने के लिए आपको डॉक्टर या चिकित्सक की आवश्यकता नहीं है। यह आसानी से सुलभ हो जाता है और बहुत सस्ता भी है।