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पॉटी का रंग हेल्थ के बारे में बताता है। © Shutterstock
हर इंसान अपनी शरीर को हेल्दी रखना चाहता है। हर कोई यह चाहता है कि कोई बीमारी न लगे अगर लगे भी तो उसका समय से पता चल जाए। शरीर में कई ऐसी चीजें होती हैं जो हेल्थ के बारे में संकेत देती रहती हैं। अगर आप भी इन संकेतों के बारे में जान लें तो फिर बीमारियों से बच भी सकते हैं। जी हां हम आपको अपके शरीर के संकेत की बात बता रहे हैं।
इंसान के रोजाना के कार्य में शामिल पॉटी का रंग उसकी बीमारी के बारे में बता सकता है। खान-पान में क्या खाते हैं और उसका कैसा असर हो रहा है यह आपको अपकी पॉटी बता सकती है। वैसे ही आपको कौन सी बीमारी हो सकती है इसकी सूचना आपके पॉटी से मिल सकती है। तो ऐसे में अगर आप ऐसा कोई भी बदलाव देख रहे हैं तो आपको सतर्क होने की जरूरत है और अपने डॉक्टर से परामर्श करने की भी जरूरत है।
आइए जानते हैं पॉटी का रंग आपके हेल्थ के बारे में कैसे बताता है।
पीला रंग
प्रोटीन ग्लूटेन जैसे ब्रेड या फिर सिरियल्स के सेवन से पॉटी का रंग ऐसा हो जाता है। पॉटी में जरूरत से ज्यादा फैट होने की वजह से सिलियक डीजिज या फिर मालाबसोर्पशन की समस्या हो सकती है।
लाल रंग
लाल रंग का खाद्य पदार्थ जैसे चुकुंदर, टमाटर का जूस, क्रैनबेरीज और रेड गिलेटिन के सेवन से पॉटी का रंग लाल होने लगता है। इंटेस्टाइल ट्रैक्ट के नीचले हिस्से में ब्लिडिंग होने लगता है जिसकी वजह से रेक्टम में समस्या हो सकती है।
हरा रंग
आयरन सप्लीमेंट्स, हरी सब्जियां और हरे रंग का पेय पदार्थ, इन सब की वजह से आपके पॉटी का रंग हरा हो सकता है। डायरिया की वजह से खाद्य पदार्थ आपके लार्ज इन्टेस्टाइन में बहुत तेज गतिविधि करता है। इसके परिणामस्वरूप बाइल को ब्रेकडाउन होने का समय नहीं मिलता है।
काला रंग
आयरन सप्लिमेंट्स या फिर ब्लैक लिकोरिस के सेवन से पॉटी काले रंग का होने लगता है। इस दौरान गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के ऊपरी हिस्से में ब्लिडिंग होने लगता है जो आपके लिए एक गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।
हल्का रंग
पॉटी में बाइल के कमी की वजह से पॉटी का रंग ऐसा हो जाता है। यह बाइल डक्ट ऑब्सट्रक्शन की तरफ इशारा करता है। ऐसे में आपको सतर्क होने की जरूरत है। एंटी-डायरियल ड्रग्स या फिर कुछ और दवाइयों के सेवन की वजह से पॉटी के रंग में बदलाव आता है।