
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : October 2, 2025 9:01 AM IST
Kya Tumor Hone Se Cancer Bhi Hota Hai: जब कोई ट्यूमर शब्द सुनता है, तो सबसे पहली बात दिमाग में कैंसर की बात आती है। हालांकि, सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते हैं। कोई गैर-कैंसरस (Benign) होते हैं और फैलते नहीं हैं। जबकि कुछ कैंसर (Malignant) होते हैं और आस-पास के टिशू (tissues) पर आक्रमण कर सकते हैं या शरीर के दूसरे हिस्सों तक जा सकते हैं।
इस अंतर को निर्धारित करना और यह जानना कि ट्यूमर घातक है या नहीं, डायगनोसिस और ट्रीटमेंट का बहुत ही अहम हिस्सा होता है। कई लोगों को लगता है कि अगर किसी को ट्यूमर है तो मतलब कैंसर भी होगा। ये बात कितनी सच है, आइए हम एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर निलेश चोरडिया से विस्तार से जानते हैं। हम इस लेख में ट्यूमर और कैंसर के बारे में विस्तार से जानेंगे।
ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि है जो एक सूजन या गांठ के रूप में होती है। ऐसी वृद्धि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। आपको बता दें कि ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं-
पहला सौम्य ट्यूमर (Benign tumors): सौम्य ट्यूमर आम तौर पर धीमी गति से बढ़ते हैं, स्थानीयकृत (localized) होते हैं और अन्य अंगों में नहीं फैलते हैं (metastasize नहीं होते)।
घातक ट्यूमर (कैंसर/Malignant tumors): ये तेजी से बढ़ते हैं, पड़ोसी टिशू को संक्रमित (infected) करते हैं और रक्त या लसीका (lymph) के माध्यम से शरीर के अन्य अंगों तक फैल सकते हैं।
चिकित्सक (Physicians) शुरू में ऐसे लक्षणों के बारे में पूछताछ करेंगे जैसे कि बिना कारण वजन कम होना, थकान, दर्द या गांठ की उपस्थिति। वे शारीरिक परीक्षण के दौरान गांठ के आकार, आकृति और बनावट की भी जांच कर सकते हैं। हालांकि यह संदेह के मामले में एक उपयोगी उपाय है, यह कैंसर को सिद्ध नहीं करता है।
एक्स-रे (X-ray), सीटी स्कैन (CT scan), एमआरआई (MRI) या अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) शरीर के अंदर की डिटेल्ड इमेज दे सकते हैं। ये टेस्ट ट्यूमर की स्थिति, आकार और फैलाव को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, एमआरआई का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है कि क्या कोई मस्तिष्क ट्यूमर आसन्न संरचनाओं (adjacent structures) पर दबाव डाल रहा है या नहीं? और सीटी स्कैन का उपयोग छाती या पेट में ट्यूमर की पहचान करने के लिए किया जा सकता है।
डॉक्टर कैंसर के निदान के लिए पीईटी (पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी/PET) स्कैन का भी उपयोग करते हैं। पीईटी स्कैन एक इमेजिंग परीक्षण है जो यह दिखाने के लिए एक रेडियोएक्टिव ट्रेसर (radioactive tracer) का उपयोग करता है कि अंग और टिशू कैसे काम कर रहे हैं और कैंसर और न्यूरोलॉजिकल कंडीशन (neurological conditions) जैसी बीमारियों को उजागर करता है।
कुछ कैंसर रक्त में कुछ मार्क भी छोड़ते हैं, जैसे प्रोस्टेट कैंसर में पीएसए (PSA) या डिम्बग्रंथि (ovarian) कैंसर में सीए-125 (CA-125)। रक्त परीक्षणों द्वारा अंग के कामकाज की भी जांच की जाती है और कैंसर फैलने की स्थिति में यह खराब हो सकता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है बायोप्सी (biopsy), क्योंकि यह एक निश्चित परीक्षण (definitive test) है।
बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ट्यूमर का एक छोटा टुकड़ा लेकर माइक्रोस्कोप के नीचे उसकी जांच की जाती है। जब कोशिकाएं असामान्य दिखती हैं और नियंत्रण से बाहर विभाजित हो रही होती हैं, तो यह सामान्यतः कैंसर होता है। पैथोलॉजिस्ट (pathologists) द्वारा कैंसर की सटीक प्रकृति भी निर्धारित की जा सकती है और यह उपचार योजना (treatment planning) में सहायता करता है।
बायोप्सी के प्रकारों को सुई बायोप्सी (needle biopsy), सर्जिकल बायोप्सी (surgical biopsy) या एंडोस्कोपिक बायोप्सी (endoscopic biopsy) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। बायोप्सी कैंसर का निश्चित निदान (definitive diagnosis) प्रदान करती है और साथ ही कैंसर के प्रकार और ग्रेड(grade) जैसे विवरण भी देती है। यह डॉक्टर को आगे के परीक्षण और उपचार विकल्पों की योजना बनाने में मदद करता है।
हालांकि कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी आवश्यक है, लेकिन कुछ वार्निंग साइन (warning signs) भी हैं जिनका ध्यान देना चाहिए। जैसे-
डॉक्टर ने बताया कि हर ट्यूमर कैंसर नहीं होगा और जब तक किसी डॉक्टर द्वारा इसकी जांच नहीं की जाती, तब तक कोई निश्चित नहीं हो सकता। इमेजिंग परीक्षणों, रक्त कार्य (blood work) और विशेष रूप से बायोप्सी में निदान (diagnosis) महत्वपूर्ण है। अगर आपको कोई संदिग्ध गांठ है या आप लगातार अप्रिय लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। जितनी जल्दी किसी समस्या की पहचान हो जाती है, उसके इलाज और ठीक होने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।
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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।