बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर कौन से लक्षण नजर आते हैं? कब महिलाओं को सतर्क हो जाना चाहिए
बच्चेदानी में इन्फेक्शन महिलाओं में बहुत ही आम हो चुकी है। लेकिन भारत जैसे देश में 10 में से 7 महिलाएं बच्चेदानी के इंफेक्शन के शुरुआती लक्षणों को इग्नोर करती हैं। इसलिए हम आपको आज बच्चेदानी में इन्फेक्शन के लक्षणों की जानकारी देने जा रहे हैं।
महिलाओं का शरीर में समय- समय पर कई तरह के बदलाव आते हैं। कई बार यह बदलाव सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ बदलाव गंभीर बीमारी का संकेत भी देते हैं। महिलाओं में बच्चेदानी का इंफेक्शन एक ऐसी ही समस्या है। बच्चेदानी के इंफेक्शन में अक्सर सामान्य पीरियड दर्द, व्हाइट डिस्चार्ज या संबंध बनाते समय दर्द की परेशानी देखी जाती है। लेकिन खास बात यह है कि 10 में से 7 महिलाएं बच्चेदानी के इंफेक्शन को शुरुआती स्टेज में इग्नोर कर देती हैं। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर कौन से लक्षण नजर आते हैं? और एक महिला होने के नाते आपको कब सतर्क होना चाहिए।
नई दिल्ली की सनराइज हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. निकिता त्रेहन बताती हैं- बच्चेदानी के संक्रमण को मेडिकल भाषा में एंडोमेट्राइटिस (Endometritis) कहा जाता है। यह बच्चेदानी की अंदरूनी परत (Endometrium) में होने वाला संक्रमण और सूजन है। कई मामलों में यह संक्रमण पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) का हिस्सा भी हो सकता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ बताती हैं कि अगर बच्चेदानी में संक्रमण का शुरुआती स्टेज में चल जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है और इसका इलाज भी आसान हो सकता है।
बच्चेदानी में इन्फेक्शन क्यों होता है?
डॉ. निकिता कहती हैं कि किसी भी महिला को बच्चेदानी में इन्फेक्शन होता है, तो उसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण जिम्मेदार होते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैंः
- यौन संचारित संक्रमण (STIs) जैसे क्लैमाइडिया और गोनोरिया
- डिलीवरी के बाद किसी प्रकार का इंफेक्शन
- कॉपर टी या कोई अन्य डिवाइस का यूज करने से
- योनि में मौजूद सामान्य बैक्टीरिया का असंतुलन होने से
बच्चेदानी में इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?
- बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर अक्सर महिलाओं को पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द हो सकता है। यह दर्द लगातार रह सकता है या समय-समय पर बढ़ सकता है।
- बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर सफेद, पीला या हरा रंग का डिस्चार्ज हो सकता है। डॉ. निकिता के अनुसार, नॉर्मल दिनों में किसी महिला को योनि से व्हाइट के अलावा किसी प्रकार का डिस्चार्ज हो रहा है तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करने की जरूरत है।
- किसी महिला को पीरियड्स के अलावा बीच- बीच में स्पॉटिंग या असामान्य रूप से ब्लीडिंग की प्रॉब्लम हो रही है तो यह बच्चेदानी में इंफेक्शन का संकेत होता है।
- कुछ महिलाओं में बच्चेदानी में संक्रमण के कारण पेशाब के दौरान जलन और दर्द की शिकायत भी हो सकती है। हालांकि यह यूटीआई का भी लक्षण होता है, इसलिए महिलाओं को दोनों के बीच अंतर पहचानना बहुत जरूरी है।
- बच्चेदानी में इन्फेक्शन में पार्टनर के साथ संबंध बनाते समय अक्सर महिलाओं को असहजता महसूस होती है। अगर संबंध के दौरान दर्द होना या किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें।
बच्चेदानी के इन्फेक्शन में महिला को कब होना चाहिए सतर्क
डॉ. बताती हैं कि अगर किसी महिला को पीरियड्स के अलावा स्पॉटिंग, हल्की ब्लीडिंग, योनि के दुर्गंधवाला व्हाइट डिस्चार्ज, संबंध बनाने के बाद लगातार बढ़ता पेट दर्द जैसी समस्या 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बनी रहती है तो उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए और इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। बच्चेदानी (गर्भाशय) में संक्रमण के लक्षण व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। अगर आपको लेख में दिया गया कोई लक्षण अपने अंदर नजर आ रहा है तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और इलाज करवाएं।