
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Nikita Trehan
बच्चेदानी का इंफेक्शन बहुत ही आम है।
महिलाओं का शरीर में समय- समय पर कई तरह के बदलाव आते हैं। कई बार यह बदलाव सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ बदलाव गंभीर बीमारी का संकेत भी देते हैं। महिलाओं में बच्चेदानी का इंफेक्शन एक ऐसी ही समस्या है। बच्चेदानी के इंफेक्शन में अक्सर सामान्य पीरियड दर्द, व्हाइट डिस्चार्ज या संबंध बनाते समय दर्द की परेशानी देखी जाती है। लेकिन खास बात यह है कि 10 में से 7 महिलाएं बच्चेदानी के इंफेक्शन को शुरुआती स्टेज में इग्नोर कर देती हैं। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर कौन से लक्षण नजर आते हैं? और एक महिला होने के नाते आपको कब सतर्क होना चाहिए।
नई दिल्ली की सनराइज हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. निकिता त्रेहन बताती हैं- बच्चेदानी के संक्रमण को मेडिकल भाषा में एंडोमेट्राइटिस (Endometritis) कहा जाता है। यह बच्चेदानी की अंदरूनी परत (Endometrium) में होने वाला संक्रमण और सूजन है। कई मामलों में यह संक्रमण पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) का हिस्सा भी हो सकता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ बताती हैं कि अगर बच्चेदानी में संक्रमण का शुरुआती स्टेज में चल जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है और इसका इलाज भी आसान हो सकता है।
बच्चेदानी में इंफेक्शन होने पर पेट में असहनीय दर्द होता है।
डॉ. निकिता कहती हैं कि किसी भी महिला को बच्चेदानी में इन्फेक्शन होता है, तो उसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण जिम्मेदार होते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैंः
बच्चेदानी में इंफेक्शन होने पर संबंध बनाते समय दर्द होता है।
डॉ. बताती हैं कि अगर किसी महिला को पीरियड्स के अलावा स्पॉटिंग, हल्की ब्लीडिंग, योनि के दुर्गंधवाला व्हाइट डिस्चार्ज, संबंध बनाने के बाद लगातार बढ़ता पेट दर्द जैसी समस्या 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बनी रहती है तो उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए और इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। बच्चेदानी (गर्भाशय) में संक्रमण के लक्षण व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। अगर आपको लेख में दिया गया कोई लक्षण अपने अंदर नजर आ रहा है तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और इलाज करवाएं।