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The Health site Originals: बच्चों के पेट में कीड़े क्यों पड़ते हैं? कैसे पता लगाएं और कौन सी दवा कितनी मात्रा में दें

बच्चों के पेट में कीड़े क्यों पड़ते हैं? कैसे पता लगाएं और कौन सी दवा कितनी मात्रा में दें

The Health site Originals: बच्चों क पेट में कीड़े की समस्या बड़ों की तुलना में ज्यादा होती है। बच्चों के पेट में कीड़े न हों इसलिए डॉक्टर समय-समय उन्हें दवा देने की सलाह देते हैं।

Written by Jitendra Gupta |Published : November 4, 2022 6:02 PM IST

The Health site Originals : बच्चों के पेट में कीडों का संक्रमण काफी आम हैं। पेट में कीड़े की समस्या खानपान और स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियों के कारण हो सकती है। बच्चों क पेट में कीड़े की समस्या बड़ों की तुलना में ज्यादा होती है। बच्चों के पेट में कीड़े न हों इसलिए डॉक्टर समय-समय उन्हें दवा देने की सलाह देते हैं। चेंबूर स्थित एसआरवी हॉस्पिटल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित कांबळे का कहना है कि माता-पिता भी इस बात का ध्यान रखते हैं कि बच्चे के पेट में कीड़े न हों। बहुत कम लोग इस संक्रमण के बारे जानते हैं। यह आंतों के कीडे होते हैं जो वहां खून चूसते हैं। इससे गंभीर संक्रमण पैदा हो सकता हैं। इसलिए अपने बच्चे के प्राइवेट पार्ट के बाहरी हिस्से पर खुजली और जलन की शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, ये पेट में कीड़े होने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर के पास जरूर जाएं।

1-पेट में क्यों होते हैं कीड़े

छोटे बच्चों में पेट के कीड़े ज्यादा होते हैं, क्योंकि वे यहां-वहां रखी चीजों को मुंह में लेते हैं और कई बार मिट्टी भी खा लेते हैं। वयस्कों में दूषित पानी और दूषित भोजन के कारण ऐसा होता है। जो लोग बहुत ज्यादा मीठाखाते हैं, खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं, उनमें भी पेट के कीड़ों की आशंका ज्यादा होती है। अधिकांश मामलों में ये मल के जरिए बाहर निकल जाते हैं। बच्चों की सेहत पर इनका ज्यादा असर होता है। बच्चे खाते या दूध पीते हैं, लेकिन इसके पौष्टिक तत्व उनके शरीर को नहीं मिलते हैं।

2-पेट के कीड़ों का इनफेक्शन होने के क्या लक्षण हैं?

पेट में कीडे होनेपर कुछ बच्चे में यह लक्षण हो सकते हैं। अगर आपके बच्चे को इनमें से कोई भी लक्षण हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर की सलाह ले।

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• पेट में दर्द।

• वजन घटना।

• चिड़चिड़ापन।

• मिचली।

• मल में खून आना।

• खांसी या उल्टी के जरिये कीड़े बाहर निकलना।

• गुदा के आसपास खुजली या दर्द, जहां से कीड़े अंदर दाखिल हुए। यह खासकर पिन वर्म के मामलों में होता है।

• गंभीर टेपवर्म इनफेक्शन की वजह से दौरे भी पड़ सकते हैं।

• बार-बार दस्त की समस्या हो सकती है।

• इसके अलावा बच्चों के पाचन में दिक्कत।

3- पेट में कीडों के संक्रमण का पता कैसे लगाएं?

बच्चे के पेट में कीडों का संक्रमण हुआ है या नहीं इसकी जाचं कराने के लिए बच्चे के मल का नमूना लिया जाता हैं। इस नमूने को जांच के लिए लैब में भेजा जाता हैं। इससे कीडों के अंडों का पता लगाया जा सकता हैं। डॉक्टर शिशु के नाखूनों के नीचे कीड़ों के अंडे होने की जांच करते हैं। इसके अलावा जब बच्चे के शरीर में बहुत सारे कीडे होते हैं तब अल्ट्रासाऊंड जांच कराई जाती हैं।

4-पेट के कीड़ों से होने वाले नुकसान

• पेट में कीड़े व्यक्ति के पेट से खून में और खून से शरीर के किसी भी हिस्से में पहुंच सकते हैं और शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

• पेट के कुछ कीड़े लाल रक्त कोशिकाओं को अपना भोजन बनाते हैं, जिससे व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो सकता है।

•पेट के कीड़े आपका भोजन खा जाते हैं, जिससे वजन तेजी से घटने लगता है।

5-बच्चों के पेट में कीड़े की समस्या का उपाय

बच्चों के खानपान और उनके जीवनशैली का ध्यानरखने से आप उन्हें पेट में कीड़े की समस्या का शिकार होने से बचा सकते हैं। हर माता-पिता को बच्चों के पेट में कीड़े की समस्या में दिखने वाले लक्षणों के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए। बच्चों के पेट में कीडे ना हो इसलिए उन्हें पौष्टिक आहार देना चाहिए। बच्चे बाहेर से घर आने के बाद उनके हाथ-पैर पानी से स्वच्छ करने चाहिए। बच्चों को पर्सनल हाइजीन के बारे में सिखाएं। बच्चों की पानी की बोतल किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बच्चों को उबाला हुआ पानी दे।

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