आपके आस-पास मौजूद लोगों को बीमार बना रहा है H3N2! ये लक्षण दिखते ही बना लें नजदीकियों से दूरी

आइए जानते हैं कैसे आप पता लगा सकते हैं कि आपके पास कौन सा व्यक्ति H3N2 से संक्रमित है और कौन नहीं।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : March 10, 2023 6:27 PM IST

कोविड के बाद, जिस वायरस ने लोगों को परेशान करने का काम किया है वो और कोई नहीं H3N2 है। दरअसम मौसम बदलने पर अक्सर फ्लू और वायरस का खतरा काफी बढ़ जाता है लेकिन H3N2 वास्तव में लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। H3N2 वायरस के फैलने का खतरा काफी बढ़ा हुआ है और इस फ्लू से लगभग हर दूसरा व्यक्ति संक्रमित है। आइए जानते हैं कैसे आप पता लगा सकते हैं कि आपके पास कौन सा व्यक्ति H3N2 से संक्रमित है और कौन नहीं।

प्रदूषण से और बढ़ा खतरा

कई हेल्थ एक्सपर्ट इस बात को दोहरा रहे हैं कि वायु प्रदूषण H3N2 को और ज्यादा बिगाड़ने का काम कर रहा है। ये आसानी से फैलने वाला वायरस है, जिसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या बढ़ रही है। आईसीएमआर के मुताबिक, अगर आपको बुखार के साथ-साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो ये एक संकेत हो सकता है। इसके अलावा खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश, शरीर में दर्द और दस्त जैसी परेशानियां भी संक्रमित लोगों में देखी जा रही है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

अगर आपको अस्थमा जैसी क्रॉनिक बीमारी है तो आपको सांस लेने में काफी दिक्कत महसूस हो सकती है और अस्थमा अटैक का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है। ये वायरस तब और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है जब ​एच1एन1और एडीनोवायरस जैसे घातक वायरस पहले से मौजूद हैं। इसलिए जरूरी है कि कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें और मास्क पहनना न भूलें।

H3N2 के लक्षण (Symptoms of H3N2 flu)

इस इंफेक्शन से होने वाली परेशानियों में शामिल हैंः

1-बुखार

2-खांसी और नाक बहना

3-शरीर में दर्द

4-मतली

5-उल्टी

6-दस्त ​

H3N2 का उपचार

H3N2 के उपचार में एंटीवायरल दवाएं काफी प्रभावी हैं। एम्स ने भी सभी डॉक्टरों को H3N2 के इलाज के लिए ओजेल्टामिविर और जैनामिविर (oseltamivir and zanamivir) देने की सलाह दी है। अगर रोगी को जल्द से जल्द ये दवा दे दी जाए तो संक्रमित रोगी को ठीक किया जा सकता है।

क्या है एक्सपर्ट की राय

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसलटेंट डॉ. मनीष अरोड़ा का कहना है कि H3N2 प्रदूषण की वजह से भी आपको ज्यादा परेशान कर सकता है। हवा में फैले प्रदूषण तत्व, गैस और बारीक विषाक्त पदार्थ की वजह से खांसी और घरघराहट की परेशानी होती है। अगर आपको वायरल इंफेक्शन की वजह से खांसी है तो आराम और पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेशन जरूरी है। लेकिन अगर आपको हफ्ते भर से खांसी है और खांसी के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें हैं तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source