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World Lung Day And Swelling In Lungs: हर साल 25 सितंबर को वर्ल्ड लंग डे(World Lung Day 2025) मनाया जाता है, जो हमें यह याद दिलाता है कि हमारे फेफड़ों की अहमियत क्या है, उनकी जरूरतें क्या हैं और वो कौन सी चीजें हैं जो उन्हें प्रभावित करती हैं। आजकल लोगों का खान पान, रहन-सहन और शौक इतना बदल गए हैं कि इनका सीधा असर हम सभी की फेफड़ों की सेहत पर देखा जा सकता है। यह समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन सभी के लिए अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है।
जब हमने इस विषय पर विस्तार से जानने के लिए आकाश हेल्थकेयर के रेस्पिरेट्री एंड स्लीप मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट और एचओडी डॉक्टर अक्षय बधुराज से बात की, तो उन्होंने बताया कि फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती हैं और समय रहते पहचान न होने पर गंभीर रूप ले सकती हैं। उनमें से एक है फेफड़ों में सूजन। इस विषय पर उन्होंने क्या बताया, आइए आपको विस्तार से बताते हैं।
डॉक्टर ने लंग में सूजन को आम के साथ-साथ गंभीर बीमारी बताते हुए शेयर किया है 'यह स्थिति संक्रमण, एलर्जी, प्रदूषण या किसी गंभीर बीमारी की वजह से हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि फेफड़ों में सूजन के शुरुआती संकेत पहचान लेना बेहद जरूरी है, वरना यह समस्या निमोनिया या क्रोनिक फेफड़ों की बीमारी का रूप ले सकती है।
एक्सपर्ट के अनुसार फेफड़ों में सूजन के 5 मुख्य लक्षण हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए-
लगातार खांसी आना- सूखी या बलगम वाली खांसी जो लंबे समय तक बनी रहे।
सांस लेने में तकलीफ- हल्की-सी गतिविधि पर भी हांफने लगना।
छाती में दर्द या भारीपन- गहरी सांस लेने पर दर्द या जलन महसूस होना।
तेज बुखार और थकान- शरीर को बार-बार बुखार में आना और कमजोरी महसूस करना।
बलगम का रंग बदलना- पीला, हरा या खून मिश्रित बलगम आना।
डॉक्टक अक्षय बुधराज बताते हैं 'फेफड़ों में सूजन को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। कई बार लोग इसे सामान्य खांसी-जुकाम समझकर इलाज टाल देते हैं। लेकिन यदि खांसी तीन हफ्तों से अधिक रहे, सांस लेने में तकलीफ या छाती में दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।' डॉक्टर का कहना है कि प्रदूषण और धूम्रपान भी फेफड़ों की सूजन के बड़े कारणहैं। ऐसे लोगों को और ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि धूल-धुआं और प्रदूषण से बचें, धूम्रपान न करें, संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें। साथ ही, समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाते रहें ताकि किसी भी समस्या की पहचान शुरुआती दौर में हो सके।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।