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Written By: Jitendra Gupta | Published : January 31, 2023 3:17 PM IST
निमोनिया का खांसी, बुखार इस तरह होता है दूसरे खांसी-बुखार से अलग, इस तरह पहचानें गंभीर बीमारी के लक्षण
How to identify pneumonia fever : मौसम में बदलाव अक्सर आपके लिए तमाम परेशानियां लेकर आता है और अगर समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो ये आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। अक्सर मौसम में बदलाव होने पर इंफेक्शन का खतरा आम हो जाता है और ये इंफेक्शन कई प्रकार का हो सकता है। सर्दियों के दौरान होने वाला आम इंफेक्शन है निमोनिया और ये बात जानना जरूरी है कि निमोनिया साल में भी किसी भी वक्त हो सकता है। हालांकि ठंड के दिनों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए आपको जरूरत है इसके लक्षणों को पहचाननें की ताकि आप किसी गंभीर इंफेक्शन का शिकार तो बिल्कुल भी न हों। आइए जानते हैं कैसे आप आम सर्दी-बुखार के मुकाबले ये पहचान सकते हैं कि कहीं आपको तो निमोनिया वाला बुखार और खांसी तो नहीं हुई।
दरअसल ठंड के दिनों में जैसे-जैसे तापमान कम होता है वैसे-वैसे हवा में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस फैलने लगते हैं और आपके खांसने या फिर छींकने के दौरान पानी की बूंदों में बड़ी आसानी से घुल जाते हैं। सर्दी में इम्यूनिटीभी कमजोर हो जाती है, जिसकी वजह से आप जल्दी इंफेक्शन का शिकार हो जाते हैं और ये इंफेक्शन आपके वायुमार्ग को नुकसान पहुंचाता है, जिसकी वजह से फेफड़ों में इंफेक्शन बहुत ज्लदी हो जाता है।
शरीर में कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के साथ-साथ कुछ लोगों को निमोनिया का खतरा बहुत ज्यादा होता है, आइए जानते हैं किन लोगों को निमोनिया का खतरा ज्यादा होता है।
1-पांच साल से कम उम्र के बच्चों को
2- 60 और 65 की उम्र के बीच के लोगों को
3-फेफड़ों, ह्रदय, लिवर, किडनी , दिमाग जैसे जरूरी अंगों से जुड़ी बीमारियों के शिकार लोगों को
4-धूम्रपान करने वाले लोगों को
निमोनिया के लक्षण व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं और ये हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैंः
1-तेज बुखार
2-खांसी में खून
3-पीला या फिर हरा बलगम
4-भूख न लगना
5-सीने में तेज दर्द
6-तेज-तेज सांस लेना
7-सांस लेने में दिक्कत
8-गले में खरखराहट
9-नाखून नीले रंग के होना
10-शरीर में पानी की कमी
11-दिल की धड़कन बढ़ जाना
12-थकान रहना
1- अगर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो और बुखार के साथ खांसी या फिर घरघराहट दिखे तो निमोनिया का खतरा हो सकता है।
2-नवजात और बच्चों में ज्यादातर लक्षण नहीं दिखते हैं लेकिन उन्हें उल्टी, बुखार, खांसी, थके-थके, सुस्त और सांस लेने में परेशानी हो तो उन्हें निमोनिया का खतरा होता है।
3-अगर 102 फेरेनाइट से बुखार कम न हो और लगतार खांसी के साथ खून या फिर पस आ रहा हो तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है।