हार्ट अटैक आने पर दिल्ली एम्स की इमरजेंसी में कैसे पाएं इलाज? जानें क्रिटिकल कंडीशन में मरीज को भर्ती कराने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी डॉक्यूमेंट्स

हार्ट अटैक आने पर तुरंत इलाज की जरूरत होती है। वैसे तो हार्ट अटैक का इलाज ज्यादातर अस्पतालों में उपलब्ध हैं। लेकिन, अगर आप दिल्ली एम्स जैसे प्रमुख अस्पताल में जाना चाहते हैं, तो इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जान लें।

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Written By: Anju Rawat | Published : September 29, 2025 2:11 PM IST

Heart Attack Treatment in Delhi AIIMS: आजकल हार्ट अटैक के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। हार्ट अटैक दुनियाभर में होने वाले मौतों का एक मुख्य कारण है। हार्ट अटैक का समय पर इलाज बहुत जरूरी है, अन्यथा यह जानलेवा हो सकता है। आपको बता दें कि हार्ट अटैक एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है। हार्ट अटैक तब आता है, जब हृदय की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाली धमनी में रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इससे हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। हार्ट अटैक आने पर तुरंत इलाज की जरूरत होती है। वैसे तो हार्ट अटैक का इलाज ज्यादातर अस्पतालों में उपलब्ध हैं। लेकिन, अगर आप दिल्ली एम्स जैसे प्रमुख अस्पताल में जाना चाहते हैं, तो इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जान लें। आइए विश्व हृदय दिवस, जो हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है, इस मौके पर जानते हैं दिल्ली एम्स में हार्ट अटैक आने पर इमरजेंसी में इलाज कैसे करवाया जाता है?

हार्ट अटैक आने पर दिल्ली एम्स में भर्ती कराने की प्रक्रिया

पहले सीधे एम्स पहुंचें

अगर आपको हार्ट अटैक आया है या इसके लक्षण महसूस हुए है, तो बिना समय गवाए सबसे पहले दिल्ली एम्स की इमरजेंसी पहुंचें। आप अपनी गाड़ी या एम्बुलेंस के माध्यम से एम्स पहुंच सकते हैं। अगर आपको कोई कंप्यूजन हो, तो आप एम्स के इमरजेंसी नंबर पर संपर्क सकते भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इमरजेंसी विभाग में डॉक्टर को दिलाएं

जैसे ही आप एम्स अस्पताल पहुंच जाएंगे, किसी से भी पूछकर इमरजेंसी रूम में जाएं। वहां, अपनी इमरजेंसी की पर्ची बनवाएं और विभाग में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। डॉक्टर को अपनी समस्या बताएं, आपको हार्ट अटैक कैसे आया। आपको कौन-से लक्षणों का अनुभव हुआ। डॉक्टर द्वारा पूछे गए सवालों का भी सही-सही जबाव दें। इसके बाद, डॉक्टर आपकी स्थिति का आकलन करेंगे। अगर आपकी स्थिति गंभीर होगी, तो डॉक्टर आपको भर्ती करवाने की सलाह दे सकते हैं। वरना, आपका चेकअप करके और इलाज करके घर भेज सकते हैं।

सभी जरूरी टेस्ट करवाए जाते हैं

इसके बाद डॉक्टर रोगी के कई टेस्ट करवाते हैं। इसमें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी आदि शामिल होते हैं। अगर रिपोर्ट्स में गड़बड़ी आती है, तो कई अन्य टेस्ट भी करवाए जा सकते हैं। अगर हार्ट में ज्यादा दिक्कत होती है, तो डॉक्टर आपको भर्ती कर सकते हैं। इसके बाद भर्ती की पर्ची बनाई जाती है। पर्ची बनवाने के दौरान कई तरह के जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी जमा करवाने होते हैं।

दिल्ली एम्स में भर्ती कराने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

दिल्ली एम्स में रोगी को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए कई जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी जमा करवाने पड़ते हैं। इसमें शामिल हैं-

आधार कार्ड

दिल्ली एम्स में भर्ती होने के लिए आधार कार्ड बहुत जरूरी होता है। आपके पहचान के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड जरूरी होता है। इसलिए दिल्ली एम्स में जाते समय अपने साथ आधार कार्ड जरूर लेकर जाएं।

स्वास्थ्य बीमा कार्ड

अगर आपके पास किसी भी तरह का स्वास्थ्य बीमा कार्ड है, तो उसे भी अपने साथ लेकर जाएं। इससे आपको इलाज मिलने में आसानी होगी। साथ ही, आपका इलाज पूरी तरह से मुफ्त हो जाएगा। हालांकि, जिन लोगों के पास स्वास्थ्य बीमा कार्ड नहीं है, उनका इलाज भी काफी सस्ता है। 

मेडिकल रिकॉर्ड

अगर आपको पहले से ही कोई हृदय संबंधी समस्याएं हैं, तो अपने साथ सारे मेडिकल रिकॉर्ड भी लेकर जाएं। इससे डॉक्टर को आपकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में ज्यादा सही तरीके से जानकारी मिल पाएगी।

Highlights

  • एम्स में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं।
  • एम्स में हार्ट और न्यूरो की स्पेशल इमरजेंसी सुविधा है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाता है।
  • एम्स में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष सेवाएं उपलब्ध हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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