जॉइंट पेन से मिलेगा छुटकारा, सन्यासी आयुर्वेदा बोले 'आधे-आधे चम्मच मिला लो ये 4 चीजें'

Joint Pain Ke Liye Home Remedy: क्या आपको भी सर्दियां आते ही जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है? अगर हां तो स्वामी ध्यान नीरव द्वारा बताए गए इस नुस्खे को आजमा सकते हैं। यह बहुत प्रभावी साबित होगा।

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Written By: Vidya Sharma | Published : January 7, 2026 6:28 PM IST

Joint Pain Ke Liye Remedy सर्दियां आ गई हैं, ऐसे में ज्यादातर बुजुर्ग व्यक्ति जोड़ों के दर्द से परेशान रहता है। आजकल तो यह समस्या इतनी बढ़ गई है कि नौजवान भी जॉइंट पेन से कर्राह उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास एक्सरसाइज करने का समय नहीं है, जिससे जोड़ों में दर्द केस बढ़ते जा रहे हैं। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए आपको दवाइयां खाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एक आयुर्वेदिक नुस्खा ही कमाल कर सकता है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं स्वामी ध्यान नीरव द्वारा बताए गए ऐसे नेचुरल नुस्खे के बारे में बताने वाले हैं, जिसे बनाने के लिए सिर्फ 4 चीजों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने खुद बताया कि अगर आप रोज रात को इस नुस्खे को लेना शुरु कर दें तो शरीर के जितने भी दर्द हैं सब निकल जाएंगे। तो फिर देर किस बात की है? आइए जोड़ों का दर्द ठीक करने का तरीका जानते हैं।

4 चम्मच लें ये 4 चीजें

सन्यासी आयुर्वेदा के स्वामी ध्यान नीरव ने बताया कि आप जितनी अजवाइन लें, उससे आधी मात्रा में जीरा, जीरा से आधी मात्रा में सौंफ और सौंफ से आधी मात्रा में इलायची ले लें। आप चाहें तो इस मात्रा को 4 चम्मच में बाच सकते हैं। जैसे 4 चम्मच अजवाइन, 2 चम्मच जीरा, 1 चम्मच सौंफ और आधी चम्मच इलायची निकाल लें। आइए अब हम आपको जोड़ों का दर्द दूर करने का नुस्खा बनाने का तरीका बताते हैं।

अब आप जीरा, अजवाइन और सौंफ को तवे पर गर्म करके भून लें। भूनने के बाद आप सभी  चीजों को मिक्सी में डाल दें। साथ में इलायची भी डालें और पीसकर पाउडर तैयार कर लें। इस तैयार पाउडर को आप रोज रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में 1 चम्मच इस पाउडर को डालकर पीना शुरु कर दें। फिर देखें कैसे आपके पूरे शरीर के जोड़ों का दर्द गायब हो जाता है।

क्या जॉइंट पेन के लिए अजवाइन फायदेमंद होता है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिनने अजवाइन के फायदों से जुड़ी एक स्टडी प्रकाशित की है, जिसमें लिखा गया है कि 'पारंपरिक चिकित्सा में अजवाइन का उपयोग गठिया, जोड़ों के दर्द, सिरदर्द और नसों के दर्द से राहतदिलाने के लिए किया जाता रहा है। अजवाइन का उपयोग कई औषधीय लाभों के लिए किया जाता रहा है, जिनमें पेट फूलना, थकान, दस्त, पेट की गांठें, पेट दर्द, श्वसन संबंधी तकलीफ और भूख न लगना शामिल हैं। इसके अन्य स्वास्थ्य लाभों में एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीपैरासिटिक और हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव शामिल हैं।'

जोड़ों के दर्द के लिए जीरा के फायदे

खाने में तड़के के तौर पर इस्तेमाल होने वाले जीरे को बहुत से लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार वृद्धावस्था में ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित व्यक्तियों में दर्द पर काले जीरे के तेल का बहुत असर होता है। अध्ययन से पता चला है कि काले जीरे के तेल के दर्द निवारक गुण घुटने के दर्द से पीड़ित वृद्ध व्यक्तियों पर प्रभावी हैं। अध्ययन से पता चला है कि काले जीरे के तेल के दर्द निवारक गुण घुटने के दर्द से पीड़ित वृद्ध व्यक्तियों पर प्रभावी हैं।

Highlights

  • जोड़ों का दर्द पैरों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी हो सकता है।
  • जोड़ों के दर्द के लिए दवाइयों से पहले आयुर्वेदिक व नेचुरल उपचार अपनाएं।
  • सौंफ, जीरा, अजवाइन और इलायची का पाउडर जोड़ों के दर्द के लिए फायदेमंद होता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

रूमेटाइड अर्थराइटिस क्या है

रूमेटाइड अर्थराइटिस जोड़ों को प्रभावित करने वाली एक क्रोनिक डिजीज है, जो गठिया का ही एक प्रकार है। यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है और इसलिए इसका कोई अब तक जड़ से इलाज नहीं मिल पाया है।

जोड़ों के दर्द के मरीजों को क्या खाना चाहिए

जिन लोगों को अक्सर जोड़ों का दर्द रहता है, उन्हें अपनी डाइट में ऐसा खाना शामिल करना चाहिए जिसमें ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है।

क्या जोड़ों के दर्द में एक्सरसाइज कर सकते हैं

जोड़ों के दर्द के दौरान हल्की एक्सरसाइज करना जरूरी होता है, जिससे ज्यादा जकड़न नहीं हो पाती है।

जोड़ों में दर्द का क्या कारण हो सकता है?

जोड़ों में दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कमजोरी, शरीर का वजन ज्यादा होना, गठिया और हड्डियों की कमजोरी आदि।

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