कहीं आपका सिरदर्द स्ट्रोक तो नहीं, जानिए माइग्रेन और स्ट्रोक के सिरदर्द के बीच फर्क कैसे करें?
World Stroke Day 2022: सिरदर्द होना हम सभी के लिए बेहद आम है और अक्सर ये अपने आप या फिर मामूली पेनकिलर से ही ठीक हो जाता है। पर, अक्सर मामूली सा सिरदर्द भी कहीं बड़ी बीमारी के कारण भी हो सकता है। इन्हीं में से एक बेहद खतरनाक बीमारी है स्ट्रोक।
सरदर्द होना हम सभी के लिए बेहद आम है और अक्सर ये अपने आप या फिर मामूली पेनकिलर से ही ठीक हो जाता है। सरदर्द कई कारणों से हो सकता है। यह माइग्रेन, अधिक चिंता, साइनोसाइटिस या फिर आंखों में ग्लोकुमा या नजर कमजोर होने के चलते, दिमाग में सूजन या फिर ट्यूमर के चलते हो सकता है। पर, इसके साथ ही यह आने वाले ब्रेन स्ट्रोक का लक्षण भी हो सकता है।
माइग्रेन और स्ट्रोक के सिरदर्द के बीच फर्क कैसे करें?
सरदर्द और स्ट्रोक के बीच सम्बन्ध की बात करने से पहले आइये जानिए कि स्ट्रोक होता क्या है। सरल भाषा में कहें तो हमारे दिमाग तक खून की सप्लाई का अवरोधित होना स्ट्रोक कहलाता है। स्ट्रोक मुख्य तौर पर दो तरह का होता है : खून का थक्का जिसमें दिमाग तक खून सप्लाई करने वाली आर्टरी ब्लॉक हो जाती है, जिससे हमारे ब्रेन सेल मरने लगते हैं। और दूसरा, हेमरेजिक स्ट्रोक, जिसमें आर्टरी फट जाती है और दिमाग के भीतर ही खून बहने लगता है।
शोध के मुताबिक, माइग्रेन के मरीजों में स्ट्रोक की सम्भावना ज्यादा हो जाती है स्ट्रोक में सरदर्द के साथ शरीर के एक हिस्से का सुन्न पड़ना या एक हिस्से में बेहद कमजोरी महसूस करना, ज़ुबान लड़खड़ाना और नज़र का धुंधला हो जाना, दूसरों की बातें समझ पाने में दिक्कत होना आदि लक्षण भी सामने आते हैं। इन लक्षणों के आने से पहले ही सरदर्द शुरू हो जाता है और यह आने वाले स्ट्रोक की खतरे की घंटी सा होता है।
हिमरेजिक स्ट्रोक के चलते दिमाग में खून के बहने और सूजन से भी बेहद तेज़ सरदर्द हो सकता है। इसके अलावा सबाराकनॉइड हैमरेज में दिमाग के भीतरी परत के पास खून जम जाता है और अक्सर मरीज कहते हैं कि उन्होंने इसमें होने वाले सरदर्द जैसा दर्द कभी महसूस नहीं किया है। सबाराकनॉइड हैमरेज में थंडरक्लेप सरदर्द भी देखने को मिलता है,जो कि अचानक ही बेहद तेज़ हो जाता है।
कई बार स्ट्रोक के अटैक से पहले मिनी स्ट्रोक भी हो सकता है, जिसके लक्षण भी स्ट्रोक की तरह ही होते हैं। मिनी स्ट्रोक में दिमाग तक खून का सप्लाई आंशिक तौर पर या कुछ देर के लिए रुक जाता है और अक्सर यह स्ट्रोक के खतरे की घंटी होता है।
स्ट्रोक आने पर अस्पताल कब जाएं?
एक सवाल आपके मन में उठ सकता है कि कौन सी स्थिति में आखिर सरदर्द होने पर अस्पताल जाने का फैसला लिया जाए। इसमें दो चीज़ों का ध्यान रखना जरूरी है-एक तो अगर आपको अचानक बेहद तेज़ सरदर्द, ऊपर बताए गए लक्षणों के साथ हो रहा है। और, दूसरा इसके साथ ही आपकी उम्र 60 से अधिक है, डाइबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है, परिवार में स्ट्रोक का इतिहास है या फिर आप धूम्रपान करते हैं।
इसलिए अगर आपको कभी भी ऐसा सरदर्द होता है जो किसी भी तरह से मामूली सरदर्द से अलग है तो आपको सचेत हो जाने की जरूरत है। स्ट्रोक इतना खतरनाक है कि इसमें एक-एक मिनट ज़िंदगी और मौत तय कर सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी सरदर्द की सूरत में तुरंत ही नज़दीकी अस्पताल में जाएं।
(Inputs By: Dr. Kadam Nagpal, Senior Consultant Neurology, PSRI Hospital)