
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 2, 2022 7:01 AM IST
बरसात का मौसम मच्छर-जनित बीमारियों का भी मौसम होता है क्योंकि, बारिश के दिनों में ही मच्छरों को अंडे देने और पनपने के लिए अनुकुल मौसम (mosquito breeding season) मिलता है। जब ये मच्छर किसी व्यक्ति को काट लेते हैं तो डेंगू (Dengue) मलेरिया (Malaria), और चिकनगुनिया (Chikungunya) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों के लक्षण और कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण के कुछ लक्षण एक जैसे होते हैं और इसी के कारण लोगों को कई बार कोविड और डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के लक्षणों के बीच अंतर समझने में मुश्किल होती है। डॉ. भाविनी शाह (Dr. Bhavini Shah, head of Microbiology, Neuberg Supratech Reference Laboratories) का कहना है कि, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रसार मच्छरों (mosquito) के जरिए होती है लेकिन, कोविड संक्रमण का प्रसार किसी जीव के कारण नहीं होता और इसीलिए,कोरोना संक्रमण के प्रसार से बचने के लिए मास्क पहनने की जरूरत पड़ती है और मानसून की बीमारियों के लिए मच्छरों से बचने की जरूरत पड़ती है।
डॉ.भाविनी शाह ने कहा कि, चिकनगुनिया की बीमारी के मुख्य लक्षण (Common symptoms for chikungunya) हैं बुखार (fever), जोड़ों में दर्द (joint pain), सिरदर्द (headache), रैशेज (rashes), सूजन ( mild swelling) जबककि, डेंगू के शुरूआती लक्षणों में ये समस्याएं दिखायी देती हैं

वहीं, चिकगुनिया में सूजन की समस्या थोड़ी गम्भीर हो सकती है। जबकि, मलेरिया में रोजाना या एक दिन के अंतर पर रह-रहकर तेज बुखार हो सकता है। जबकि इसके साथ तेज बदन दर्द (severe body ache), कंपकंपी और ठंड ( body chills), बहुत अधिक पसीना (sweating), डायरिया (diarrhea), दिल की धड़कन तेज होना (fast heart rate), उलझन (mental confusion) जैसे लक्षण भी दिखायी दे सकते हैं जो जॉन्डिस (jaundice) का कारण बन सकता है।
वहीं, कोरोना संक्रमण होने पर लोगों को इस तरह की जैसी समस्याए हो सकती हैं-
इन बीमारियों का डायग्नोसिस करने और इन बीमारियों के प्रबंधन के लिए विभिन्न प्रकार के टेस्ट और स्क्रिनिंग किए जाते हैं।जैसे-
वहीं कोविड-19 संक्रमण के निदान (Covid-19 diagnosis) के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट (RT-PCR) किया जाता है।