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अक्सर जब भी हमारे दांतों में दर्द उठता है तो हम नजरअंदाज कर देते हैं। हमें लगता है यह मामूली सा दर्द है लेकिन असल में यह हमारे दांतों में पर लगाने वाली कैविटी होती है। शुरुआत में हम दांतों में होती झनझनाहट को अनदेखा कर देते हैं और टूथपेस्ट बदल लेते हैं। लेकिन जैसे जैसे कैविटी हमारे दांतों को खोखला करती जाती है, यह दर्द तो बढ़ता ही है, साथ ही ठंडा-गर्म, हर तरह का खाने-पाने से मसूड़ों में झनझनाहट महसूस होती है। जब स्थिति ज्यादा बढ़ जाए तो तब जरूरत पड़ती है रूट कैनाल की। जी हां।
ज़ाइनोवा शाल्बी अस्पताल, घाटकोपर, मुंबई की जनरल डेंटिस्ट डॉक्टर विमला सुकुमरन बताती हैं कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट (Root Canal Treatment - RCT) एक सामान्य दंत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य संक्रमित दांत को बचाना और दर्द से राहत दिलाना होता है। हालांकि, कई बार उपचार पूरा होने के बाद भी मरीज को उस दांत या आसपास के मसूड़ों में दर्द या संवेदनशीलता (sensitivity) महसूस हो सकती है। क्या आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं? आइए जानते हैं कि यह दर्द क्यों होता है और आपको क्या करना चाहिए।
एक्सपर्ट के अनुसार, रूट कैनाल के बाद दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं-
सूजन और संवेदनशीलता: प्रक्रिया के दौरान मसूड़ों और ऊतकों में हल्की सूजन आ जाती है, जो कुछ दिनों तक दांत दर्द का कारणबनती है।
दांत का ऊंचा होना: यदि फिलिंग या क्राउन (कैप) ठीक से एडजस्ट नहीं है, तो चबाते समय उस पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है।
संक्रमण का बने रहना: कभी-कभी दांत की जड़ों में गहरी नसों के अंदर संक्रमण रह जाता है।
मसूड़ों की समस्या: इलाज के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरणों के कारण मसूड़ों में हल्की चोट लग सकती है।
यदि आपको हल्का-फुल्का दर्द या असहजता महसूस हो रही है, तो आप घर पर ये उपाय अपना सकते हैं-
दर्द निवारक दवाएं: डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दर्द कम करने वाली (OTC) दवाएं लें। बिना डॉक्टर के परामर्श के कोई भी एंटीबायोटिक न खाएं।
कुनकुने पानी से नमक के गरारे (Salt Water Rinse): यह मसूड़ों की सूजन को कम करने और संक्रमण को दूर रखने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है। दिन में 3-4 बार इसका उपयोग करें।
सख्त खाने से बचें: अगले कुछ दिनों तक बहुत सख्त, चिपचिपी या ठंडी-गर्म चीजों का सेवन न करें। नरम आहार (जैसे दलिया, खिचड़ी) प्राथमिकता दें।
मुंह की स्वच्छता: दर्द के डर से ब्रश करना न छोड़ें। प्रभावित क्षेत्र पर नरम ब्रिसल वाले ब्रश का उपयोग करें और फ्लॉसिंग जारी रखें।
कोल्ड कंप्रेस: यदि चेहरे पर हल्की सूजन है, तो गाल के बाहर की ओर बर्फ से सिकाई करें।
घर के उपाय केवल अस्थायी राहत के लिए हैं। यदि नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए अपने डेंटिस्ट से संपर्क करें-
लगातार बढ़ता दर्द: यदि दर्द दवा लेने के बाद भी 3-4 दिनों से अधिक बना रहे।
तेज सूजन: चेहरे, मसूड़ों या गालों पर स्पष्ट सूजन का दिखना।
बुखार: मसूड़ों में संक्रमण के कारण बुखार आना संक्रमण फैलने का संकेत है।
एलर्जिक रिएक्शन: मुंह के आसपास दाने या खुजली महसूस होना।
दांत का हिलना: यदि उपचार किया हुआ दांत ढीला महसूस हो।
RCT के बाद हल्का दर्द होना सामान्य है और यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यदि दर्द आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, तो स्वयं डॉक्टर बनने के बजाय विशेषज्ञ से एक्स-रे करवाएं। याद रखें, सही समय पर जांच आपके दांत की उम्र बढ़ा सकती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।