
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : May 5, 2026 9:02 AM IST
Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi
Image credits by: पीरियड्स रैशेज
महिलाओं की सेहत में पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई और सही देखभाल बहुत जरूरी होती है, लेकिन गर्मियों में कई बार पैड के इस्तेमाल से खुजली, जलन और रैशेज जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यह एक आम समस्या है, जो अधिक पसीना, नमी और लंबे समय तक एक ही पैड पहनने की वजह से बढ़ जाती है। इसके लक्षण कभी हल्के होते हैं, तो कभी इतने परेशान करने वाले हो सकते हैं कि चलना-फिरना या बैठना भी असहज लगने लगता है।
RISAA IVF की को-फाउंडर और सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी का कहना है कि ‘आज मैं आपको इस विषय के बारे में आसान भाषा में समझाऊंगी ताकि आप सही तरीके से इसकी देखभाल कर सकें, इन समस्याओं से बच सकें और समझ सकें कि कब यह सामान्य है और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।’ आइए जानते हैं डॉक्टर ने क्या जानकारी शेयर की।
गर्मियों में पीरियड्स के दौरान पैड इस्तेमाल करने से खुजली और रैशेज की समस्याआम हो जाती है। इसका कारण ज्यादा पसीना, नमी और सही समय पर पैड न बदलना होता है, जिससे स्किन में इरिटेशन बढ़ जाता है। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं-
पीरियड्स के दौरान सही देखभाल और साफ-सफाई रखने से खुजली और रैशेज की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है, खासकर गर्मियों में। छोटी-छोटी आदतें आपकी स्किन को सुरक्षित और आरामदायक बनाए रखती हैं।
अगर खुजली और रैशेज 2–3 दिन में ठीक नहीं होते या धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। अगर आपको ज्यादा जलन, तेज दर्द, सूजन या त्वचा पर छोटे-छोटे घाव या छाले दिखने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अगर प्राइवेट एरिया में दुर्गंध, असामान्य डिस्चार्ज या बार-बार यही समस्या हो रही है, तो यह किसी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
डॉक्टर रीता बक्शी का कहना है कि ‘कभी-कभी सही इलाज के बिना समस्या बढ़ सकती है, इसलिए खुद से दवा लेने की बजाय डॉक्टर की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित होता है। समय पर सही जांच और उपचार से न केवल राहत मिलती है, बल्कि आगे होने वाली गंभीर समस्याओं से भी बचाव हो सकता है।’ आइए हम इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
डॉक्टर बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान होने वाली खुजली और रैशेज आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही हाइजीन, समय पर पैड बदलना और त्वचा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर छोटी-छोटी सावधानियां अपनाई जाएं, तो इन समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। और यदि लक्षण बढ़ें या बार-बार हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है।
डिस्क्लेमर- पीरियड्स के दौरान होने वाली खुजली और रैशेज आम समस्या है, लेकिन अगर आपके साथ ऐसा लंबे समय से हो रहा है और अधिक परेशानी हो रही है तो डॉक्टर के पास जाएं। घर पर उपाय करना दिक्कत पैदा कर सकता है।
पीरियड्स में दर्द से आराम पाने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड्स वाले फूड्स, मैग्नीशियम रिच फूड्स और साबुत अनाज का सेवन फायदेमंद होता है।
आमतौर पर फाइब्राइड, पीसीओडी और एंडोमेट्रिओसिस जैसी बीमारियों में महिलाओं को पीरियड्स के दौरान तेज दर्द महसूस हो सकता है।
आमतौर पर टीनएज या 10-15 साल के बीच की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो सकते हैं।
अदरक में मौजूद गुण गर्भाशय को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे पीरियड जल्दी आ सकता है। लेकिन इसका जरूरत से ज़्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।
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