
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 15, 2026 6:09 PM IST
गर्मी में सही खानपान अपनाने से बीमारियों का खतरा कम होता है।
How to cope and stay safe in extreme heat: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, कई जगहों पर तो पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जा चुका है और आने वाले समय में 50 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर सकता है। गर्मी के मौसम में तेज धूप, लू और गर्म हवाओं के बीच छोटी सी भी लापरवाही सीधे- सीधे खतरे को बढ़ावा देती है। तेज धूप और गर्म हवाएं शरीर में पानी की कमी, यानी डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होना आम बात मानी जाती है। इसके कारण चक्कर आना, शारीरिक तौर पर कमजोरी महसूस होना, सिर दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कभी-कभी हालत इससे भी ज्यादा गंभीर हो जाती है और व्यक्ति को हीट स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए गर्मी के मौसम में कुछ टिप्स को फॉलो करना बहुत जरूरी हैं।
पूरे देश में भीषण गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है तो हम आपको बताने जा रहे हैं, उन टिप्स के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप खुद को बीमारी से बचा सकते हैं।
गर्मियों में सही मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है।
अगर आपको ज्यादा प्यास लग रही है, बार-बार थकान महसूस हो रही है या शरीर में कमजोरी लग रही है, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें। यह संकेत हो सकते हैं कि आपका शरीर गर्मी से प्रभावित हो रहा है। इसके लिए जरूरी है कि पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं। दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें, भले ही आपको प्यास न लगे। गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है। इससे शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
गर्मियों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा लू और गर्म हवाएं चलती हैं। इस दौरान धूप का असर सीधे शरीर पर पड़ता है। इसलिए बीमारियों से बचाव करने के लिए गर्मियों में दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर जाने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल जरूर करें।
कई बार लोग गर्मियों में टाइट कपड़े पहन लेते हैं। गर्मियों में ज्यादा टाइट और डार्क रंग के कपड़े पहनने से भी आपकी परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए गर्मियों में ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनना भी बहुत जरूरी है। शरीर में ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनने से आपको आराम मिलता है। यह पसीने को सोखने में भी मदद करते हैं। जिससे आपको खुजली, घमौरियां और त्वचा पर जलन की परेशानी नहीं होती है।
गर्मियों में शारीरिक कमजोरी से बचाव करने के लिए सिर्फ बाहर नहीं घर के अंदर भी खुद को ठंडा रखने की कोशिश करें।
पंखा, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें और कमरे को हवादार रखें। हवादार कमरे में रहने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है। इससे आपको चक्कर आना, कमजोरी और थकान की समस्या कम होती है।
गर्मियों में पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है। ऐसे में ज्यादा तला-भुना और भारी खाना गर्मी में परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए गर्मियों में कोशिश करें कम तेल और मसाले वाला खाना ही खाएं। खाने में कार्ब्स और फैट की बजाय फाइबर को शामिल करें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
पेट में गर्मी (या एसिडिटी) के प्रमुख लक्षणों में पेट/सीने में जलन, खट्टी डकारें, अत्यधिक गैस, पेट फूलना, कब्ज, दस्त, जी मिचलाना और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन शामिल हैं।
हीटस्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है जिसमें किसी व्यक्ति का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है, जो अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने या ज़ोरदार शारीरिक व्यायाम के परिणामस्वरूप होता है। ऐंठन, दौरे या कोमा। पसीना आ सकता है और त्वचा देखने में ठंडी लग सकती है।
अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं तो ये शरीर की गर्मी को कम करता है और एक्ने-पिंपल्स की समस्या को बढ़ने से रोकने के साथ नेचुरल ग्लो लाने का काम करता है।