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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 15, 2021 12:31 PM IST
हफ्ते में कितने घंटे की एक्सरसाइज कम कर सकती है डायबिटीज का खतरा! जानें किस उम्र के व्यक्ति को सबसे ज्यादा फायदा
डायबिटीज, जीवनशैली से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज समय पर न किया जाए तो ये आपके लिए घातक सिद्ध हो सकती है। डायबिटीज निश्चित रूप से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बनती है, जो किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा सिद्ध हो सकती है। गुरुग्राम स्थित पारस हॉस्पिटल के एंडोक्रिनोलॉजी, सीनियर कंसल्टेंट आशुतोष गोयल बताते हैं कि डायबिटीज लाइफस्टाइल से संबंधी डिसऑर्डर है, जो हाल के दिनों में सभी आयु वर्ग के लोगों में बढ़ी है, लेकिन युवा आबादी में इसकी घटनाओं में 10% तक की ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।
डॉ. आशुतोष गोयल बताते हैं कि इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) की 2017 की रिपोर्ट बताती है कि भारत में लगभग 72.9 मिलियन लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं और उन्होंने खुद ये महसूस किया है कि पिछले साल डॉक्टरों ने अपने ओपीडी में युवा मरीजों (30 से 50 साल वाले) की संख्या में वृद्धि देखी है।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी में डायबिटीज के बढ़ने के पीछे की मुख्य वजह लाइफस्टाइल में हुआ हानिकारक बदलाव है, इनमें शामिल हैः
1-खानपान पैटर्न में बदलाव
2- शरीर के वजन में बढ़ोत्तरी
3-शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहना
उन्होंने कहा कि इसके अलावा डायबिटीज का देर से पता चलना भी डायबिटीज के मरीजों की बढ़ती संख्या के लिए बहुत बड़ा कारण है। यह भी देखा गया है कि डायबिटीज से महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा पीड़ित है।
वहीं हेल्थकार्ट के न्यूट्रिशनिस्ट अवनि शर्मा डायबिटीज के बारे में बताते हैं कि डायबिटीज भारत में मौजूद सबसे खराब लाइफस्टाइलसे सम्बंधित बीमारियों में से एक है, जिसके कारण यह दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया है। टाइप 1 डायबिटीज अनुवांशिक हो सकता है, लेकिन खराब लाइफस्टाइल से टाइप 2 और गेस्टेशनल डायबिटीज हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लाइफस्टाइल में बदलाव करके डायबिटीज होने के खतरे को कम किया जा सकता है, वहीं भोजन भी डायबिटीज को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं कैसे डायबिटीज को कैसे कंट्रोल किया जा सकता हैः
1-आवश्यक मात्रा में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करना।
2- कार्ब युक्त भोजन का सेवन ज्यादा करना।
3-बच्चों में फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फ़ूड का ज्यादा सेवन।
4- प्राकृतिक और हर्बल सप्लीमेंट जैसे मैग्नीशियम, विटामिन डी, एलोवेरा को डाइट में शामिल करना, जिससे इसे कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
5-शुगर के बजाय स्टीविया का उपयोग करना।
6-कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करने से डायबिटीज को रोकने और नियंत्रितकरने में मदद मिल सकती है।
अवनि शर्मा ने बताया कि डायबिटीज का खतरा मोटे लोगों या जो लोग बैठकर ज्यादा समय बिताते हैं, उनमें ज्यादा होता है। इसलिए ऐसे लोगो को हर हफ्ते 150 मिनट की विधिवत एक्सरसाइज करनी चाहिए।
उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के डायरेक्टर औप फाउंडर डॉ शुचिन बजाज ने डायबिटीज के बारे में बताते हैं कि डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बहुत से लोगों को ये पता ही नहीं होता है कि उन्हें डायबिटीज भी हैं। इसलिए हम ऐसे मरीजों में डायबिटीज का पता लगाने के लिए बहुत सारे आउटरीच कैम्प और ग्रामीण आउटरीच क्लीनिक का आयोजन करते हैं और हम हर दिन लगभग 10 नए डायबिटीज मरीजों का निदान करते हैं जिन्हें पता नहीं है कि वे डायबिटीज मरीज हैं।
उनमें से अधिकांश टाइप II डायबिटीज से पीड़ित हैं। यह डायबिटीज सामान्य लाइफस्टाइल की बीमारी है जो भारत को डायबिटीज की दुनिया की राजधानी बना रही है। गर्भावस्था के दौरान प्रीडायबिटीज और डायबिटीज के मामलों में भी वृद्धि हुई है, जिसे गर्भावधि (गेस्टेशनल) डायबिटीज के रूप में जाना जाता है। लाइफस्टाइल में बदलाव भारत में डायबिटीज को कम करने का एकमात्र सबसे प्रभावी तरीका है।
1-स्वस्थ शरीर के वजन को बनाए रखना
2- कम से कम 30 मिनट की नियमित, मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज करें।
3- शारीरिक रूप से सक्रिय रहना
4- कम चीनी और सैचुरेटेड फैट से स्वस्थ खानपान
5- तंबाकू और शराब से परहेज करना।