40 की उम्र में हार्ट 60 का? डॉक्टर से जानें Heart की Real Age

आजकल लोग खुद को जवां रखने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं, लेकिन जब बात दिल की आती है तो उन्हें यह पता ही नहीं होता है कि हार्ट एज भी मैटर करती है। यह क्या है, आइए कार्जियोलॉजिस्ट डॉक्टर समीर कुब्बा से जानते हैं।

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Written By: Dr Samir Kubba | Updated : June 5, 2026 3:24 PM IST

आपकी उम्र क्या है? अगर मैं आपने ये सवाल करूं तो जवाब में आप अपनी उम्र बताएंगे कि “मैं 30 साल का हूं या 40 का हूं।” लेकिन अगर मैं पूछूं की आपके हार्ट एज क्या है तो? अगर मैं कहूं कि भले ही आप 40 साल के हैं, लेकिन आपकी हार्ट एज 60 साल है तो? ये सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन आजकल कई मरीजों में यही समस्या देखने को मिल रही है। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, अस्वस्थ खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते हार्ट उम्र से पहले बूढ़ा हो सकता है।

सिर्फ डेट ऑफ बर्थ ही जरूरी नहीं होती है, बल्कि ये बहुत ही ज्यादा मायने रखता है कि आपका दिल कितनी उम्र का महसूस करता है। इसे मेडिकल टर्म में ‘हार्ट ऐज’ कहते हैं। बता दूं कि जब हम हार्ट एज की बात करते हैं, तो इसका मतलब होता है दिल की असली सेहत। कभी-कभी किसी की उम्र 40 साल होती है, लेकिन उसके धमनियों, रक्तचाप और दिल के स्वास्थ्य के आधार पर यह लगता है कि उसका दिल 55 या 60 साल के व्यक्ति जैसा है। हार्ट एज ये बताती है कि भविष्य में आपको दिल का दौरा, स्ट्रोक या अन्य दिल की बीमारियों का खतरा कितना है।

हार्ट एज यह बताती है कि आपके हृदय का जोखिम प्रोफाइल किस उम्र के व्यक्ति जैसा है।

हार्ट एज बढ़ने के कारण क्या हैं?

हार्ट एज बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर

अगर आपका ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नॉर्मल नहीं रहता है, तो दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे हार्ट पर दवाब पड़ता है और समय के साथ उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल

अगर आपके खून में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा है, तो धमनियों में चर्बी जमा होने लगती है। इससे रक्त प्रवाह पर असर पड़ता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

धूम्रपान करने की आदत

सिगरेट और तंबाकू ब्लड वैसल्स को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में मेरा कहना यही है कि स्मोक करने वालों का दिल अक्सर उनकी असली उम्र से अधिक बूढ़ा हो जाता है।

स्टेबल लाइफस्टाइल

आजकल ज्यादातर लोग घंटों ऑफिस में बैठे रहते हैं और कम चलते-फिरते हैं। यह भी उनकी हार्ट एज बढ़ाने का एक बड़ा कारण हो सकता है।

डायबिटीज और मोटापा

बहुत ज्यादा वजन और बढ़ता व कम होता ब्लड शुगर लेवल हार्ट के लिए सबसे बड़े जोखिम कारक माने जाते हैं।

कैसे पता करें कि आपका हार्ट एज से ज्यादा बूढ़ा हो रहा है?

दिलचस्प बात यह है कि मरीज में कभी-कभी कोई बड़ा लक्षण नहीं दिखता। लेकिन कुछ संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे- हल्का काम करने पर सांस फूलना, जल्दी थक जाना, सीढ़ियां चढ़ते समय परेशानी होना, बार-बार रक्तचाप बढ़ना, लगातार वजन बढ़ना, छाती में भारीपन महसूस होना आदि। अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

नेशलन लाइब्रेरी ऑफ मेडीसिन द्वारा प्रकाशित स्टडी में शामिल 6117 पुरुषों और महिलाओं में, औसत हार्ट एज उनकी असल उम्र से 5.7 साल ज्यादा थी और 2631 (43%) वयस्कों की अनुमानित हार्ट एज उनकी असल उम्र से 5 साल या उससे ज्यादा थी। औसत अतिरिक्त हार्ट एज उम्र और बॉडी मास इंडेक्स के साथ बढ़ती गई।

क्या युवाओं में भी बढ़ रही है यह समस्या?

जी बिल्कुल, पहले हार्ट डिजीज को बुढ़ापे से जोड़ा जाता था, लेकिन अब हार्ट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हुई दिख रही हैं। इसमें देर रात तक जागना, तनाव, फास्ट फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इस कारण कई युवा, जो दिखने में स्वस्थ हैं, दिल के रिस्क ग्रुप में आ जाते हैं। नेशलन लाइब्रेरी ऑफ मेडीसिन द्वारा "कार्डियोवैस्कुलर डिजीज अमंग इंडियन ओल्ड एडल्ट्स" नाम से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारत में हार्ट डिजीज के मामले न सिर्फ चिंताजनक हैं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ इनमें बढ़ोतरी भी देखी जा रही है।

साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि "बुज़ुर्गों में इन बीमारियों के ज्यादा मामलों के लिए मुख्य जोखिम वाले कारकों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, डिस्लिपिडेमिया, मोटापा, धूम्रपान, सुस्त लाइफस्टाइल और खान-पान की खराब आदतें शामिल हैं। इसके अलावा, इस आबादी में तनाव और जैनेटिक कारण भी कार्डियोवस्कुलर डिजीज के लिए अहम वजहों के तौर पर सामने आते हैं।"

हार्ट एज कम करने के लिए क्या करें?

अच्छी बात यह है कि सही आदतों के जरिए हार्ट एज को कम किया जा सकता है। जैसे रोजाना कम से कम 30 मिनट चलें, तेज चाल से चलना दिल को मजबूत बनाने का सबसे आसान तरीका है। इसके अलावा सही खान-पान अपनाएं, अपने आहार में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें।

ज्यादा नमक, चीनी और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें, धूम्रपान छोड़ दें और स्मोकिंग छोड़ने पर कुछ महीनों में दिल की सेहत में सुधार होने लगता है। वहीं पर्याप्त नींद लें और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं, क्योंकि 40 की उम्र के बाद रक्तचाप, रक्त शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की संभावना होती सकती है।

डॉक्टर की सलाह

बस अपनी उम्र देखकर खुद को स्वस्थ मान लेना सही नहीं है। अगर आपकी उम्र 40 साल है लेकिन आपका जीवनशैली खराब है, तो आपका दिल 60 साल के किसी इंसान की तरह काम कर सकता है। दिल की सेहत को बेहतर बनाने के लिए आज से ही छोटे-छोटे बदलाव करना शुरू करें। रोजाना चलें, तनाव कम करें, संतुलित भोजन लें और समय-समय पर चेकअप कराएं। याद रखें, हार्ट एज कम होगी, तो भविष्य भी स्वस्थ और सुरक्षित होगा।

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