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इस बात को ज्यादातर लोग जानते हैं कि बुखार कोरोनावायरस का एक सबसे प्रमुख लक्षण है। बुखार जांचना (how to check fever)एक बिल्कुल आसान तरीका है और मौजूदा वक्त में बीमार व्यक्तियों को भीड़ से अलग करने का सबसले प्रसिद्ध तरीका भी है। ऑफिसों से लेकर ट्रेन, फ्लाइट, मॉल और रेस्तरां में बिना संपर्क वाले थर्मामीटर से लोगों के माथे और कलाइयों के जरिए बुखार को जांचा जा रहा है। हालांकि कुछ अध्ययनों में इस बात की ओर भी इशारा किया गया है कि ये कोरोना वायरस के दौरान होने वाले बुखार को जांचने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है। और तो और अध्ययन में ऐसी दो जगह भी बताई गई हैं, जहां से बुखार जांचना (how to check fever) चाहिए ताकि ये पता लगाया जा सके कि आपको जो बुखार हुआ है वो कोरोना वाला है या नहीं। आइए जानते हैं बुखार से जुड़े कुछ जरूरी तथ्य।
इंफ्रारेड गन, थर्मोमीटर और स्कैनर भले ही संपर्क के खतरे को कम करते हैं लेकिन बहुत से एक्सपर्ट ने इन मेडिकल टूल की आलोचना की है। दरअसल एक्सपर्ट इनके हाई एक्यूरेसी रेट और गलत नतीजों के कारण इन्हें प्रयोग न करने की सलाह देते हैं। इतना ही नहीं अगर स्कैनर को गलत दूरी और प्रतिकूल तापमान में प्रयोग किया जाए तो ये गलत परिणाम दिखाता है। इसलिए अगर आप थर्मल स्कैनर पर भरोसा कर रहे हैं तो आप कहीं न कहीं गलत हो सकते हैं। इनके अलावा एक्सपर्ट बुखार के लिए लोगों को इन जगहों पर तापमान जांचने (how to check fever) की सलाह देते हैं।
जर्नल एक्सपेरिमेंटल फिजियोलॉजी में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में ये सामने आया है कि शरीर के तापमान में वृद्धि को शरीर की इन दो जगहों पर बिल्कुल सटीक मापा जा सकता है। बुखार जांचने (how to check fever) के लिए आपको आंखों और उंगलियों पर थर्मामीटर का प्रयोग करना चाहिए।
शोधकर्ताओं का मानना है कि शरीर के इन दो मुख्य अंगों में तापमान की जांच (how to check fever) करने से लोगों को एक मिनट के भीतर ही अपने शरीर के अंदर के सही तापमान को जांचने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इन दो अंगों के तापमान में एक डिग्री की भी बढ़ोत्तरी आपमें बढ़ते संक्रमण की ओर इशारा करती है।
इन दो अंगों का हवाला इसलिए दिया गया है क्योंकि इनके गलत परिणाम देने की संभावना बहुत ही कम होती है। दरअसल आपकी आंखें आपके माथे के ठीक नीचे होती हैं और ऐसा कहा जाता है कि ये शरीर के अन्य अंगों के मुकाबले सबसे ज्यादा तापमान दर्ज करवाती हैं। वहीं दूसरी तरफ आपकी उंगलियां शरीर के सभी अंगों से कहीं न कहीं जुड़ी होती हैं और इसलिए ये भी बिल्कुल सटीक तापमान दिखाती हैं।
कोरोना से जुड़े बुखार को दूसरे वायरल इंफेक्शन के कारण होने वाले बुखार से अलग देखा जाता है। बहुत से लोगों को लगातार 99 से लेकर 101 डिग्री तक बुखार रहता है और करीब हफ्ते भर तक ऐसा ही रहता है। कुछ परिस्थितियों में ये बहुत ज्यादा तेज भी हो सकता है। अगर आपको बुखार संक्रमण के दौरान हफ्ते भर तक रहता है तो आप उसकी गंभीरता और संक्रमण के प्रकार का अंदाजा लगा सकते हैं।