मौसम में अचानक बदलाव शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं, जिसपर ध्यान देनी की जरूरत होती है। आइए जानते हैं मौसम बदलने पर शरीर में दिखने वाले बदलाव क्या हैं?

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 9, 2026 4:07 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vighnesh Y

देश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं भीषण गर्मी पड़ रही है तो कहीं अचानक बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिल रहे हैं। मौसम में इस तरह के अचानक बदलाव का असर सिर्फ दिनचर्या पर ही नहीं, बल्कि हमारी सेहत पर भी पड़ सकता है।

हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स में सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि तापमान, नमी और बैरोमेट्रिक प्रेशर में अचानक होने वाले बदलाव शरीर को अतिरिक्त मेहनत करने के लिए मजबूर कर देते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

दिल पर पड़ सकता है अतिरिक्त दबाव

डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि ठंड या तापमान में अचानक गिरावट के कारण ब्लड वेसेल्स सिकुड़ सकती हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। डॉक्टर बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या एंजाइना की समस्या है, उनमें सीने में दर्द, सांस फूलना और दुर्लभ मामलों में हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।

अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

रिसर्च के मुताबिक, मौसम में अचानक बदलाव का सबसे ज्यादा असर श्वसन तंत्र पर पड़ता है। ठंडी और ड्राई एयर सांस की नलियों को उत्तेजित कर सकती है, जबकि नमी में अचानक बदलाव से बलगम का उत्पादन बढ़ सकता है। यही वजह है कि अस्थमा, एलर्जी और सीओपीडी जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों में खांसी, घरघराहट और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है।

इन्फेक्शन का बढ़ सकता है खतरा

डॉक्टर का कहना है कि जब मौसम तेजी से बदलता है, तो शरीर को अपने आंतरिक तापमान को स्थिर बनाए रखने के लिए अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।

कुछ रिसर्च में पाया गया है कि तापमान में बार-बार बदलाव श्वसन संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसी वजह से मौसम बदलने के दौरान सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ते दिखाई देते हैं।

जोड़ों के दर्द की शिकायत क्यों बढ़ जाती है?

कई लोग दावा करते हैं कि बारिश या मौसम बदलने से पहले उनके घुटनों और जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। डॉ. विघ्नेश बताते हैं कि बैरोमेट्रिक प्रेशरप्रेशर में बदलाव और जोड़ों के फ्लूड की चिपचिपाहट में परिवर्तन के कारण गठिया के मरीजों में दर्द और अकड़न बढ़ सकती है।

अचानक गर्मी बढ़ने पर डिहाइड्रेशन का खतरा

अगर मौसम अचानक ठंडा से गर्म हो जाए, तो शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए अधिक पसीना निकालना पड़ता है। इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और कुछ दवाएं लेने वाले लोगों में डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक हो सकता है।

क्या कहती है रिसर्च?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के मुताबिक, ठंड का मौसम हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है और हार्ट के मरीजों में जटिलताओं का जोखिम बढ़ा सकता है। वहीं, कई अध्ययनों में पाया गया है कि तापमान और आर्द्रता में बदलाव अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन भी चेतावनी देता है कि अत्यधिक गर्मी और मौसम संबंधी घटनाएं स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।

मौसम बदलने पर खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

अगर आप बदलते मौसम में कुछ को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी उपायों का सहारा ले सकते हैं, जैसे-

  • मौसम के अनुसार कपड़ों की लेयरिंग करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • अचानक मौसम बदलने पर लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
  • अस्थमा या हृदय रोग की दवाएं नियमित रूप से लेते रहें।
  • मौसम का पूर्वानुमान देखते रहें।
  • अगर सीने में दर्द, गंभीर सांस की तकलीफ, चक्कर या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Disclaimer : मौसम में अचानक बदलाव सिर्फ असुविधा ही नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह भी बन सकता है। हृदय रोग, अस्थमा, गठिया और बुजुर्गों में इसका असर अधिक देखा जाता है। हालांकि कुछ आसान सावधानियां अपनाकर मौसम से जुड़ी अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

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