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Liquid calories How your drinks quickly derail fat loss: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी की वजह से हम लोगों का खानपान पूरी तरह से बदल चुका है। अब लोग खाने से ज्यादा ड्रिंक्स के जरिए शरीर को एनर्जी देने की कोशिश करते हैं, ताकि पूरा दिन एक्टिव फील करें और रोजमर्रा के सारे काम निपट जाए। यही कारण है कि पिछले 2 दशक में विभिन्न प्रकार की फ्लेवर्ड कॉफी, कोला और एनर्जी ड्रिंक्स का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। 10 में से 7 लोग इसे हेल्दी मानते हैं। लेकिन आपको ये बात जानकार हैरानी होगी कि आपकी फ्लेवर्ड कॉफी, पैकेज्ड हेल्दी जूस और एनर्जी ड्रिंक्स (Energy Drink Peene Ke Nuksaan) की हर घूंट में चीनी छिपी हुई है। ये चीनी न सिर्फ सेहत को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि मोटापा का भी कारण बन रहा है।
मोटापेके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 26 नवंबर को एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day) मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने का उद्देश्य मोटापे के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसके गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति सचेत करना है। एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day) के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कोला, कॉफी और जूस से मिलने वाली कैलोरी कैसे मोटापे का कारण बनती है।
नोएडा मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की हेड - क्लिनिकल न्यूट्रिशन डॉ. करुणा चतुर्वेदी (Dr Karuna Chaturvedi, Head - Clinical Nutrition, Max Super Speciality Hospital, Noida) के अनुसार, सॉफ्ट ड्रिंक, कोला और चीनी युक्त नींबू पानी में भी उतनी ही कैलोरी होती है, जितना की एक छोटी खाने की थाली में होती है। लोग अक्सर भूख को कंट्रोल करने के लिए सॉफ्ट ड्रिंक पी लेते है, लेकिन फिर भी उन्हें भूख लगती है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग ठोस खाने की तरह लिक्विड चीनी को रजिस्टर नहीं कर पाता। दिन में सिर्फ एक कोक पीने से शरीर में सैकड़ों एक्स्ट्रा कैलोरी इकट्ठा हो जाती हैं, जिससे वजन बढ़ता है और कार्डियो मेटाबोलिक रिस्क बढ़ता है।
डॉक्टर बताते हैं कि आजकल कैफे कल्चर बढ़ चुका है- कैपुचिनो, मोचा, फ्राप्पे, करामेल फ्लेवर्ड कॉफी को अक्सर लोग सिंपल कॉफी मानकर पी लेते हैं। लेकिन असलियत में इन फैंसी कॉफी में चीनी और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। ज्यादातर लोग कॉफी को ड्रिंक मानते हैं, इसलिए बाद में खाने की मात्रा कम नहीं करते है। इस तरह, छुपी हुई कैलोरी रोजाना शरीर में जमा होती रहती है और वजन बढ़ने और मोटापे की समस्या होती है।
पैकेज्ड फ्रूट जूस हेल्थ फ्रेंडली होने का दिखावा करते हैं। लेकिन ज्यादातर पैकेज्ड जूस में अधिक मात्रा में चीनी होती है। यहां तक कि नो एडेड शुगर वाले पैकेज्ड जूस भी ग्राहक को गुमराह करते हैं। क्योंकि इनमें नैचुरल फ्रुक्टोज ज्यादा होता है। जिससे कैलोरी का इनटेक बढ़ता है और ये मोटापा का कारण बनता है। एक रिसर्च के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति दिन में 1 गिलास पैकेज्ड जूस पीता है, तो इससे कैलोरी इनटेक 10 गुणा बढ़ता है।
डॉ. करुणा चतुर्वेदी बताती हैं कि जब हम ठोस भोजन खाते हैं, शरीर उसे पचाने में समय लेता है। खाने से मिलने वाला फाइबर और प्रोटीन दिमाग को “भूख खत्म” होने का संकेत भेजते हैं। लेकिन तरल रूप में ली गई कैलोरी सीधे ब्लड में जाती है। इससे आपकी भूख कम नहीं होती, कैलोरी गिनती बढ़ जाती है, बॉडी इन्हें तुरंत फैट के रूप में स्टोर करती है और इंसुलिन स्पाइक होने लगता है। जिससे वजन और मोटापा तेजी से बढ़ता है।
बाजार में मिलने वाले सॉफ्ट और फैंसी ड्रिंक दिखने में आकर्षक होते हैं, स्वादिष्ट भी लगते हैं, लेकिन इनके अंदर छिपी चीनी, कॉर्न सिरप और अतिरिक्त कैलोरी हमारे शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। डॉक्टर का कहना है कि वजन को कंट्रोल में रखने के लिए, डायबिटीज की रोकथाम और मेटाबॉलिक हेल्थ सुधारने के लिए लिक्विड कैलोरी को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।