दिमाग को खोखला कर रहा है मोबाइल फोन, ज्यादा यूज करते हैं तो हो जाएं सावधान

स्मार्टफोन हमारे कई जरूरी कामों को आसान बनाता है। लेकिन, इसका ज्यादा इस्तेमाल ब्रेन हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। यह तनाव का कारण भी बन सकता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : March 18, 2026 10:29 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Madhukar Bhardwaj

आज के समय में हमारी दिनचर्या काफी हद तक स्मार्टफोन के इर्द-गिर्द घूमती है। चाहे ऑफिस का ई-मेल चेक करना हो, मैसेज पढ़ना हो या अपने दोस्तों-रिश्तेदारों से बात करनी हो, स्मार्टफोन हर समय हमारे साथ रहता है। हालांकि, स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल सिर्फ आंखों को नहीं, दिमाग को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक मोबाइल फोन के स्क्रीन के संपर्क में रहने से मानसिक थकान, ध्यान की कमी, नींद में बाधा और चिंता जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। मोबाइल फोन पर लगातार एक्टिव रहने से ध्यान लगाने और एकाग्रता में भी कमी आने लगती है। आपको बता दें कि हर साल 16 से 22 मार्च तक ब्रेन अवेयरनेस वीक (Brain Awareness Week) मनाया जाता है।

आकाश हेल्थकेयर की डायरेक्टर एंड एचओडी-न्यूरोलॉजी डॉ. मधुकर भारद्वाज (Dr. Madhukar Bhardwaj, Director & HOD - Neurology, Aakash Healthcare) बताती हैं कि मोबाइल फोन के स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करती है। इससे नींद प्रभावित होती है, इससे नींद पूरी नहीं हो पाती है और मूड खराब बना रहता है। इसका असर ध्यान, एकाग्रता और याद्दाश्त पर भी पड़ता है।

दिमाग को कैसे प्रभावित कर रहा है स्मार्टफोन?

स्मार्टफोन या मोबाइल फोन दिमाग को कई तरह से प्रभावित कर रहा है। इसका असर मूड पर काफी ज्यादा पड़ता है।

1. ध्यान और एकाग्रता पर असर

मोबाइल फोन का असर ध्यान और एकाग्रता पर सबसे ज्यादा पड़ता है। लगातार मोबाइल नोटिफिकेशन, मैसेज और सोशल मीडिया अपडेट हर समय दिमाग को बिजी रखते हैं। इससे दिमाग को आराम करने का समय नहीं मिल पाता है। ऐसे में अगर आप कुछ काम कर रहे होते हैं, तो बार-बार मोबाइल चेक करने की इच्छा होती है। इससे काम से ध्यान भटकता है और एकाग्रता कमजोर हो जाती है। मोबाइल फोन की वजह से किसी एक काम पर लंबे समय तक ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है।

2. याददाश्त कमजोर होना

मोबाइल फोन की वजह से लोग कई चीजों को दिमाग में रखने के बजाय फोन पर सेवन करने लगे हैं। कोई जरूरी जानकारी हो या मीटिंग नोट्स, लोग सब कुछ मोबाइल फोन में लिखने लगे हैं। इसकी वजह से दिमाग का मेमोरी सिस्टम एक्टिव नहीं रह पाता है और याद्दाश्त धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है

3. तनाव बढ़ता है

सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। दूसरों की लाइफ देखकर खुद की तुलना करना, लगातार नोटिफिकेशन आना और ऑनलाइन एक्टिव रहने का दबाव तनाव और चिंता को बढ़ाता है। इससे एंग्जायटी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

4. नींद पर बुरा असर

रात में सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करने से दिमाग को आराम नहीं मिल पाता है। ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को कम कर देती है, जिससे नींद प्रभावित होता है। इससे नींद की गुणवत्ता खराब होने लगती है।

Highlights:

  • घंटों मोबाइल फोन चलाने से दिमाग की सेहत पर खराब असर पड़ता है।
  • इससे तनाव बढ़ता है और एकाग्रता में कमी आती है।
  • ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को कम कर देती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।