
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Himika Chawla
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सावन के महीने में देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने के लिए कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। यह यात्रा 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है। इस यात्रा को आस्था, संयम और शारीरिक सहनशक्ति का प्रतीक माना जाता है। कांवड़ यात्रा पर लोग पैदल चलकर देश के कोने-कोने से हरिद्वार या गंगोत्री या अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लाकर भगवान शिव को अर्पित करने जाते हैं। इसलिए कई लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या हाई बीपी या शुगर वाले रोगियों के लिए कांवड़ यात्रा सुरक्षित होती है? क्या हाई बीपी या शुगर के मरीज इतनी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं?
PSRI हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट-एंडोक्राइनोलॉजी डॉ. हिमिका चावला बताती हैं, "हाई बीपी और डायबिटीज रोगी कांवड़ यात्रा पर जा सकते हैं, लेकिन इन लोगों को बीपी और शुगर को नियंत्रण में रखना जरूरी है। क्योंकि अगर यात्रा के दौरान अचानक से बीपी या शुगर बढ़ता है, तो इससे दिक्कत हो सकती है।"
डॉ. हिमिका चावला बताती हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले सुनिश्चित करना जरूरी है कि बीपी या शुगर नॉर्मल हो। यात्रा में अपने साथ जरूरी दवाइयां साथ रखें। साथ ही, शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे।
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अगर आपको हाई बीपी या डायबिटीज है, तो कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। जैसे-
अगर आप कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं, तो यात्रा से पहले डॉक्टर से जरूर मिलें और बीपी-शुगर की जांच जरूर कराएं। यात्रा पर जाने से पहले यह जानना जरूरी है कि बीपी और शुगर नियंत्रण में है या नहीं। बिना डॉक्टर की सलाह के यात्रा पर जाने की भूल बिल्कुल न करें।
अगर कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं और हाई बीपी-शुगर रोगी हैं, तो अपने साथ इन दोनों की दवाइयां जरूर रखें। अगर आप इंसुलिन पर हैं, तो इसे भी लेते रहे। अपने साथ ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनिटर जरूर रखें। यात्रा के दौरान आप दवाइयां लेना भूल सकते हैं, इसलिए समय-समय पर दवा लेने के लिए आप अलार्म लगा सकते हैं।
हाई बीपी और डायबिटीज रोगियों के लिए समय-समय पर भोजन करना बहुत जरूरी है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर लेवल अचानक से बढ़ सकता है। इससे चक्कर आने, कमजोरी, बेहोशी या पसीने आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से बचें।
कांवड़ यात्रा के दौरान पैरों की देखभाल करना भी बहुत जरूरी है। डायबिटीज मरीजों में पैरों में घाव और संक्रमण का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस दौरान आपको पैरों की केयर करना जरूरी है। आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें। हर दिन पैरों की जांच भी जरूर करें कि कोई घाव या कट तो नहीं लगा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान कई घंटों तक पैदल चलना होता है, इस दौरान शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकती है। पानी की कमी से ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव हो सकता है और ब्लड शुगर लेवल भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए समय-समय पर पानी जरूर पीते रहें। आप चाहें तो डॉक्टर की सलाह पर अपने साथ ओआरएस भी रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे ले सकते हैं।
यात्रा के दौरान अगर आपको इन लक्षणों का अनुभव हो, तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। जैसे-
इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। ये हाई बीपी, लो ब्लड शुगर, हीट स्ट्रेस या हृदय संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकते हैं।
Disclaimer: कांवड़ यात्रा सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि शारीरिक सहनशक्ति की भी परीक्षा है। अगर आप डायबिटीज और हाई बीपी के रोगी हैं, तो कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अपने साथ दवाइयां रखें और शरीर को हाइड्रेट रखें। संतुलित डाइट भी लें। अगर यात्रा के दौरान कोई लक्षण महसूस हो तो अनदेखी बिल्कुल न करें और हेल्थ एक्सपर्ट की राय जरूर लें।