
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : April 20, 2026 3:46 PM IST
Medically Verified By: Dr. Ajay Nair, Dr Rakesh Pandit
Image credits by: Plastic Waste
Plastic Waste and Health: हम में से ज्यादातर लोगों को प्लास्टिक की थैलियां और बोतल फेंकने की आदत होती है। हमें लगता है कि यह सिर्फ एक बोतल या बैग ही तो है, इससे पर्यावरण को क्या ही नुकसान होगा। लेकिन, जब ऐसा सब लोग करने लगते हैं तो इससे सिर्फ एनवायरमेंट ही नहीं सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंचने लगते हैं। प्लास्टिक कचरा न सिर्फ लैंडफिल में पड़ा रहता है, बल्कि यह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है, इन टुकड़ों को ही माइक्रोप्लास्टिक्स कहा जाता है। ये हवा,पानी और खाना, हर जगह पाए जा सकते हैं। ऐसे में दूषित खाना खाने और पानी पीने से खून और फेफड़ों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आपको बता दें कि हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस (world earth day) मनाया जाता है। आइए, आज इसी मौके पर जानते हैं कि प्लास्टिक कचरा सेहत को कैस नुकसान पहुंचाता है?
आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एंड एचओडी, इंटरनल मेडिसिन डॉ. राकेश पंडित (Dr. Rakesh Pandit, Senior Consultant & HOD, Internal Medicine, Aakash Healthcare) बताते हैं, "प्लास्टिक में कई केमिकल्स होते हैं, जो हार्मोन असंतुलन का कारण बन सकते हैं। इसकी वजह से प्रजनन और मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं, कुछ प्रकार के केमिकल्स कैंसर का कारण भी बन सकते हैं।"
नारायण हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन (Dr. Ajay Nair, Sr. Consultant - Internal Medicine, Narayana Hospital Jaipur) बताते हैं, "प्लास्टिक के छोटे-छोटे कणों को माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है। इन्हें आंखों से भी नहीं देखा जा सकता है,ये माइक्रोप्लास्टिक भोजन और पानी के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे कैंसर, थायराइड, सांस और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।"
प्लास्टिक वेस्ट सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। जैसे-
प्लास्टिक के नुकसान से बचने के लिए आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है।
प्लास्टिक कचरे को सिर्फ एक सफाई का मुद्दा नहीं माना जाता है, बल्कि इसे एक गंभीर स्वास्थ्य खतरे के रूप में देखा जाता है। रोजमर्रा की छोटी आदतों को बदलकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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