थायराइड कितने प्रकार का होता है? किस थायराइड में कौन से लक्षण नजर आते हैं

10 में से 8 थायराइड के मामलों में इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं और सामान्य कमजोरी, तनाव या हार्मोनल बदलाव समझकर अनदेखा कर दिए जाते हैं। अक्सर अब थायराइड की बात होती है तो लोग इसे सिर्फ थायराइड ही मानते हैं। लेकिन ये कई प्रकार का होता है।

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Written By: Dr. Anupam Biswas | Published : February 2, 2026 7:55 AM IST

How many types of thyroid conditions are there: थायराइड आज लाखों भारतीयों के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की बेवसाइट पर छपी एक रिपोर्ट बताती है कि भारत की महिलाएं थायराइड जैसे रोग से ज्यादा परेशान हैं। हैरानी का बात तो यह है कि भारत जैसे देश में लोगों को सालों तक इस बात की जानकारी नहीं होती है कि उन्हें थायराइड है।

10 में से 8 थायराइड के मामलों में इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं और सामान्य कमजोरी, तनाव या हार्मोनल बदलाव समझकर अनदेखा कर दिए जाते हैं। अक्सर अब थायराइड की बात होती है तो लोग इसे सिर्फ थायराइड ही मानते हैं। लेकिन मुख्य रूप से थायराइड 4 प्रकार का होता है। मरीज को कौन सा थायराइड है इसकी जानकारी उन्हें पहले से हो, तो इलाज ज्यादा आसान हो जाता है।

थायराइड कितने प्रकार का होता है?

थायराइड मुख्य रूप से चार प्रमुख प्रकार का होता है:

  1. हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism)
  2. हाइपरथायराइडिज्म (Hyperthyroidism)
  3. थायराइडाइटिस (Thyroiditis)
  4. थायराइड नोड्यूल्स और गोइटर (Thyroid Nodules & Goiter)

1. हाइपोथायराइडिज्म क्या है? (Hypothyroidism in Hindi)

किसी व्यक्ति के शरीर में थायराइड ग्रंथि जब जरूरत से ज्यादा काम करने लगती है, तो इस स्थिति को हाइपोथायराइडिज्म कहा जाता है। हाइपोथायराइडिज्म की परेशानी अक्सर खाने में आयोडीन की कमी, ऑटोइम्यून रोग (हाशिमोटो थायराइडाइटिस), रेडिएशन थेरेपी और किसी दवा का लंबे समय तक सेवन करने के कारण देखी जाती है। कुछ महिलाओं में प्रेग्नेंसी के समय होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से भी हाइपोथायराइडिज्म की समस्या होना आम है।

हाइपोथायराइड के लक्षण (Symptoms of Hypothyroidism)

हाइपोथायराइडिज्म की खासियत ही यही है कि इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। यही कारण है कि 10 में से 8 लोग हाइपोथायराइडिज्म के शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर इग्नोर कर देते हैं। हाइपोथायराइडिज्म के लक्षणों में शामिल हैः

  1. बार-बार थकान महसूस होना
  2. बिना ज्यादा खाए वजन बढ़ना
  3. ठंड ज्यादा लगना
  4. चेहरे और आंखों में सूजन
  5. त्वचा का रूखा और बेजान होना
  6. बालों का झड़ना और सफेद होना
  7. अक्सर कब्ज की समस्या रहना
  8. पीरियड्स का अनियमित होना
  9. पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग
  10. नॉर्मल प्रेग्नेंसी कंसीव करने में दिक्कत

2. हाइपरथायराइडिज्म क्या है? (Hyperthyroidism in Hindi)

किसी व्यक्ति के शरीर थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन का निर्माण करने लगता है, तो इसे हाइपरथायराइडिज्म कहा जाता है।हाइपरथायराइडिज्म जैसी स्थिति ग्रेव्स डिजीज, ज्यादा मात्रा में आयोडीन का सेवन करने, थायराइड की दवा खुराक से ज्यादा लेने के कारण देखी जाती है। कुछ मामलों में प्रेग्नेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से भी हाइपरथायराइडिज्म हो सकता है।

हाइपरथायराइड के लक्षण (Symptoms of Hyperthyroidism)

  1. तेजी से वजन घटना
  2. भूख ज्यादा लगना
  3. दिल की धड़कन तेज होना
  4. जरूरत से ज्यादा पसीना आना
  5. गर्मी सहन न होना
  6. थकावट के बावजूद बेचैनी
  7. मानसिक घबराहट
  8. चिड़चिड़ापन
  9. एंग्जायटी

3. थायराइडाइटिस क्या है? (Thyroiditis in Hindi)

थायराइडाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायराइड ग्रंथि में सूजन आ जाती है। इसमें कभी हार्मोन ज्यादा बनते हैं और कभी कम। आसान भाषा में कहे तो थायराइडाइटिस के मरीजों में कभी थायराइड हार्मोन ज्यादा बनने लगता है, तो कभी कम बनता है। थायराइडाइटिस को भी 3 भागों में विभाजित किया गया है। हाशिमोटो थायराइडाइटिस, सबएक्यूट थायराइडाइटिस और पोस्टपार्टम थायराइडाइटिस शामिल है।

थायराइडाइटिस के लक्षण

  1. गर्दन में दर्द या सूजन
  2. बिना किसी कारण थकान
  3. पहले हाइपरथायराइड के लक्षण
  4. बाद में हाइपोथायराइड के लक्षण

4. गोइटर

थायराइड के इस प्रकार में थायराइड की ग्रंथि का आकार बहुत तेजी से बढ़ता है। गोइटर के कारण गर्दन में सूजन नजर आने लगती है। गोइटर के कारण नजर आने वाली सूजन इतनी ज्यादा होती है, कि लोगों को भी नजर आने लगती है।

  1. गोइटर के लक्षण
  2. गोइटर के कारण व्यक्ति में नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैंः
  3. गर्दन में उभार
  4. खाना और पानी निगलने में परेशानी
  5. सांस लेने में दिक्कत
  6. आवाज का तेजी से बैठना

इनके अलावा थायराइड का एक प्रकार थायराइड नोड्यूल्स भी हैं। थायराइड में बनने वाली गांठों को नोड्यूल्स कहा जाता है। भारत में सामने आने वाले 10 में से 8 मामलों में थायराइड नोड्यूल्स में बनने वाली गांठ कैंसर रहित होती है, लेकिन इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।

थायराइड को नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक है?

किसी व्यक्ति को अगर थायराइड है और समय पर उसका इलाज न किया जाए, तो भविष्य में उसे हार्ट डिजीज, इनफर्टिलिटी, प्रेग्नेंसी कंसीव करने में परेशानी, मानसिक रोग, हड्डियां कमजोर होने की समस्या हो सकती है। इसलिए थायराइड को मामूली बीमारी बिल्कुल न समझें। आपके परिवार में थायराइड का इतिहास रहा है, तो डॉक्टर की सलाह पर अपना थायराइड टेस्ट जरूर करवाएं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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