
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : April 20, 2026 3:39 PM IST
Medically Verified By: Dr. Amrita Ramaswami
Hemophilia Symptoms
हीमोफीलिया एक अनुवांशिक ब्लीडिंग डिसऑर्डर है, जो पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक पाया जाता है। यह बीमारी खून के थक्के बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण होती है। सामान्य रूप से खून के जमने के लिए शरीर में कई प्रकार के प्रोटीन (क्लॉटिंग फैक्टर्स) काम करते हैं, जिन्हें फैक्टर I से लेकर फैक्टर XIII तक माना जाता है। किसी भी फैक्टर की कमी होने पर खून का थक्का बनने में परेशानी होती है और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर हीमेटो ऑन्कोलॉजी और BMT, डॉ. अमृता रामास्वामी से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर?
हीमोफीलिया मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, हीमोफीलिया A और हीमोफीलिया B। हीमोफीलिया A फैक्टर VIII (Factor 8) की कमी के कारण होता है। वहीं, हीमोफीलिया B, फैक्टर IX (Factor 9) की कमी से होता है। हीमोफीलिया C, विशिष्ट क्लॉटिंग फैक्टर की कमी के आधार पर अलग किया गया है।
फैक्टर की कमी के स्तर के आधार पर हीमोफीलिया को तीन भागों में बांटा जाता है, माइल्ड, मॉडरेट और सीवियर हीमोफीलिया। सीवियर हीमोफीलिया में फैक्टर VIII या IX का स्तर बहुत कम होता है, जिससे बिना चोट के भी ब्लीडिंग (Spontaneous bleeding) हो सकती है।
हीमोफीलिया के लक्षण इसकी गंभीरता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं, जैसे-
माइल्ड और मॉडरेट हीमोफीलिया के लक्षण कभी-कभी बिल्कुल भी नहीं दिखाई देते हैं। अक्सर इसके लक्षण देरी से दिखते हैं, जैसे-
ऐसे मरीजों में लक्षण आमतौर पर बचपन से ही दिखने लगते हैं, इसलिए यह जल्दी पहचान में आ जाता है। कई बार ऐसे मरीजों को वयस्क (adult) होने तक बीमारी का पता नहीं चलता।
डॉक्टर कहते हैं कि यह एक जेनेटिक बीमारी है। परिवार में पहले से किसी को होने पर जोखिम बढ़ जाता है। यह X-क्रोमोसोम से जुड़ी बीमारी है, इसलिए पुरुषों में अधिक होती है
ध्यान रखें कि हीमोफीलिया एक गंभीर लेकिन मैनेजेबल बीमारी है। गंभीर हीमोफीलिया के संकेत बचपन से ही स्पष्ट दिखाई देते हैं। हल्का हीमोफीलिया लंबे समय तक छुपा रह सकता है और सिर्फ चोट या सर्जरी के बाद ही सामने आता है। इसलिए अगर बार-बार या असामान्य ब्लीडिंग हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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