
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 12, 2026 5:03 PM IST
हंतावायरस एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से चूहों से इंसानों में फैलती है। हाल ही में एक क्रूज शिप पर इसके मामले मिलने के बाद यह चर्चा में है। आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी बीमारी है जो चूहों के जरिए इंसानों तक पहुंचती है। हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों और रोडेंट्स में पाया जाता है। यह वायरस चूहों को बीमार नहीं करता, लेकिन उनके शरीर में बना रहता है। जब चूहे अपने मल, मूत्र या लार को कहीं छोड़ते हैं तो यह वायरस वहां जमा हो जाता है। जिसके संपर्क में आने से इंसान संक्रमित होता है।
इंसानों में हंतावायरस मुख्य रूप से नीचे बताए गए 3 तरीकों से फैलता है-
सांस के जरिए: अगर आप किसी ऐसी पुरानी जगह की सफाई कर रहे हैं जहां चूहों की गंदगी सूखी पड़ी है, तो सफाई के दौरान वह धूल में मिलकर हवा में उड़ती है। जब आप उस हवा में सांस लेते हैं, तो वायरस आपके फेफड़ों में चला जाता है।
सीधे संपर्क से: चूहों की गंदगी को हाथ लगाने और फिर उन्हीं हाथों से नाक या मुंह को छूने से भी हंतावायरस हो सकता है।
इंसान से इंसान (दुर्लभ): हंतावायरस के ज्यादातर केस एक इंसान से दूसरे में नहीं फैलते। लेकिन एंडीज हंतावायरस नाम का एक स्ट्रेन ऐसा है जो संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने से दूसरे को बीमार कर सकता है। 2026 के ताजा मामलों में इसी स्ट्रेन का डर बना हुआ है।
ज्यातादर वेबसाइट्स और ऑफिशियल हैंडल के अनुसार अभी तक 11 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें से 7 लैब द्वारा पुष्ट हैं और 4 संभावित मामले हैं। वहीं अभी तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। जहाज पर मौजूद सभी 147 यात्रियों और ड्राइवर ग्रुप को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है और उनकी लगातार जांच की जा रही है।
| देश | पुष्ट मामले | संभावित मामले | मृत्यु |
| नीदरलैंड | 1 | 2 | 2 |
| ब्रिटेन | 2 | 1 | 0 |
| जर्मनी | 1 | 0 | 1 |
| स्विट्जरलैंड | 1 | 0 | 0 |
| फ्रांस | 1 | 0 | 0 |
| अमेरिका | 1 | 1 | 0 |
| कुल (लगभग) | 7 | 4 | 3 |
अब तक इस प्रकोप में 3 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, दक्षिण अमेरिका के देशों जैसे चिली और अर्जेंटीना में इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 11 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
चूंकि यह वायरस जहाज के जरिए फैला है, इसलिए कई देशों में संक्रमण को रोकने के लिए क्वारंटाइन और आइसोलेशन के कड़े उपाय किए गए हैं:
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको कोई खास लक्षण महसूस हो तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।