
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr Vineet Malhotra
organ donation day
Organ Donation Day 2026: हर साल 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य है लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करना और यह बताना है कि एक डोनर कई लोगों की जान बचा सकता है। जो लोग अंगदान के प्रति जागरूक होते हैं, वे मरने के बाद अपने अंग दान कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंगदान में सिर्फ डोनर ही नहीं, बल्कि समय भी सबसे बड़ा फैक्टर होता है?
दरअसल, जब शरीर से अंग निकाले जाते हैं, जिसे ऑर्गन रीट्राइवल कहा जाता है, वे हमेशा के लिए सुरक्षित नहीं रहते। हर अंग के सुरक्षित रहने की एक तय समय-सीमा होती है, कि उसे कितने घंटे के लिए प्रिजर्व किया जा सकता है। बता दें कि इस दौरान अंग को ठंडे तापमान या मशीनों में रखा जाता है और तय समय-सीमा के भीतर रिसीपिएंट के शरीर में ट्रांसप्लांट करना जरूरी होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि डोनेट किया जाने वाला कौन सा अंग कितने समय तक सेफ रह सकता है।
अमेरिका के हेल्थ रिसोर्सेज एंड सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन (HRSA) के अनुसार के अनुसार "यह वह समय होता है, जिसके दौरान किसी अंग को शरीर से निकालने के बाद नियंत्रित तापमान और प्रिजर्वेशन सॉल्यूशन में सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि उसे दूसरे मरीज में सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया जा सके।
जब किसी डोनर के शरीर से अंग निकाले जाते हैं तो उसके तुरंत बाद उन्हें नॉर्मल तापमान पर नहीं छोड़ा जाता। बल्कि डॉक्टर उन्हें एक विशेष प्रिजर्वेशन सॉल्यूशन में रखते हैं और लगभग 2–8°C के नियंत्रित तापमान पर रखा जाता है। इसी प्रोसेस को स्टैटिक कोल्ड स्टोरेज कहा जाता है।
स्टडी के अनुसार हाल के वर्षों में प्रकाशित कई शोध और क्लीनिकल स्टडीज के अनुसार, मशीन परफ्यूजन Machine Perfusion तकनीक का उपयोग बढ़ा है। इसमें मशीन के जरिए लगातार अंग तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाया जाता है, जिससे ऑर्गन लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखे जा सकते हैं।
हेल्थ रिसोर्सेज एंड सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन (HRSA)और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसन के अनुसार, हर अंग को स्टोर करने की समय सीमा अलग-अलग होती है। आइए आपको 5 अंगों के बारे में बताते हैं कि उन्हें कब तक स्टोर करके रखा जा सकता है-
| अंग | कितनी देर तक सुरक्षित रहते हैं | जल्दी ट्रांसप्लांट क्यों? |
| हार्ट | 4–6 घंटे | हार्ट लगातार काम करने वाला अंग है। बिना ऑक्सीजन के इसे जल्दी नुकसान पहुंचता है। |
| फेफड़े | 4–6 घंटे | फेफड़ों के टिशू जल्दी खराब होने लगते हैं। |
| लिवर | 8–12 घंटे | लिवर ज्यादा समय तक ठंडे तापमान में सुरक्षित नहीं रह सकता है। |
| पैंक्रियास | 12–18 घंटे | पैंक्रियास में मौजूद इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। |
| किडनी | 24–36 घंटे | किडनी कोल्ड स्टोरेज को सबसे बेहतर तरीके से सहन कर सकती है। |
हार्ट और फेफड़े शरीर के सबसे सक्रिय अंगों में शामिल हैं। हार्ट हर मिनट खून पंप करता है, जबकि फेफड़े लगातार ऑक्सीजन का आदान-प्रदान करते हैं। शरीर से निकाले जाने के बाद इन अंगों की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे इस्कीमिक इंजरी (Ischemic Injury) का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इसलिए इनका ट्रांसप्लांट 4–6 घंटे के भीतर करना सबसे सुरक्षित माना जाता है।
VNA हॉस्पिटल के प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजी और सेक्सोलॉजी डॉक्टर विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि किडनी सेल्स बाकी अंगों की तुलना में ऑक्सीजन की कमी को अधिक समय तक सहन कर सकती हैं। यही कारण है कि किडनी को 24–36 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
बता दें कि डॉक्टर अक्सर ट्रांसप्लांट के लिए मिले समय को गोल्डन विंडो कहते हैं। यानी जैसे ही किसी व्यक्ति से अंग निकाला जाता है, उसी समय से घड़ी चलना शुरू हो जाती है। इसे प्रोसेस में ये चीजें आती हैं-
अगर इनमें देरी होती है, तो ऑर्गन की क्वालिटी भी प्रभावित हो सकती है और ट्रांसप्लांट की सक्सेस रेट घट सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आप अंगदान करना चाहते हैं या किसी मरीज के लिए अंग प्रत्यारोपण संबंधी जानकारी चाहते हैं, तो अपने नजदीकी अधिकृत अस्पताल या ट्रांसप्लांट सेंटर से संपर्क करें।