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5 या 10 दिन, IVF के बाद कब करवाना चाहिए प्रेग्नेंसी? डॉक्टर ने बताया सही समय

IVF करवाने के बाद हर कपल यह जानना चाहता है कि उसे प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करना चाहिए। अगर आपके दिमाग में भी यह सवाल है तो वर्ल्ड आईवीएफ डे के खास मौके पर हम आपको इस सवाल का जवाब देने वाले हैं।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 24, 2026 2:53 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Ila Gupta

IVF का सफर इमोशनल भी होता है और उम्मीदों से भरा भी। भ्रूण ट्रांसफर के बाद हर दिन एक साल जैसा लगता है। और इसी इंतजार में सबसे बड़ा सवाल हर कपल के दिमाग में आता है कि उन्हे प्रेगेंसी टेस्ट कब करना चाहिए। बहुत सी महिलाएं बेताबी में भ्रूण ट्रांसफर के 5-6 दिन बाद ही प्रेग्नेंसी टेस्ट कर लेती हैं। IVF प्रोसेस के बाद जल्दबाजी में प्रेग्नेंसी टेस्ट करने से न सिर्फ रिजल्ट सही आता है, बल्कि यह मानसिक तौर पर भी परेशान करने वाला होता है। 25 जुलाई को वर्ल्ड आईवीएफ डे मनाया जा रहा है तब इस खास मौके पर हम आपको बताने जा IVF के बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करना कब सही होता है।

डॉक्टर क्या कहते हैं?

नई दिल्ली स्थित प्रिस्टिन केयर फर्टिसिटी और आईवीएफ हॉस्पिटल की अध्यक्ष व फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. ईला गुप्ता बताती हैं - IVF में धैर्य सबसे जरूरी है। भ्रूण ट्रांसफर के बाद भ्रूण को गर्भाशय की दीवार से चिपकने और hCG हार्मोन बनाने में समय लगता है। अगर आप बहुत जल्दी टेस्ट करेंगी तो रिपोर्ट नेगेटिव भी आ सकती है, जबकि प्रेग्नेंसी हो। इसे हम False Negative कहते हैं। इसलिए IVF करवाने के बाद कुछ समय मानसिक शांति रखना जरूरी है, ताकि रिजल्ट सही आए।

IVF के बाद ब्लड टेस्ट से प्रेग्नेंसी कंफर्म की जाती है। IVF के बाद ब्लड टेस्ट से प्रेग्नेंसी कंफर्म की जाती है।

IVF करवाने के बाद कब करना चाहिए प्रेग्नेंसी टेस्ट?

डॉ. ईला गुप्ता का कहना है कि किसी भी आईवीएफ साइकल में भ्रूण ट्रांसफर के 10 से 12 दिन बाद ब्लड टेस्ट सबसे सटीक माना जाता है। इस प्रोसेस के दौरान ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह से ही प्रेग्नेंसी कंफर्म कराने की सलाह दी जाती है। ब्लड टेस्ट हार्मोन बहुत कम मात्रा भी पकड़ में आ जाती है।

IVF के बाद जो महिलाएं घर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहती हैं तो 14 दिन के बाद ही करें। आईवीएफ एक्सपर्ट के अनुसार, आईवीएफ के बाद 2 सप्ताह से कम समय में अगर आईवीएफ टेस्ट किया जाए तो रिजल्ट गलत भी आ सकता है।

जल्दी टेस्ट करने से क्या नुकसान है?

डॉ. ईला गुप्ता के अनुसार- किसी भी आईवीएफ प्रोसेस में जल्दी टेस्ट करने से दो चीजें होती हैं। पहली नेगेटिव आने पर अनावश्यक तनाव महसूस होता है। इससे कपल्स मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो जाते हैं। इसके साथ ही दूसरी - अगर होम प्रेग्नेंसी टेस्ट किट में हल्की पॉजिटिव लाइन आए तो कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा हो जाती है। कई बार ट्रिगर इंजेक्शन का हार्मोन भी टेस्ट में दिख जाता है, जिससे फॉल्स पॉजिटिव लगता है।

टेस्ट को घर पर भी किया जा सकता है।

IVF प्रोसेस के बाद अगर किसी महिला को hCG का इंजेक्शन लगा था तो कम से कम 10 दिन बाद ही टेस्ट करें। इतना ही नहीं जब तक रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आती है, तब तक डॉक्टर की दवाएं और विभिन्न प्रकार का सपोर्ट लेना बिल्कुल न बंद करें।

डॉक्टर कहती हैं कि IVF के बाद का इंतजार सबसे मुश्किल होता है। लेकिन सही समय पर टेस्ट करने से आपको सही और भरोसेमंद रिजल्ट मिलेगा। इसलिए अपने डॉक्टर की बताई तारीख का इंतजार करें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आप प्रेग्नेंसी कंसीव करने के लिए आईवीएफ करवा रहे हैं तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने से पहले अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।