हेल्दी एजिंग में कैसे फायदेमंद है फिजियोथेरेपी? जानिए 50+ बुजुर्गों के लिए जरूरी एक्सरसाइज

Physiotherapy Benefits For Healthy Ageing: हेल्दी एजिंग के लिए फिजियोथेरेपी और नियमित व्यायाम बहुत जरूरी हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : September 8, 2025 3:12 PM IST

Benefits Of Physiotherapy For Healthy Ageing: दुनियाभर में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में भी आने वाले समय में 60 साल से ऊपर की आबादी बहुत बढ़ने वाली है। अनुमान है कि 2050 तक बुजुर्गों की संख्या 10% से बढ़कर करीब 20% हो जाएगी। इस साल "वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे" का थीम "स्वस्थ उम्र बढ़ना" है। आज लोगों की जीवन प्रत्याशा (life expectancy) तो बढ़ रही है, लेकिन जीवन की गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं है। इसका कारण है बदलती जीवनशैली की वजह से मोटापा, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियां, हड्डियों की कमजोरी, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज और सेरेब्रोवैस्कुलर डिजीज जैसी गैर-संक्रामक बीमारियां बढ़ना। इसके अलावा, ऑस्टियोपोरोसिस, न्यूरोपैथी और मसल इम्बैलेंस से जोड़ों की ग्रंथि की भावना कम हो जाती है और गिरने की घटनाएं अधिक हो जाती हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का अधिक उपयोग, शारीरिक गतिविधि में कमी, और नींद की गुणवत्ता खराब होने से उम्र से संबंधित बीमारियां और मृत्यु दर बढ़ रही है। आज इस लेख में जयाप्रकाश जयवेलु, चीफ फ़िज़ियोथेरेपिस्ट, धर्मशीला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली से जानते हैं कि हेल्दी एजिंग में फिजियोथेरेपी कैसे फायदेमंद है? 

क्यों जरूरी है फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज?

फिजियोथेरेपी और नियमित व्यायाम बुजुर्गों के लिए दवा की तरह काम करते हैं। सही तरीके से की गई एक्सरसाइज दर्द और तकलीफ कम करती है और शरीर को सक्रिय बनाए रखती है।

एक्सरसाइज को पांच "R" के साथ अपनाना चाहिए:

  1. राइट पेशेंट
  2. राइट एक्सरसाइज
  3. राइट ड्यूरेशन
  4. राइट इंटेंसिटी
  5. राइट सुपरविजन

बुजुर्गों के लिए जरूरी एक्सरसाइज:

  • बैलेंस एक्सरसाइज – गिरने से बचाने के लिए
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग – मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए
  • स्ट्रेचिंग – शरीर को लचीला बनाए रखने के लिए
  • एरोबिक एक्सरसाइज – दिल और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए

अगर बुजुर्ग रोजाना कम से कम 30-40 मिनट एक्सरसाइज करें और हफ्ते में 2 घंटे से ज़्यादा शारीरिक गतिविधि रखें, तो उनकी गिरने की घटनाएं और बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य और समाज की भूमिका

बुजुर्गों को सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। छोटे परिवार, अकेलापन, जल्दी रिटायरमेंट और सुनने की समस्या जैसी बातें डिप्रेशन, एंग्जाइटी और डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों को बढ़ाती हैं। ऐसे में, जल्दी पहचान, सुनने के उपकरण और दवाओं का नियमित उपयोग, नियमित एक्सरसाइज, सामाजिक समूह बैठकें, और केंद्रित पुनर्वास बुजुर्गों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

सरकार और समाज की जिम्मेदारी

हालांकि, वृद्धाश्रम, उम्रदराज-अनुकूल समाज और डिमेंशिया केयर होम्स बढ़ रहे हैं, लेकिन फिर भी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान देने के लिए और अधिक उपाय आवश्यक हैं। सरकार को आवासीय परिसरों, व्यावसायिक स्थानों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में बुजुर्गों की जरूरतों के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश देने चाहिए। इसमें सेक्साजेनरियन, सप्टूजनरियन और ऑक्टुजनरियन शामिल हैं।

हेल्दी एजिंग के लिए सिर्फ दवाइयां नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी और नियमित व्यायाम बहुत जरूरी हैं। जब शरीर फिट रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा, तभी बुजुर्ग जीवन की गुणवत्ता का असली आनंद ले पाएंगे।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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