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How High BP and Sugar Affect Kidney: आजकल डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर बेहद आम समस्याएं बन गई हैं। ज्यादातर लोग इन बीमारियों से जूझ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2024 में विश्वभर में 140 करोड़ लोग हाई बीपी से प्रभावित थे, जिसमें 30 से 79 वर्ष की आयु वर्ग सबसे ज्यादा थे। वहीं, अगर डायबिटीज की बात करें तो साल 2022 मे इस बीमारी से 83 करोड़ लोग जूझ रहे हैं। यह आंकड़े हर साल लगातार बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हाई बीपी और डायबिटीज, दोनों ऐसी बीमारियां हैं जो खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी डाइट और तनाव से जुड़ी हैं। डायबिटीज और हाई बीपी, शरीर में कई गंभीर बीमारियों को भी न्यौता देते हैं। ये दोनों बीमारियां किडनी की हेल्थ को भी प्रभावित करते हैं। अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज या हाई बीपी है, तो उसके किडनी डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है। आइए, जोशी डायबिटीज एंड हार्ट क्लिनिक, रोहिणी के डॉ. आलोक जोशी से जानते हैं डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी को कैसे प्रभावित करते हैं?
किडनी हमारे शरीर के सबसे जरूरी अगों में से एक होता है। यह शरीर का एक प्राकृतिक फिल्टर के तौर पर काम करता है। किडनी शरीर में खून साफ करती हैं और शरीर में मौजूद टॉक्सिंस और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती हैं। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करती हैं। वैसे तो किडनी रोग कई कारणों से हो सकते हैं। लेकिन, डायबिटीज और हाई बीपी की वजह से भी किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
डायबिटीज यानी हाई शुगर लेवल, किडनी को डैमेज कर सकता है। ब्लड शुगर बढ़ने से किडनी की रक्त नलिकाएं डैमेज हो जाती हैं। दरअसल, जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है, तो इससे किडनी पर दबाव बढ़ जाता है। इस स्थिति में किडनी के फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है। इससे पेशाब में झाग यानी प्रोटीन निकलने लगता है। डायबिटीज रोगियों में धीरे-धीरे डायबेटिक नेफ्रोपैथी विकसित हो सकता है। यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है और किडनी पूरी तरह से खराब हो सकती हैं।
हाई बीपी रोगियों मे किडनी से जुड़े रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। दरअसल, हाई बीपी की वजह से किडनी की रक्त नलिकाओं पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे किडनी की नसें सख्त होने लगती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और किडनी को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। इससे किडनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इसलिए अगर आपको हाई बीपी की दिक्कत है, तो किडनी की समय-समय पर जांच करवाते रहें।
अगर किडनी खराब हो रही है, तो इस स्थिति में शरीर आपको कुछ संकेत दे सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।