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Hand Foot Mouth Disease: बच्चों की तुलना बड़ों में अलग होती है ये बीमारी, पूरे शरीर में हो सकते हैं खुजलीदार दाने

Hand foot mouth disease in adults: हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज, एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन है, जो कि अक्सर बच्चों में होता है। लेकिन ये बड़ों को भी संक्रमित कर सकता है।

Written by Pallavi |Published : September 29, 2022 9:54 AM IST

Hand foot mouth disease in adults: हाथ, पैर और मुंह की बीमारी (HFMD), एक वायरल बीमारी है, जो अक्सर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। इस बीमारी में पूरे शरीर खास कर कि हाथ, पैर और मुंह पर दाने निकल आते हैं, जिसमें तेज खुजली हो सकती है। साथ ही बच्चों को तेज बुखार भी आता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात ये है कि ये रोग बच्चों से बड़ों में भी फैल सकता है। क्योंकि ये बीमारी वायरल इंफेक्शन से फैलता है और बहुत ज्यादा संक्रामक है, इसलिए ये वयस्कों को भी अपना शिकार बना सकता है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में।

वयस्कों को हाथ, पैर और मुंह की बीमारी कैसे हो सकती है-Causes of HFMD in adults?

हाथ, पैर और मुंह की बीमारी एक वायरल इंफेक्शन है जो कि ककॉक्ससैकीवायरस 16 ( coxsackievirus 16) नाम के वायरल के कारण होता है। ये एक प्रकार का एंटरोवायरस है। ये बीमारी गर्मी और वसंत और सर्दियों की शुरुआत में तेजी से फैल सकती है और ये भीड़-भाड़ वाली जगहों पर तेजी से फैल सकती है। यानी कि अगर आप एक छोटे मोहल्ले में रहते हैं, तब भी ये बीमारी तेजी से फैल सकती है। हालांकि, ये इन कारणों से ज्यादा फैल सकती है।

-सांस की बूंदों के जरिए।

-आपके कफ या थूक से।

-मुह से मुंह तक यानी किस करने से।

हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज के लक्षण-Symptoms of hand, foot and mouth disease in adults?

बच्चों में आमतौर पर हाथ, पैर और मुंह की बीमारी अक्सर पहचान में नहीं आती है और बस दाने दिख सकते हैं, बुखार हो सकता है और फ्लू के लक्षण महसूस हो सकते हैं। जबकि, बड़ों में ये बीमारी होने पर आपके हाथ की हथेलियों, आपके पैरों के तलवों, घुटनों, कोहनी, जननांगों या बट गालों पर खुजलीदार दाने निकल सकते हैं। इसके अलावा

-मुंह में छाले हो सकते हैं।

-गर्दन में सूजन लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है।

- आपके हाथों और पैरों पर भी फफोले नजर आ सकते हैं।

-तेज बुखार हो सकता है।

बड़ों में कितनी गंभीर हो सकती है ये बीमारी?

बड़ों में ये बीमारी कई बार गंभीर हो सकती है। ये लंबे समय तक रहने पर मेनिनजाइटिस (Meningitis) का कराण बन सकता है। क्योंकि सभी वायरसों की तरह, यह ब्लड और ब्रेन को प्रभावित कर सकता है। यह हृदय को भी संक्रमित कर सकता है और मायोकार्डिटिस का कारण बन सकता है। गर्भवती महिलाओं में भी ये कई समस्याओं का कारण बन सकता है।

बचाव के टिप्स-Prevention tips

अगर किसी को भी ये बीमारी हुई है तो उसे घर पर रहना चाहिए। क्योंकि ये एक-दूसरे में तेजी से फैल सकता है। खासकर पहले कुछ दिनों के भीतर। साथ ही आपको कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। जैसे -अपने हाथ खाने से पहले हर बार धो लें। आपके द्वारा स्पर्श की जाने वाली सभी सतहों, विशेष रूप से डोर नॉब्स, नल और शौचालय के हैंडल को कीटाणुरहित करें। काम, स्कूल और सामाजिक आयोजनों से दूर रहें। बुजुर्ग लोगों से बचें और लक्षण दिखते ही खुद को अलग करके डॉक्टर को दिखाएं।

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