
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ajay Nair
Painkiller
Pankiller Affect Kidney Health : सिरदर्द हो या फिर कमर दर्द, लगभग शरीर के हर एक दर्द के लिए हम में से कई लोग डॉक्टर से बिना पूछे दर्द की दवा ले लेते हैं। लेकिन क्या बार-बार बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना सही है? वैसे तो जरूरत पड़ने पर और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इन दवाओं का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन अगर पेनकिलर बार-बार या लंबे समय तक बिना डॉक्टरी सलाह के ली जाए, तो यह आपकी किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टें, इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर अजय नायर का कहना है कि पेनकिलर का इस्तेमाल ज्यादा या लंबे समय तक करने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। मुख्य रूप से अगर आप NSAIDs (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) का बार-बार सेवन करते हैं, तो इससे किडनी में ब्लड फ्लो कम हो सकता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। इसलिए इन दवाओं का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह और सही खुराक के अनुसार ही करना चाहिए। आइए इस लेख को विस्तार से समझते हैं-
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हमारी किडनी का मुख्य काम शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना है। साथ ही यह दवाओं और उनके मेटाबोलाइट्स को भी फिल्टर करती है। NSAIDs जैसे -इबुप्रोफेन, डिक्लोफेनाक और नेफ्रोजेन जैसी दवाएं किडनी में ब्लड फ्लो बनाए रखने वाले प्रोस्टाग्लैंडिन नामक केमिकल्स के निर्माण को कम कर देते हैं। इससे किडनी तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच पाता और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। अगर इन दवाओं का लंबे समय तक या अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, तो किडनी को स्थाई नुकसान होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि किडनी में होने वाली समस्याओं की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती नुकसान अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होता है। कई बार व्यक्ति को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उसकी किडनी प्रभावित हो रही है। जब नुकसान बढ़ जाता है, तब शरीर में सूजन, पेशाब कम आना, लगातार थकान, भूख कम लगना, मतली या ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं।
हर व्यक्ति में पेनकिलर का असर समान नहीं होता। कुछ लोगों में किडनी को नुकसान पहुंचने का रिस्क अधिक हो सता है, जैसे-
इसके अलावा, कई लोग अलग-अलग ब्रांड की दर्द निवारक या सर्दी-जुकाम की दवाएं एक साथ ले लेते हैं। इनमें अक्सर NSAIDs मौजूद होते हैं, जिससे अनजाने में दवा की कुल मात्रा बढ़ जाती है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
डॉक्टर कहते हैं कि ऐसा नहीं होता है। सभी पेनकिलर दवाओं का रिस्क एक जैसा नहीं होता। अगर आप पेनकिलर सामान्य खुराक और सीमित समय तक लेते हैं, तो इससे नुकसान नहीं होता है। लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन बिल्कुल भी न करें।
डॉ. नायर का कहना है कि पैरासिटामोल अधिकतर लोगों में NSAIDs की तुलना में किडनी पर कम असर डालता है। हालांकि, किसी भी दवा का जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इस्तेमाल सुरक्षित नहीं माना जाता। इसलिए कोई भी पेनकिलर नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
अगर आप पेनकिलर लेते हैं, तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है, जैसे-
Disclaimer : अगर आपको बार-बार दर्द की वजह से पेनकिलर लेने की जरूरत पड़ रही है, तो सिर्फ दवा लेना समाधान नहीं है। जरूरी है कि आपको बार-बार दर्द के होने के पीछे के कारणों को जानना। इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें और अपनी जांच कराएं।