पानी कम पीने की आदत कैसे आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है, नेफ्रोलॉजिस्ट ने दी सलाह
अगर आपको पानी कम पीने की आदत है, तो इससे सिर्फ डिहाइड्रेशन का खतरा ही नहीं बल्कि किडनी से जुड़ी समस्याएं विकसित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। चलिए इस बारे में किडनी एक्सपर्ट्स से कुछ सलाह लेते हैं।
अब शायद यह तो बताने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए कि पानी हमारे लिए कितना ज्यादा जरूरी है, क्योंकि आज के समय में हर किसी को यह बात पता है। लेकिन फिर भी अक्सर देखा जाता है कि लोग काम के प्रेशर में या किसी अन्य वजह के कारण पानी पीना भी भूल जाते हैं। अगर हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने लगती है या फिर स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। डॉ. शिव चड्ढा, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट दिल्ली के अनुसार अगर आप लंबे समय से पानी कम पी रहे हैं और आपने पानी कम पीने की ही आदत डाल रखी है, तो इसका असर आपकी किडनी के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।
पानी कम पीने की आदत का किडनी पर असर
पानी न पीने की आदत को हम अक्सर छोटी-मोटी गलत आदत समझ लेते हैं, लेकिन इससे किडनी पर असर पड़ने जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। किडनी हमारे शरीर का प्राकृतिक फिल्टर है, जो खून से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। अब इस प्रक्रिया को सामान्य रूप से चलाए रखने के लिए पानी की जरूरत होती है, क्योंकि पानी होगा तभी तो शरीर अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से अलग करके यूरिन के साथ बाहर निकाल पाएगी।
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इसके अलावा अगर शरीर में पानी की हो गया है तो किडनी को खून को फिल्टर करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यूरिन की मात्रा कम होती है और उसमें खनिज व अन्य अपशिष्ट पदार्थ की मात्रा ज्यादा जा जाती है। इन पदार्थो को फिल्टर करने में किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ता है और किडनी पूरी तरह से इन्हें फिल्टर नहीं कर पाती है। अब ऐसी स्थिति में कई बार ये पदार्थ किडनी में ही जमा होने लगते हैं और किडनी स्टोन का रूप ले लेते हैं।
बैक्टीरिया का खतरा बढ़ना
पर्याप्त पानी पीते हैं तो शरीर अंदर अंदर पनप रहे बैक्टीरिया समय रहते ही यूरिन के साथ शरीर से बाहर निकल जाते हैं। इसके विपरीत अगर पानी कम पी रहे हैं, तो बैक्टीरिया लंबे समय तक यूरिनरी ट्रैक्ट में रहते हैं जिससे यूटीआई का खतरा भी बढ़ सकता है और इसमें किडनी, ब्लैडर या यूरेथ्रा में इन्फेक्शन होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें किडनी में इन्फेक्शन होना कई बार बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होना
अगर लंबे समय से शरीर में पानी कम है, तो इसके कारण किडनी की कार्यक्षमता काफी प्रभावित हो सकती है और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) विकसित हो सकता है। हालांकि, किडनी रोगों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन पर्याप्त पानी न पीना उनमें से एक महत्वपूर्ण है और आसानी से टाला जा सकता है।
प्यास लगने का इंतजार न करें
प्यास लगने का इंतजार कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्यास लगने का मतलब है कि शरीर में पानी की कमी शुरु हो चुकी है। कुछ स्थितियों के दौरान शरीर में पानी की जरूरत बढ़ जाती है जैसे -
- गर्मी के मौसम
- ज्यादा शारीरिक गतिविधि
- लंबी यात्रा
- एयर कंडीशनर में रहना
आपको सलाह दी जाती है कि आप सामान्य तौर पर दिनभर पर्याप्त पानी पीएं, ऐसे फलों व सब्जियों का सेवन करें जिनमें भरपूर मात्रा में पानी हो और स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी ऐसे संकेत को नजरअंदाज न करें जो शरीर में पानी की कमी या फिर किडनी से जुड़ी बीमारियों के संकेत तो दर्शाता हो।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल पानी की कमी और किडनी की समस्याओं से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।