
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : August 20, 2025 2:01 PM IST
Medically Verified By: Dr Vijay Agrawal
How Does Tuberculosis Start: टीबी एक संक्रामक और जानलेवा रोग है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। हालांकि, यह शरीर के अन्य अंगों तक भी फैल सकता है। आपको बता दें कि टीबी रोग की शुरुआत बेहद धीरे-धीरे होती है। जब व्यक्ति टीबी बैक्टीरिया के संपर्क में आता है तो कुछ दिन बाद उसे खांसी जैसे लक्षण का अनुभव हो सकता है। धीरे-धीरे टीबी के लक्षण (TB Symptoms in Hindi) गंभीर रूप ले सकते हैं। जब संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो बैक्टीरिया लार के कणों से हवा में फैल जाते हैं। इससे ये कण स्वस्थ व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं और वह भी संक्रमित हो सकता है। इसी तरह से टीबी की बीमारी फैलती है। टीबी संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भी फैल सकता है। लेकिन, टीबी रोग की शुरुआत कैसे होती है ( How Does Tuberculosis Start in the Body)? आइए, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डायरेक्टर– पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर डॉ. विजय कुमार अग्रवाल से जानते हैं इसके बारे में-
टीबी एक गंभीर बीमारी है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण होता है। जब यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है, तो फेफड़ों को प्रभावित करता है। फेफड़ों में इस बैक्टीरिया की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। कुछ मामलों में टीबी का बैक्टीरियल रक्तप्रवाह में प्रवेश करके, शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल जाता है।
दरअसल, जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो इसके कण हवा में फैल जाते हैं। ये कण या बैक्टीरिया स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। टीबी रोग संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है।
वैसे तो टीबी की बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। लेकिन, कुछ लोगों में टीबी रोग विकसित होने का जोखिम ज्यादा रहता है।
टीबी के शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। क्योंकि टीबी का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है। अन्यथा, यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। खासकर, अगर लक्षण 2 सप्ताह से ज्यादा समय से बने हुए हैं तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। टीबी के लक्षणों पर ध्यान न देने से स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। यह स्थिति व्यक्ति की जान पर भी भारी पड़ सकती है।
आपको ये लक्षण आम लग सकते हैं, लेकिन ये टीबी का संकेत भी देते हैं। इसलिए इन्हें हल्के में लेकर बिल्कुल अनदेखी न करें। खासकर, अगर परिवार में किसी को पहले से टीबी की बीमारी है तो ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
टीबी आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है। अगर टीबी का समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। टीबी रोग फेफड़ों को धीरे-धीरे खराब कर सकता है। इतना ही नहीं, यह शरीर के अन्य अंगों तक भी पहुंच सकता है। टीबी की बीमारी आंतों, मस्तिष्क, हड्डियों और किडनी को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज करने से फेफड़ों के साथ ही, मस्तिष्क और हड्डियों को भी नुकसान पहुंचता है।
टीबी का निदान करने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट लिख सकते हैं। जब किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण (TB ke Lakshan) नजर आते हैं, तो डॉक्टर बलगम की जांच करवा सकते हैं। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर एक्स-रे और जीन एक्सपर्ट टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। इन टेस्ट के जरिए किसी व्यक्ति को टीबी रोग है या नहीं, इसका पता आसानी से लगाया जा सकता है। अगर टीबी का निदान हो जाता है, तो फिर इलाज शुरू किया जाता है।
आपको बता दें कि प्राचीनकाल में टीबी का कोई इलाज उपलब्ध नहीं था। उस समय टीबी से कई लोग अपनी जान गंवाते थे। लेकिन, आज टीबी का इलाज पूरी तरह से संभव है। टीबी के इलाज के लिए डॉक्टर कुछ दवाइयां लिख सकते हैं। इन दवाइयों का सेवन नियमित रूप से करना जरूरी होता है। टीबी रोगियों को दवाइयों के साथ ही, अपनी डाइट और जीवनशैली पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसलिए अगर आपको टीबी का कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करके जरूर टेस्ट करवाएं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
टीबी होने पर आपको फास्ट फूड, जंक फूड और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए।
टीबी 2 प्रकार की होती है। एक- पल्मोनरी टीबी, जो फेफड़ों को प्रभावित करती है। दूसरा- एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी, जो हड्डियों, मस्तिष्क और लिम्फ नोड्स को प्रभावित करती है।
हां, टीबी एक जानलेवा बीमारी है। इसलिए टीबी का समय पर इलाज करना बहुत जरूरी है।
हां, टीबी एक संक्रामक रोग है। यानी यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। आपको बता दें कि टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।