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Early Signs Of Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर आज के समय में महिलाओं में सबसे सामान्य प्रकार का कैंसर बन चुका है। यह बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी व्यक्ति को प्रभावित करती है। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर यह समझना बेहद जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं और यह दर्द किस प्रकार महसूस होता है। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमनें नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार (हेमेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ अमित उपाध्याय से बातचीत की। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। सबसे आम लक्षण है स्तन में एक गांठ या सूजन महसूस होना। यह गांठ अक्सर दर्द रहित होती है, लेकिन कभी-कभी हल्का दर्द हो सकता है। इसके अलावा, स्तन के आकार या आकार में बदलाव, त्वचा पर गड्ढे पड़ना या लालिमा आना भी ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हो सकते हैं। कुछ महिलाओं को निपल (स्तन के केंद्र का हिस्सा) में बदलाव दिख सकता है, जैसे कि निपल का अंदर की ओर मुड़ जाना या उसमें से खून या अन्य तरल पदार्थ का रिसाव होना। इसके अलावा, बगल के नीचे या कॉलर बोन (गर्दन के नीचे की हड्डी के पास) में सूजन या गांठ भी महसूस हो सकती है, क्योंकि कैंसर लिम्फ नोड्स में फैल सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई दर्द नहीं होता, इसलिए इसे "साइलेंट डिजीज" भी कहा जाता है। हालांकि, जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, कुछ महिलाओं को स्तन में लगातार दर्द महसूस हो सकता है जो लगभग हमेशा रहता है।। यह दर्द जलन जैसा या चुभन जैसा महसूस हो सकता है।
अगर कैंसर त्वचा या आसपास की नसों पर असर करता है, तो दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। दर्द अक्सर स्तन के एक विशेष हिस्से में केंद्रित रहता है और छूने पर संवेदनशील हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द बगल, कंधे या पीठ तक भी फैल सकता है।
अगर आपको अपने स्तनों में कोई भी असामान्य बदलाव दिखे, जैसे गांठ, त्वचा में खिंचाव, निपल से असामान्य रिसाव या लगातार दर्द, तो इसे नजरअंदाज न करें। जल्दी जांच और इलाज से कैंसर को काबू में किया जा सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए नियमित सेल्फ-एग्जामिनेशन (स्वयं जांच) करें और 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित मैमोग्राफी कराना जरूरी है। स्वस्थ जीवनशैली, जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, शराब और तंबाकू से परहेज, कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। अंत में, जागरूक रहना ही सबसे बड़ी कुंजी है। किसी भी नए बदलाव को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से सलाह लें। याद रखें, कैंसर का जल्द पता लगाना ही बचाव और उपचार का सबसे प्रभावी तरीका है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।