यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया कैसे हो जाता है? क्या गठिया रोगियों का हर वक्त बढ़ा रहता है uric acid

यूरिक एसिड ज्यादा समय तक बढ़ा हुआ रहता है, तो यह छोटे-छोटे क्रिस्टल के रूप में बदलकर जोड़ों में जमा होने लगते हैं। इससे दर्द और सूजन होनी शुरू हो जाती है।

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Written By: Anju Rawat | Published : January 29, 2026 11:00 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Rahul Jain

High Uric Acid: हाई यूरिक एसिड का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में गठिया की तस्वीर बन जाती है। उन्हें लगता है कि जिस व्यक्ति के शरीर में यूरिक एसिड बढ़ गया है, उसे गठिया रोग होना स्वाभाविक है। हालांकि, ऐसा ज्यादातर मामलों में होता भी है। यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी समस्याएं शुरू होने लगती हैं, जो गठिया के संकेत माने जाते हैं। लेकिन, अब यह समझना जरूरी है कि यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया कैसे होता है? या गठिया मरीज का यूरिक एसिड हमेशा बढ़ा रहता है? हाई यूरिक एसिड और गठिया रोग कब खतरनाक होता है? आइए, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के डायरेक्टर-रूमेटोलॉजी डॉ. राहुल जैन (Dr. Rahul Jain, Director - Rheumatology, Narayana Hospital, Jaipur) से जानते हैं गठिया और यूरिक एसिड से जुड़े इन्हीं सवालों के जवाब-

यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया कैसे हो जाता है?

डॉ. राहुल बताते हैं, "शरीर में यूरिक एसिड एक वेस्ट प्रोडक्ट के रूप में बनता है। जब शरीर प्यूरीन नामक रसायन को तोड़ता है, तब यूरिक एसिड बनता है। आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को बाहर निकाल देती है। लेकिन, जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है और यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाती है, तो इस स्थिति में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगता है और खून में इसका स्तर बढ़ जाता है।"

दरअसल, जब खून में यूरिक एसिड ज्यादा समय तक बढ़ा हुआ रहता है, तो यह छोटे-छोटे क्रिस्टल के रूप में बदलकर जोड़ों में जमा होने लगते हैं। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द, लालिमा और गर्माहट जैसी समस्याएं शुरू होने लगती हैं। इसी स्थिति को गाउट या यूरिक एसिड से होने वाला गठिया कहा जाता है। अधिकतर मामलों में पैर के अंगूठे का जोड़ सबसे पहले प्रभावित होता है। इसलिए इस लक्षण की बिल्कुल अनदेखी न करें।

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क्या गठिया रोगियों का हर वक्त बढ़ा रहता है यूरिक एसिड?

नहीं, गठिया रोगियों में हर वक्त यूरिक एसिड बढ़ा हुआ नहीं रहता है।यह एक आम गलतफहमी है कि गठिया के मरीजों का यूरिक एसिड हमेशा बढ़ा हुआ रहता है। कई बार गठिया का तेज दर्द होने पर भी यूरिक एसिड की रिपोर्ट सामान्य आ सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस समय यूरिक एसिड खून से निकलकर जोड़ों में जमा हो चुका होता है।

कई लोगों में सालों तक यूरिक एसिड बढ़ा रहता है, लेकिन गठिया के लक्षण नहीं दिखते। वहीं, कुछ लोगों में अचानक से गठिया का अटैक हो जाता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ एक रिपोर्ट से बीमारी की गंभीरता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। अगर यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, तो यह धीरे-धीरे गठिया रोग को विकसित कर सकता है। जीवनशैली, खान-पान, वजन, किडनी की सेहत और जेनेटिक कारण भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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जानें कब बनती है यह समस्या इमरजेंसी?

हर गठिया का दर्द इमरजेंसी नहीं बनता है। लेकिन, कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जिनमें तुरंत इलाज की जरूरत पड़ती है।

  • जब जोड़ों का दर्द काफी बढ़ जाता है और चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है।
  • जब जोड़ों में सूजन काफी बढ़ जाती है और पैर-हाथ सूज होते हैं।
  • सूजन के साथ बुखार और असहनीय दर्द होने पर इमरजेंसी स्थिति होती है।
  • अगर जोड़ों की बनावट बदलने लगे या त्वचा के नीचे कठोर गांठें बनने लगे तब यह इमरजेंसी हो सकती है।
  • किडनी में पथरी होने पर डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। इस स्थिति में आपको पेशाब में जलन हो सकती है या पेशाब की मात्रा कम हो सकती है।
यूरिक एसिड और गठिया को सिर्फ दर्द की एक बीमारी मानना सही नहीं है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म और किडनी से जुड़ी एक पूरी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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