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Medically Verified By: Dr. Saroj Kumar Yadav
डायबिटीज एक आम बीमारी है, जिससे आजकल कई लोग जूझ रहे हैं। डायबिटीज को शुगर की बीमारी भी कहा जाता है। यह साइलेंट किलर की तरह काम करती है। यानी डायबिटीज रोग शरीर को अंदर से धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। शुरुआत में लोग डायबिटीज को सामान्य समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन जब स्थिति बिगड़ती है तो यह किडनी और हार्ट हेल्थ को भी बुरी तरह से प्रभावित कर देती है। हालांकि, कई बार डायबिटीज रोगी को इसके लक्षण तब तक महसूस नहीं होते हैं, जब तक शरीर का कोई अहम अंग प्रभावित नहीं होता है। लेकिन, यह बीमारी शरीर को चुपचाप कैसे नुकसान पहुंचाती है? आइए, आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट-इटरनल मेडिसिन डॉ. सरोज कुमार यादव से जानते हैं इसके बारे में-
डायबिटीज यानी बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल ब्लड वेसल्स को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों को कठोर और संकरी बना देता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपको डायबिटीज है, तो समय-समय पर हृदय की जांच भी जरूर करवाते रहें।
डायबिटीज, आंखों की सेहत को भी प्रभावित करता है। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है तो इससे आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल बढ़े रहने से आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचता है। इस स्थिति को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। धुंधला दिखाई देना, आंखों के आगे धब्बे नजर आना आदि डायबिटिक रेटिनोपैथी के संकेत हो सकते हैं। अगर लंबे समय तक इसका इलाज न किया जाए तो व्यक्ति के आंखों की रोशनी पूरी तरह खो सकती है।
डायबिटीज, किडनी की सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। यह किडनी की सूक्ष्म रक्त नलियों को प्रभावित करती है। इस स्थिति में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखता है, लेकिन जब स्थिति गंभीर रूप लेती है तब पेशाब में झाग निकल सकता है। यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और किडनी फेलियर का खतरा बढ़ सकता है।
डायबिटीज रोग, नसों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसकी वजह से हाथ और पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। अगर आपको पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट हो तो इस स्थिति में तुरंत ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर कराएं।
डायबिटीज रोगियों में घाव भी तेजी से नहीं भरता है। डायबिटीज, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। इससे संक्रमण जल्दी होता है और घाव भरने में भी समय लगता है। डायबिटीज रोगियों में यूटीआई का जोखिम भी ज्यादा बना रहता है।
डायबिटीज की सबसे खतरनाक बात है कि यह बीमारी शरीर को चुपचाप नुकसान पहुंचाती है। इसलिए इसका इलाज समय पर कराना बहुत जरूरी है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।