
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr Abhijit Borse
आज के दौर में बहुत कम उम्र में ही हार्ट से जुड़ी बीमारियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में लोग आसान, किफायती और मजेदार एक्सरसाइज की तलाश करने लग गए हैं। एक ऐसी एक्टिविटी जिसे बड़े-बड़े कार्डियोलॉजिस्ट भी बार-बार करने की सलाह देते हैं, वह है साइकिल चलाना। चाहे आप पड़ोस में यूं ही चक्कर काट रहे हों, साइकिल से ऑफिस जा रहे हों, या वीकेंड पर किसी साइकिलिंग ग्रुप के साथ निकल रहे हों, रेगुलर साइकिल चलाने से आपके दिल की सेहत को गजब के फायदे मिलते हैं।
मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के हार्ट स्पेशलिस्ट और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अभिजीत बोरसे कहते हैं कि साइकिल चलाने से सिर्फ कैलोरी बर्न नहीं होती या फिटनेस नहीं सुधरती, बल्कि यह आपके दिल और खून की नसों के लिए एक अचूक दवा की तरह काम करती है। नई रिसर्च से पता चलता है कि रोजाना साइकिल चलाने से धमनियां मजबूत होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और यह शरीर में हीमोग्लोबिन के लेवल को भी बेहतर बनाती है, जिससे बॉडी में ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा होता है।
साइकिल चलाना मुख्य रूप से एक एरोबिक एक्सरसाइज है। जब आप साइकिल चलाते हैं, तो आपके पैरों की बड़ी मांसपेशियां लगातार काम करती हैं, जिससे शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए दिल तेजी से पंप करता है और फेफड़े फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं।
Cycling
वक्त के साथ, जब आप इसे रूटीन में लाते हैं, तो आपका कार्डियोवास्कुलर सिस्टम बहुत मजबूत हो जाता है। दिल की मांसपेशियां इतनी ताकतवर हो जाती हैं कि वे हर धड़कन के साथ ज्यादा खून पंप कर पाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि आराम करते समय भी आपकी हार्ट रेट नॉर्मल या कम रहती है, जो कि एक फिट दिल की निशानी है। कई स्टडीज में यह साबित हो चुका है कि जो लोग रेगुलर साइकिल चलाते हैं,उनमें दिल की बीमारी, अचानक मौत और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी दिक्कतों का खतरा बहुत कम हो जाता है।
एक हेल्दी आर्टरी का लचीला होना जरूरी है, ताकि वह हर धड़कन के साथ फैल और सिकुड़ सके। लेकिन बढ़ती उम्र, स्मोकिंग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और लगातार बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल के कारण ये धमनियां सख्त हो जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। साइकिल चलाने का सबसे जादुई असर हमारी नसों की अंदरूनी परत पर पड़ता है। यह परत ब्लड प्रेशर और खून के थक्के जमने को कंट्रोल करती है।
Artery
डॉक्टर कहते हैं कि जब हम साइकिल चलाते हैं, तो तेजी से बहने वाला खून नसों की दीवारों पर एक हल्का सा दबाव बनाता है। इससे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड नाम का तत्व रिलीज होता है, जो नसों को आराम देता है और ब्लड सर्कुलेशन को आसान बनाता है। रिसर्च बताती है कि साइकिल चलाने जैसी एक्सरसाइज से नसें लचीली बनी रहती हैं, जिससे उनमें ब्लॉकेज जमने का खतरा काफी कम हो जाता है।
हीमोग्लोबिन हमारे रेड ब्लड सेल्स में पाया जाने वाला एक आयरन प्रोटीन है, जिसका काम फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाना है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन ठीक से काम करता है, तो स्टेमिना बढ़ता है और थकान कम होती है। जब आप लगातार साइकिल चलाते हैं, तो आपका शरीर ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल करना सीख जाता है।
डॉक्टर कहते हैं कि लगातार की जाने वाली एक्सरसाइज से शरीर में रेड ब्लड सेल्स और ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता बेहतर होती है। हालांकि, साइकिल चलाना एनीमिया का सीधा इलाज नहीं है, लेकिन साइकिल चलाने वालों का ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट सिस्टम आम लोगों से कहीं ज्यादा मजबूत और एफिशिएंट होता है।
साइकिल चलाने के फायदे सिर्फ नसों और हीमोग्लोबिन तक ही सीमित नहीं हैं। यह एक साथ दिल की बीमारी बढ़ाने वाले कई खतरों को खत्म करती है-
जो लोग ऑफिस में घंटों बैठकर काम करते हैं, उनके लिए साइकिल चलाना किसी वरदान से कम नहीं है। लगातार बैठे रहने से नसें सुस्त और सख्त हो जाती हैं, जिसे रोज थोड़ी देर साइकिल चलाकर ठीक किया जा सकता है।
डॉक्टर बोरसे का कहना है कि अच्छी बात यह है कि इन फायदों को पाने के लिए आपको कोई प्रोफेशनल साइक्लिस्ट बनने की जरूरत नहीं है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मीडियम एक्सरसाइज काफी है। यानी अगर आप सप्ताह में 5 दिन रोज 30 मिनट भी साइकिल चलाते हैं, तो यह आपके लिए परफेक्ट है।
शुरुआत करने वाले लोग रोज 15 से 20 मिनट की छोटी राइड से शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं। स्पीड से ज्यादा जरूरी है कि आप इसे रोज करें।
Disclaimer : ध्यान रखें कि साइकिल चलाना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अगर आपको पहले से किसी तरह की परेशानी है तो एक बार अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें। ताकि आगे होने वाली परेशानियों को रोका जा सके। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह के एक्सरसाइज को ना करें।