युवा एथलीट्स जोड़ों और हड्डियों की सेहत कैसे सुधारें? एक्सपर्ट ने दिए महत्वपूर्ण टिप्स
युवा एथलीट्स किस तरह से अपनी हड्डियों को रख सकते हैं लंबी उम्र तक मजबूत इस पर विस्तार से बताया फोर्टिस हीरानंदानी हॉस्पिटल, मुंबई के सीनियर कंसल्टेंट-ऑर्थोपेडिक सर्जरी डॉ. मनीष सोनटक्के ने...
Athletes and Bone Health: देश में कई युवा हैं, जो एक सफल एथलीट बनने का सपना देखते हैं। उसके लिए वे कड़ी मेहनत करते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं। एक सफल एथलीट बनने के लिए ना सिर्फ कड़ी मेहनत, प्रैक्टिस करने की जरूरत होती है, बल्कि शरीर से भी फिट रहना होता है। मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती एक एथलीट के लिए बेहद जरूरी है। खासकर, हड्डियों की सेहत दुरुस्त नहीं होगी, हड्डियां मजबूत नहीं होंगी, तो किसी भी खेल में आगे बढ़ने में समस्या आ सकती है। युवा एथलीट्स को स्पोर्ट्स की गतिविधियों से स्वास्थ्य के अनेक फायदे होते हैं। हालांकि, कुछ एथलीट्स लो बोन डेन्सिटी और अस्थिपंजर की कमजोर सेहत का शिकार हो सकते हैं। इसके कारण उन पर हड्डियों के टूटने का अधिक जोखिम बना रहता है। युवा एथलीट्स में न्यून अस्थि घनत्व (low bone density) की देरी से जांच और अनुपयुक्त उपचार के कारण संकट बढ़ सकता है और भविष्य में स्पोर्ट्स में टिके रहने तथा हड्डियों के दीर्घकालीन स्वास्थ्य के लिए इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, युवा एथलीट्स को अल्पकालिक (short term) तौर पर हड्डियों में चोट का जोखिम कम करने और लंबे समय में स्पोर्ट से रिटायर होने के बाद अपनी हड्डियों की सेहत पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। फोर्टिस हीरानंदानी हॉस्पिटल, वाशी मुंबई के सीनियर कंसल्टेंट-ऑर्थोपेडिक सर्जरी डॉ. मनीष सोनटक्के (Dr. Manish Sontakke, Senior Consultant-Orthopedic Surgery, Fortis Hiranandani Hospital, Vashi) ने बताया किस तरह से एक युवा एथलीट अपने हड्डियों का रख सकते हैं ख्याल...
एथलीट्स के लिए हड्डियों की सेहत के क्या अर्थ है?
हड्डियों की सेहत दो प्रमुख घटकों से जुड़ी है - एथलीट और/या प्रशिक्षकों (कोच) के मन में प्राथमिक घटक हड्डियों में चोट से बचना होता है, क्योंकि व्यापक रूप से यह खेल प्रदर्शन के परिणामों के लिए तात्कालिक खतरा होता है। एथलीटों को हड्डियों में होने वाली सबसे आम चोट स्ट्रेस फ्रैक्चर है। हड्डियों में चोट अपेक्षाकृत अनेक खेलों में, विशेषकर बहुत ज्यादा और बहुत तीव्रता के साथ प्रशिक्षण के मामले में होती रहती है, जिसके कारण स्ट्रेस फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
हड्डियों के स्वास्थ्य से संबंधित लॉन्ग-टर्म जोखिम
कुछ खेलों के लिए चोट के खतरे के अलावा, हड्डियों के स्वास्थ्य से सम्बंधित दीर्घकालीन जोखिम (Long-Term Risk) होते हैं और ऑस्टियोपेनिया (Osteopenia) और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) से बचना जरूरी हो जाता है, विशेषकर जब वयस्क होने के शुरुआती समय के दौरान कुछ एथलीटों में बोन मास पहले ही से कम रहा हो। उच्चतम बोन मास का लगभग 90% हिस्सा एथलीट के जीवन के तीसरे दशक के शुरुआती वर्षों में बनता है। असल में, एथलीट के 30 वर्ष की उम्र का होने तक जितना बोन मास प्राप्त होता है, वह उनके पूरे जीवन काल में लगभग उच्चतम होता है। इसे देखते हुए, महत्व न केवल बोन मास का है, बल्कि हड्डी की शक्ति भी महत्वपूर्ण है, जिसमें हड्डी की ज्योमेट्री और माइक्रोआर्किटेक्चरल बनावट शामिल है।
ऑस्टियोपोरोसिस से होने वाली समस्याएं
हड्डियों का ध्यान ना रखा जाए, तो बढ़ती उम्र में हड्डी कमजोर होने लगती है। ऑस्टियोपोरोसिस होने पर बोन मास कम हो जाता है। इससे बोन टिशू का क्षरण होने लगता है। हड्डियों का भुरभुरापन बढ़ जाता है। इस प्रकार व्यक्ति हड्डियों के टूटने के प्रति संवेदनशील हो जाता है। भारत में अनुमानतः लगभग 50 मिलियन लोग या तो 2.5 से कम टी-स्कोर के साथ ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हैं या 1 से लेकर 2.5 टी-स्कोर के साथ न्यून बोम मास से पीड़ित हैं। इस तरह, एथलीट्स के लिए हड्डियों का स्वास्थ्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
किस तरह युवा एथलीट्स को रखना चाहिए अपनी हड्डियों का ख्याल (How to improve joint and bone health in young athletes)
- एक्सरसाइज करने से हर उम्र में हड्डियों को फायदा (How Athletes to take care of bones) होता है। यह ऑस्टिओपोरोसिस के निवारण और उपचार में एक महत्वपूर्ण घटक है। हड्डियों की सेहत को दुरुस्त रखने में विटामिन डी, कैल्शियम और हॉर्मोन्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- व्यायाम और पोषण के बीच असंतुलन होने से हड्डियों की सेहत कमजोर होने लगती है और इसका परिणाम होता है बोन स्ट्रेस इंजरी और शुरुआती ऑस्टियोपोरोसिस। हड्डियों के स्वास्थ्य से संबंधित दीर्घकालीन समस्याओं को रोकने के लिए फीमेल एथलीट ट्रायड’ (Female Athlete Triad) तथा अन्य स्ट्रेस फ्रैक्चर जोखिम घटक की शीघ्र पहचान और उपचार महत्वपूर्ण है।
- हड्डियों का स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए जिंदगी भर पर्याप्त पोषण, हेवी एक्सरसाइज, शक्ति संचय प्रशिक्षण (strength accumulation training), पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी आवश्यक हैं।
- एथलीट्स को अनिवार्य रूप से सही उपकरण पहन कर और जोड़ों का स्वास्थ्य बढ़ाने वाले तरीके से व्यायाम करके अपने जोड़ों की समुचित रक्षा करनी चाहिए।
- अपने वजन पर ध्यान देना चाहिए। हेल्दी डाइट, फिजिकल थेरेपिस्ट से परामर्श करके अपने जोड़ों (Joints Health) का ध्यान रखना चाहिए। हड्डियों के जोड़ों के लिए फायदेमंद गतिविधियों का चुनाव करके, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हड्डियों को हेल्दी बनाए रख सकते हैं।