
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : May 16, 2026 11:33 AM IST
Medically Verified By: Dr Bipeenchandra Y Bhamre
हाई बीपी
हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ बुजुर्ग मरीजों में ही नहीं, बल्कि युवाओं में भी देखा जा रहा है। जिसका सबसे बड़ा कारण हम खुद ही हैं। जी हां, आजकल, ज्यादा नमक वाला खाना, तनाव, नींद की कमी और खाने-पीने की बुरी आदतें ब्लड प्रेशर पर असर डाल रही हैं और युवाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा रही हैं। इसलिए, अब समय आ गया है कि हम दिल की सेहत पर ध्यान दें और स्वस्थ रहें।
कैसे? इसी सवाल का जवाब पाने के लिए हमने सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर बिपिन चंद्र भामरे से बात की। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग 140/90 जैसी ब्लड प्रेशर रीडिंग को नजरअंदाज कर देते हैं, यह सोचकर कि यह सिर्फ कुछ समय के लिए बढ़ा है और थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा। लेकिन यह धीरे-धीरे हार्ट के लिए खतरा बनता जाता है। कैसे? आइए जानते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि लोगों को लगता है कि स्ट्रेस या ज्यादा मेहनत करने से BP बढ़ सकता है और यह शायद नुकसानदायक न हो। लेकिन, हाई ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं, सिर्फ एक नंबर नहीं है। क्या आप जानते हैं? यह दिल की सेहत के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है और यह सालों तक कोई साफ लक्षण दिखाए बिना धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
आजकल, बहुत से लोग ऐसी जीवनशैली अपना रहे हैं जिसमें शारीरिक मेहनत कम होती है और उनमें हाइपरटेंशन आम बात है। इसलिए, जो लोग अपनी 30 और 40 की उम्र में हैं, वे अब हाइपरटेंशन से जूझ रहे हैं और उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा है।
हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए डॉक्टर कहते हैं कि ‘3S पर ध्यान देना बहुत जरूरी है और यह 3 एस हैं नमक (Salt), तनाव (Stress) और नींद (Sleep), जो इस बढ़ती हुई समस्या में अहम भूमिका निभाते हैं। ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। बहुत से लोग पैकेट वाले स्नैक्स, फास्ट फ़ूड, अचार, चिप्स, सॉस और प्रोसेस्ड खाना खाते हैं, जिनमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है।
ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे खून की नसों पर दबाव बढ़ता है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। बाद में, इससे दिल कमजोर हो जाता है और आर्टरीज को नुकसान पहुंचता है। इसलिए, व्यक्ति को दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है।
लोग लंबे समय तक काम करने, पैसों की तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और स्क्रीन की लत के कारण भी तनाव में हो सकते हैं, और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है और जिसका असर दिल पर पड़ सकता है। डॉक्टर बताते हैं तनाव के कारण बहुत से लोगों को दिल का दौरा यानी कि हार्ट अटैक भी पड़ सकता है। काम के दबाव, मोबाइल फोन के इस्तेमाल या अनियमित दिनचर्या के कारण बहुत से लोग देर से सोते हैं, और उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टर यह कहते हैं कि यह समझ लें कि अगर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल न किया जाए, तो इससे दिल का दौरा, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक, किडनी को नुकसान, दिल की धड़कन का अनियमित होना और यहां तक कि आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई मामलों में, मरीजों को हाइपरटेंशन होने का पता तब चलता है, जब उन्हें दिल से जुड़ी कोई गंभीर इमरजेंसी हो जाती है।
इसलिए, किसी एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार, अपने BP की जांच करते रहें। लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में बेचैनी, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, थकान या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, हाइपरटेंशन बिना किसी लक्षण के भी हो सकता है, इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करना बेहद जरूरी है।
डॉक्टर के अनुसार हाइपरटेंशन को नमक का सेवन कम करके, घर का बना ताजा खाना खाकर, रोजाना 45 मिनट व्यायाम करके, दिन में 7–8 घंटे सोकर, योग या ध्यान करके तनाव को नियंत्रित करके, धूम्रपान छोड़कर और शराब का सेवन कम करके नियंत्रित किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर- जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 के आस-पास या उससे ज्याजा रहता है, उन्हें सही जांच के लिए किसी कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर इलाज करवाना चाहिए। अपनी रीडिंग को नोट करना भी जरूरी है, ताकि डॉक्टर दवा और उसकी खुराक के बारे में सही फैसला ले सकें। हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करें और अपने दिल को सुरक्षित रखें।