
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Image Credit : ChatGPT
आज के समय में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की परेशानी काफी ज्यादा आम हो चुकी है। यह दोनों ही, सबसे तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल बीमारियां हैं। इन दोनों ही समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन जब ये लंबे समय तक कंट्रोल में नहीं रहते, तो सबसे ज्यादा असर किडनी पर पड़ता है। शालीमार बाग स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एंड यूनिट हेड डॉ. योगेश कुमार छाबड़ा का कहना है कि क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के प्रमुख कारणों में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सबसे आगे हैं। आइए इस विषय को डॉक्टर से अच्छे से समझते हैं-
डायबिटीज का असर आपकी किडनी पर पड़ सकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डायजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के मुताबिक, डायबिटीज होने पर हमारे शरीर का ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ा हुआ रहता है। यह हाई शुगर धीरे-धीरे किडनी के छोटे-छोटे ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचाने लगता है। किडनी का मुख्य काम ब्लड को फिल्टर करना है। लेकिन जब ब्लड शुगर ज्यादा रहता है, तो यह फिल्टरिंग सिस्टम खराब होने लगता है और प्रोटीन जैसे जरूरी तत्व पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगते हैं। इस स्थिति को डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है।
ब्लड प्रेेशर बढ़ने की स्थिति में किडनी को नुकसान हो सकता है। नेशनल किडनी फाउंडेशन के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर किडनी की ब्लड वेसल्स पर अतिरिक्त दबाव डालता है। लंबे समय तक यह दबाव किडनी की फिल्टरिंग क्षमता को कमजोर कर देता है। ऐसे में धीरे-धीरे किडनी ठीक से ब्लड को फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। इसे हाइपरटेंसिव किडनी डिजीज कहा जाता है।
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर दोनों होते हैं, तो किडनी पर डबल स्ट्रेस पड़ता है। यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि किडनी फंक्शन तेजी से गिरता है।इस स्थिति में प्रोटीन यूरिन में बढ़ जाता है और किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में कई बार डायलिसिस की भी जरूरत पड़ सकती है
किडनी डैमेज धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं। इसके कुछ शुरुआती लक्षण निम्न हैं-
डॉक्टर कहते हैं कि सही समय पर कंट्रोल करके किडनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। बस इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-
Disclaimer: ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियां हैं। अगर इन्हें समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो यह क्रॉनिक किडनी डिजीज और यहां तक कि किडनी फेलियर का कारण बन सकती हैं। अच्छी लाइफस्टाइल, सही डाइट और नियमित जांच से इस खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।